9 साल के बेटे से पिट रहा पूरा परिवार! मां ने मेकअप से छुपाईं चोटें, कैसे बेटे के ऑटिज्म ने बर्बाद कर दी जिंदगी

एक मां ने खुलासा किया कि उसका 9 साल का ऑटिज्म से पीड़ित बेटा इतना हिंसक हो चुका है कि पूरा परिवार मानसिक और शारीरिक यातना झेल रहा है. इलाज और थेरेपी के बावजूद हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाए हैं.;

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By :  रूपाली राय
Updated On : 19 Feb 2026 6:00 PM IST

जब महिलाओं के प्रति घरेलू हिंसा की बात आती है तो दिमाग में एक ही छवि बनती है पति द्वारा पत्नी को मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना. लेकिन यह मामला अन्य घरेलू मामलों से बिल्कुल विपरीत है. यह इतना विपरीत है कि एक माता-पिता को अपने बेटे के हाथों घरेलू हिंसा का शिकार होना पड़ रहा है. वो बेटा महज 9 साल का है. डेली मेल के मुताबिक, मारिया गुडमैन नाम की महिला का कहना है कि वह हर सुबह उठते ही खुद को तैयार करती है. क्योंकि आने वाला दिन फिर से मुश्किल भरा हो सकता है.

वह कहती है, 'मैं मेकअप की मदद से अपनी काली आंखों, चोटों और फटे हुए होंठों को छिपाती हूं. कपड़े भी बहुत सोच-समझकर चुनती हूं ताकि शरीर पर लगे नीले-काले निशान किसी को दिखाई न दें. गालियां सुनना मेरे लिए रोज़ की बात हो गई है. मुझे याद भी नहीं कि कितनी बार मुझे अपशब्द कहे गए हैं. मुझे लगता है कि मैं अपने ही घर में कैदी हूं. एक हिंसक रिश्ते में फंसी हुई. बाहर की दुनिया को सच बताने से मुझे बहुत डर लगता है. मेरे बच्चे भी इस हिंसा से घायल हुए हैं, जिससे मेरा दिल टूट चुका है. उनकी सुरक्षा की भावना पूरी तरह खत्म हो गई है.'

9 साल के बेटे की हैवानियत

मारिया का कहना है इस मारपीट में उनके पति और अन्य तीन बच्चे भी शामिल है जो बुरी तरह से 9 साल के हेनरी से मार खाते है. यह बेहद दर्दनाक है इस उत्पीड़न में पूरे परिवार की जिंदगी बर्बाद हो गई है. मरिया ने कहा, '9 साल का बेटा हेनरी जिसे गंभीर ऑटिज्म (severe autism) है. वह इतना हिंसक हो जाता है कि उसकी ज़रूरतों ने हमारे पूरे घर पर कब्ज़ा कर लिया है. मैं बिना किसी संकोच के कह सकती हूं कि उसने मेरी ज़िंदगी बर्बाद कर दी है और मेरे पति तथा हमारे बाकी तीन बच्चों की ज़िंदगी भी. यह बात कहना समाज में एक तरह का टैबू माना जाता है. इसने हमारे शादीशुदा लाइफ, भावनाओं, स्वास्थ्य, आर्थिक हालत और सामाजिक रिश्तों पर बहुत बुरा असर डाला है.'

क्यों है वो इतना हिंसक

डेली मेल में मरिया ने बताया है कि हेनरी उनके प्रति इतना हिंसक क्यों है?. एक्सपर्ट्स ने बताया कि वह अपना गुस्सा मुझ पर इसलिए निकालता है क्योंकि मैं उसकी सबसे सुरक्षित जगह हूं वह इंसान जिस पर वह भरोसा करता है कि मैं कभी उसे छोडूंगी नहीं. इसमें हेनरी की कोई गलती नहीं. उसका दिमाग़ इसी तरह का है इसलिए मुझे बिना शिकायत के यह सब सहना पड़ता है.'

सपना जो बन गया डरावना

मरिया जो बस एक अच्छी मां होने की ख्वाहिश रखती थी उनका बैकग्राउंड बेहद शानदार रहा. वह बताती है, 'मैंने स्कूल और यूनिवर्सिटी में अच्छी पढ़ाई की, आईटी सेल्स में अच्छी नौकरी की. लेकिन अब सब कुछ इस स्थिति का शिकार हो गया है. मेरा एक भाई एक बहन थी, इसलिए मैंने छह बच्चों का सपना देखा था एक खुशहाल, प्यार भरा परिवार. जब 2008 में मेरी मुलाकात निक से हुई जो अब 46 साल के हैं, तो वे भी बड़ा परिवार चाहते थे. हमने कल्पना की थी कि हमारे बच्चे रविवार की सुबह बिस्तर पर चढ़कर एक-दूसरे से लिपटेंगे, बकिंघम शहर में हमारे घर के पास नदी किनारे कुत्तों के साथ घूमेंगे, और परिवार के साथ पार्कों व समुद्र तटों पर मस्ती भरी सैर करेंगे. फिर एम्बर (अब 16 साल), जॉर्ज (13 साल), फ्रेया (11 साल) आए. सब ठीक चल रहा था, जब तक हेनरी का जन्म नहीं हुआ. जुलाई 2017 में, जब मेरी उम्र 36 साल थी. वह खूबसूरत, प्यारा सा बच्चा जो दाई ने मेरी गोद में दिया था, अब एक डरावना लड़का बन चुका है.

