Who Is Claudia Sheinbaum: हाल ही में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक सीक्रेट आदेश साइन किया है, जिसके तहत लैटिन ड्रग कार्टेल्स के खिलाफ विदेशी जमीन पर अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की जा सकेगी. इसका सीधा निशाना मेक्सिको में सर्जिकल स्ट्राइक का है. जिसके बाद, मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शिनबाम ने ट्रंप को खुली चुनौती दी है.

शुक्रवार (8 अगस्त) को राष्ट्रपति क्लॉडिया शिनबाम ने कहा था कि वह अपने देश में अमेरिकी सेना को घुसने नहीं देंगे. न इसे बर्दाश्त किया जाएगा. ट्रंप खुलेआम दुनिया भर के देशों पर टैरिफ लगा रहे हैं. ऐसे में आज हम जानेंगे सबसे ताकतवर देश होने का दावा करने वाले अमेरिका के राष्ट्रपति को चुनौती देने वाली क्लॉडिया शिनबाम के बारे में.

कौन हैं क्लॉडिया शिनबाम?

मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लॉडिया शिनबाम (Claudia Sheinbaum) का जन्म 24 जून 1962, मैक्सिको सिटी में हुआ था. वह एक पर्यावरण इंजीनियर राजनीतिज्ञ हैं. उन्होंने राष्ट्रीय स्वायत्त विश्वविद्यालय ऑफ़ मैक्सिको (UNAM) से भौतिक विज्ञान में शिक्षा प्राप्त की और ऊर्जा इंजीनियरिंग में पीएच.डी. की. साथ ही कैलिफोर्निया के लॉरेंस बर्कले नेशनल लेबोरेटरी में शोध भी किया.

2007 में उन्हें संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन पैनल के सदस्य के रूप में काम करते हुए, नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया. 2018 में शिनबाम मैक्सिको सिटी की पहली महिला मेयर चुनी गईं, जहां उन्होंने सार्वजनिक परिवहन, जल प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण जैसे क्षेत्रों में बदलावकारी पहलें की.

2024 में मेक्सिको के राष्ट्रपति बनने पद का चुनाव लड़ा और विपक्षी उम्मीदवार Xóchitl Gálvez को भारी मतों से हराते हुए जीत दर्ज की. 1 अक्टूबर 2024 को शिनबाम ने देश की पहली महिला राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली. साथ ही वे यह पद संभालने वाली यहूदी मूल की पहली अध्यक्ष भी बनीं.

ट्रंप को दी चुनौती

राष्ट्रपति क्लॉडिया शिनबाम ने शुक्रवार को कहा था कि उन्हें अमेरिका की ओर से एक गुप्त आदेश की जानकारी दी गई थी, लेकिन उसमें मेक्सिको में सैन्य तैनाती का कोई जिक्र नहीं था. शिनबाम ने स्पष्ट किया, अमेरिका की सैनिक टीमें मेक्सिको नहीं आएंगी. हम सहयोग कर सकते हैं, लेकिन कोई आक्रमण नहीं होने वाला यह पूरी तरह अस्वीकार्य है.

बता दें कि मेक्सिको के पूर्व अधिकारी आर्टुरो रोचा ने कहा कि यह अफगानिस्तान नहीं है, जहां शासन ढह गया हो और जो चाहो कर सकते हो. अगर पेंटागन मैक्सिको या आसपास देशों में सेना भेजने की योजना बताना है तो यह दोनों देशों के रिश्तों के लिए अच्छा नहीं होगा.