Israel-Iran War: इजराइल-अमेरिका के ज्वाइंट ऑपरेशन के खिलाफ ईरान का ज़ोरदार जवाब, 300+ मिसाइलें दागीं; जानें अपडेट्स
इजराइल और अमेरिका ने ईरान में संयुक्त सैन्य ऑपरेशन करते हुए 30 से ज्यादा ठिकानों को निशाना बनाया है. इसके जवाब में ईरान ने कार्रवाई करते हुए इजराइल की तरफ 300 से ज्यादा मिसाइलें दागी हैं. दोनों देशों के बीच बढ़ते हमलों के बाद क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया है.
Israel Iran War: इजराइल और अमेरिका ने ईरान में ज्वाइंट ऑपरेशन किया है, जिसमें 30 से ज्यादा ठिकानों को निशाना बनाया गया है. रिपोर्ट के मुताबिक इसके जवाब में ईरान ने 300 से ज्यादा मिसाइलें इजराइल की तरफ से दागी गई हैं.
जिस वक्त इजराइल ने हमला किया उस वक्त खामेनेई भाग खड़े हुए और उन्हें महफूज़ जगह शिफ्ट किया गया. डोनाल्ड ट्रंप ने इस बात पुष्टि की है कि यह यूएस और इजराइल का ज्वाइंट ऑपरेशन था. इस हमले के बाद साफ हो गया था कि ईरान इजराइल पर जवाबी हमला कर सकता है, जिसके लिए आईडीएफ ने पूरी तैयारी कर ली थी.
ईरान पर हुए हमले पर क्या बोले डोनाल्ड ट्रंप?
- ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सेना एक बड़ा और लगातार चल रहा अभियान चला रही है, ताकि इस कट्टर और खतरनाक तानाशाही शासन को अमेरिका और उसकी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बनने से रोका जा सके.
- उन्होंने कहा कि हम उनकी मिसाइलों को तबाह कर देंगे और उनके मिसाइल उद्योग को पूरी तरह खत्म कर देंगे.
- अमेरिकी राष्ट्रपति के मुताबिक, जून 2025 में अमेरिका की बमबारी से क्षतिग्रस्त हुए अपने परमाणु कार्यक्रम को ईरान फिर से खड़ा करने की कोशिश कर रहा था.
- ट्रंप ने कहा कि उन्होंने अपने परमाणु महत्वाकांक्षाओं को रोकने के हर मौके को ठुकरा दिया, और अब हम इसे और बर्दाश्त नहीं कर सकते.
- उन्होंने यह भी दोहराया कि संयुक्त राज्य अमेरिका की हमेशा से नीति रही है, खासकर मेरे प्रशासन की, कि यह आतंकी शासन कभी भी परमाणु हथियार नहीं रख सकता. मैं फिर कहता हूं, वे कभी भी परमाणु हथियार नहीं रख सकते.
इजराइल ने क्या कहा?
- इजराइल के प्रधानमंत्री ने देश को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले 47 सालों से आयतुल्लाओं की हुकूमत “इज़राइल मुर्दाबाद” और “अमेरिका मुर्दाबाद” के नारे लगाती रही है. इस शासन पर आरोप है कि उसने कई अमेरिकियों की हत्या की, खून बहाया और अपने ही लोगों पर अत्याचार किया.
- उन्होंने कहा कि इस हिंसक और आतंकी शासन को परमाणु हथियार हासिल करने की इजाजत नहीं दी जा सकती, क्योंकि इससे वह पूरी मानवता के लिए खतरा बन सकता है.
- नेतन्याहू ने कहा कि ईरान के सभी समुदायों- फारसी, कुर्द, अज़ेरी, बलोच और अहवाज़ी से अपील की गई कि वे तानाशाही की जंजीरों को तोड़कर अपने देश में आज़ादी और शांति के मूल्यों को स्थापित करें.
- आईडीएफ ने ईरान पर हमला करने के बाद कहा था कि स्थिति की समीक्षा के बाद तय किया गया है कि आज (शनिवार) सुबह 8 बजे से होम फ्रंट कमांड के दिशा-निर्देशों में तुरंत बदलाव किए जाएंगे.
- इन बदलावों के तहत पूरे देश को ‘फुल एक्टिविटी’ श्रेणी से हटाकर ‘आवश्यक गतिविधि’ (Essential Activity) कैटेगरी में रखा गया है.
- नए निर्देशों के मुताबिक शैक्षणिक गतिविधियों, पब्लिक मीटिंग्स और गैर-जरूरी कार्यस्थलों पर रोक रहेगी.
- केवल आवश्यक सेवाओं से जुड़े क्षेत्र ही काम करेंगे. लोगों से अपील की गई है कि वे होम फ्रंट कमांड के आधिकारिक चैनलों पर जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें.
ईरान ने कैसे लिया बदला?
- ईरान ने हमले के बाद कहा था कि वह इजराइल के इस हमले का जोरदार जवाब देगा. इस
- ईरान ने कहा था कि जंग इजराइल ने शुरू की है और खत्म वह करेगा
- ईरान की तरफ से 300 से ज्यादा मिसाइलें उत्तरी इजराइल की तरफ दागी गईं.
- इजराइली मीडिया ने कहा कि ईरान की तरफ से किए गए हमले में किसी की मौत नहीं हुई है.
- मिसाइल हमलों के बाद ईरान की सेना ने ड्रोन अटैक भी किए.