4-6 साल की उम्र में हेनरी के व्यवहार में गंभीर समस्याएं दिखीं:

शुरुआती संकेत: तीन साल की उम्र में बोलने में देरी, खिलौनों से न खेलना, बहुत चिड़चिड़ापन. लेकिन कुछ बेसिक स्किल्स जैसे टॉयलेट जाना और ब्रश करना खुद सीख लिया. पानी से डर के कारण बहुत कम नहाता 10 दिन में एक बार यह संवेदी समस्या का संकेत है.

4 साल की उम्र में बड़ी समस्या शुरू: प्री-स्कूल छोड़ने के बाद असली चिंता शुरू हुई. एक दिन बड़ी बहन एम्बर (12 साल) को घर से भागने से रोकने पर मारने की कोशिश की. मां बीच में आईं तो हेनरी ने उन पर लात-घूंसे मारे. शांत होने में 45 मिनट लगे. पूरा परिवार रोया, मां ने घावों पर मरहम लगाई. यह हिंसक व्यवहार का पहला बड़ा संकेत था.

जांच और इंतजार: उसे जांच के लिए भेजा गया EHCP (Education, Health and Care Plan) लेकिन ऑटिज्म का पूरे निदान में बहुत समय लगा 1 साल तक इंतजार.

बाद की घटनाएं : 6 साल की उम्र  में स्कूल से बार-बार भागना, घर आ जाना सड़क पर खतरा. घर में तोड़फोड़ करना या अकेले तंबू में छिपना. एक बार स्कूल की खिड़की का शीशा तोड़ा, तो प्रिंसिपल ने पुलिस बुलाई. व्यवहार अब खतरनाक हो गया. 

निदान: CAMHS से मदद ली सिर्फ 4 दिनों में निदान: ऑटिज्म + generalized anxiety कारण भाषा की समस्या, छोटी-छोटी बात पर चिड़चिड़ापन होना.

उपचार: Clonidine दवा हिंसा/आक्रामकता कम करने के लिए. उसे Melatonin नींद के लिए दी जाती थी. पहले काम करती थी, आधे घंटे में सो जाता था अब नहीं.

स्कूल स्थिति: अलग टीचिंग असिस्टेंट नहीं, लेकिन कोई TA उसके साथ रहता है (सुरक्षा के लिए). जून 2024 में टीचर को मारा जिसके बाद उसे सस्पेंड कर दिया गया. अब वह वीकेंड में सिर्फ 4 घंटे स्कूल जाता है. मां ने निष्कासन की मांग की ताकि स्पेशल स्कूल में जल्दी एडमिशन मिले, लेकिन लोकल लेवल पर ऐसा स्कूल उपलब्ध नहीं. 

हम सभी मरने का सोचते है

ऐसे गंभीर हालत से गुजरने पर मरिया और उनका परिवार अवसाद में जा चुका है. मरिया का कहना है कि अब उनकी 30,000 पाउंड की नौकरी भी किसी काम की नहीं क्योंकि वह हेनरी की वजह से जॉब पर नहीं जा सकती. हेनरी के इस दुनिया में आने तक वह और उनका परिवार एक खुशहाल जीवन बीता रहा था. लेकिन अब घर में एक खामोशी होती है. मारिया अब कहीं घूमने-फिरने नहीं जाती उनकी अपने दोस्तों से मुलाकात भी कम होने लगी है. उनका कहना है कि न तो वो अपने दोस्तों को घर पर बुला सकती है न ही परिवार का कोई सदस्य अपने दोस्तों को बुला सकता है क्योंकि उनका हिंसक बेटा मेहमानों को बर्दाश्त नहीं कर पता.

पति से खत्म हुई रोमांटिक लाइफ 

मारिया का कहना है कि एक बार क्रिसमस पर कुछ मेहमान हमारे घर आए थे. हेनरी ने उन्हें जरा देर भी रहने नहीं दिया उसके हिंसक बर्ताव से उन्हें पार्टी छोड़कर जाना पड़ा. उस वक्त मेरे दूसरे बच्चों ने कहा- इससे अच्छा है कि हमें मर जाना चाहिए. मरिया का कहना है कि अब उनके पति के साथ उनका रोमांटिक जीवन तक ख़त्म हो गया हो गया हमारे बीच तलाक को लेकर भी चर्चा हो चुकी है. लेकिन पति को शायद यह सोचकर मुझे तलाक नहीं दे पा रहे है क्योंकि मैं अब जरूरत से ज्यादा तनाव में हूं और अब वह तलाक जैसा दर्द मुझे नहीं देना चाहते.

क्या कुछ हुए हैं बदलाव?

मारिया का कहना है कि कहीं हेनरी कुछ इतना बड़ा न कर दे कि जेल चला जाए जहां वह टिक नहीं पाएगा. अभी हालात थोड़े बेहतर हैं क्योंकि क्लोनिडीन की डोज बढ़ी है, इसलिए भाई-बहनों पर हमला बंद हुआ. इस हफ्ते नाई के पास ले जाकर बाल कटवाए। लेकिन बाद में हमला हुआ. CAMHS से फोन आता है, स्कूल में थेरेपी है, बाल रोग विशेषज्ञ से मिलते हैं. लेकिन क्या हम हमेशा इसी छोटी दुनिया में जीते रहेंगे? अब 45 साल की उम्र में भविष्य के लिए कोई उम्मीद नहीं पोतों-पोतियों से भरा घर का सपना अब नामुमकिन लगता है. हम बस अस्तित्व में जी रहे हैं, क्योंकि कोई चारा नहीं. 

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