Mossad ही नहीं इजराइल की बाकी खुफिया एजेंसियां भी धुरंधर, एक के पास टॉप हैकिंग यूनिट्स, इतनी है खतरनाक
इजरायल की खुफिया ताकत सिर्फ Mossad तक सीमित नहीं है. Shin Bet देश के अंदर आतंकवाद से लड़ता है, Aman सेना के लिए रणनीतिक खुफिया जानकारी जुटाता है और Unit 8200 साइबर और सिग्नल इंटेलिजेंस में दुनिया की सबसे एडवांस यूनिट्स में गिनी जाती है.
इजरायल की खुफिया ताकत सिर्फ मोसाद तक सीमित नहीं है. इसके साथ शिन बेट देश के अंदर आतंकवाद से लड़ता है, अमान सेना के लिए रणनीतिक खुफिया जानकारी जुटाता है, और Unit 8200 साइबर और सिग्नल इंटेलिजेंस में दुनिया की सबसे एडवांस यूनिट्स में गिनी जाती है. यह साइबर वॉर में इजरायल की सुप्रीमेसी बनाए रखने के मकसद से बनाया गया है. यह युनिट बहुत खतरनाक है.
इजरायल की इन खुफिया एजेंसियों ने Operation Entebbe से लेकर Stuxnet cyberattack तक, कई हाई-प्रोफाइल ऑपरेशन किए हैं. यही वजह है कि इजरायल को दुनिया की सबसे प्रभावशाली इंटेलिजेंस पावर माना जाता है, जहां जासूसी सिर्फ जानकारी जुटाना नहीं, बल्कि रणनीतिक हथियार बन चुकी है. इजरायल की ये चार खुफिया ताकतें मिलकर एक ऐसा जाल बनाती हैं, जहां दुश्मन के लिए छिपना लगभग नामुमकिन हो जाता है. जानें इन एजेंसियों के बारे में डिटेल.
1. मोसाद
इजरायल में चार खुफिया एजेंसी हैं. इनमें मोसाद सबसे अहम है. मोसाद (Mossad) का पूरा नाम हिब्रू भाषा में 'HaMossad leModi'in uleTafkidim Meyuchadim' है, जिसका मतलब खुफिया और विशेष अभियानों का संस्थान होता है. इंगलिश में इसका पूरा नाम Institute for Intelligence and Special Operations) है. यह इजराइल की प्रमुख विदेशी खुफिया एजेंसी है, जो 13 दिसंबर 1949 से काम कर रही है.
मोसाद की डेविड बेन गूरियन ने की थी. इसका मकसद विदेशों से खुफिया जानकारी जुटाना, गुप्त ऑपरेशन, आतंकवाद का मुकाबला करना और देश की सुरक्षा करना है. यह सीधे इजरायल के प्रधानमंत्री को रिपोर्ट करती है. इसका कार्य क्षेत्र देश की सीमाओं से बाहर विदेशी खुफिया जानकारी हासिल करना है.
मोसाद दुनिया की सबसे खतरनाक और प्रभावी एजेंसियों में गिनी जाती है. ऑपरेशन गुप्त और बेहद सटीक होते हैं. इसके चर्चित ऑपरेशंस में Operation Entebbe है. इस ऑपरेशन के तहत मोसाद ने नाजी अधिकारी Adolf Eichmann को अर्जेंटीना से पकड़कर लाना था.
2. शिन बेट या शाबाक
Shin Bet का पूरा नाम Israel Security Agency है. यह देश के अंदर सुरक्षा (Internal Security), आतंकवाद विरोधी ऑपरेशन, जासूसी और काउंटर-इंटेलिजेंस एवं VIP सुरक्षा को सुनिश्चित करना है. इसकी खासियत यह है कि ये फिलिस्तीनी क्षेत्रों और इजरायल के अंदर सुरक्षा पर फोकस करता है और आतंकी हमलों को रोकने में अहम भूमिका निभाता है.
3. Aman
इजरायल की खुफिया एजेंसी अमान का पूरा नाम Military Intelligence Directorate है. यह सेना के लिए खुफिया जानकारी जुटाता है. युद्ध की रणनीति बनाता है और दुश्मन देशों की सैन्य क्षमता का अनुमान भी लगाता है. अमान सीधे इजरायल की सेना (IDF) को रिपोर्ट करती है. इसकी वॉर के समय सबसे महत्वपूर्ण भूमिका होती है.
4. Unit 8200
इजरायल की यह खुफिया एजेंसी कम चर्चित है, लेकिन आज दौर के हिसाब से सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है. इसका काम साइबर इंटेलिजेंस, सिग्नल इंटरसेप्शन (फोन, इंटरनेट डेटा), हैकिंग और टेक्नोलॉजी आधारित जासूसी है. इसे इजरायल का “NSA” कहा जाता है. कई बड़े साइबर ऑपरेशन इसी यूनिट से जुड़े माने जाते हैं.
इजरायल की Unit 8200 (यूनिट 8200) दुनिया की सबसे उन्नत और शक्तिशाली सिग्नल इंटेलिजेंस (SIGINT) और साइबर-इंटेलिजेंस यूनिट में से एक है. यह मुख्य रूप से इजरायल डिफेंस फोर्सेज (IDF) की 'मिलिट्री इंटेलिजेंस डायरेक्टोरेट' के अधीन काम करती है. यह यूनिट सिग्नल इंटेलिजेंस, डेटा माइनिंग, साइबर हमले और दुश्मनों की रणनीतियों को डिकोड करने के लिए जिम्मेदार है.
यूनिट 8200 यूनिट रेडियो, उपग्रह, फाइबर-ऑप्टिक, और इंटरनेट ट्रैफ़िक को इंटरसेप्ट (intercept) करती है. साथ ही दुश्मन की संचार प्रणालियों को हैक करने और डेटा इकट्ठा करने का काम करती है. यह सीधे तौर पर सैन्य खुफिया विभाग का हिस्सा है. इस यूनिट का नाम अक्सर ईरान के परमाणु कार्यक्रम को नुकसान पहुंचाने वाले स्टक्सनेट (Stuxnet) वायरस और लेबनान में हिजबुल्लाह के खिलाफ डिजिटल हमलों से जोड़ा जाता है. इसे इजरायल की खुफिया ताकत की रीढ़ माना जाता है, जो संघर्षों के दौरान सटीक जानकारी प्रदान करती है. Unit 8200 इजरायल का एक डिजिटल 'जासूस' है, जो बिना युद्ध के भी दुश्मनों पर भारी पड़ती है.
खुफिया एजेंसियों के चर्चित ऑपरेशंस
मोसाद ने ऑपरेशन 'व्रत ऑफ गॉड' (Wrath of God) के तहत म्यूनिख ओलिंपिक 1972 हमले के साजिशकर्ताओं को दुनिया भर में ढूंढकर मारा था. ऑपरेशन ओपेरा 1981 के तहत इराक के ओसिराक परमाणु रिएक्टर को तबाह किया. इसके अलावा, ईरानी परमाणु वैज्ञानिक वैज्ञानिक मोहसेन फखरीजादेह की 2020 में एडवांस एआई आपरेटेड मशीनगन से हत्या कर दी थी.
अमान (Aman) और यूनिट 8200 (साइबर) ने पेजर अटैक (2024) चलाया था. इसके तहत लेबनान में हिजबुल्लाह के पेजर और वॉकी-टॉकी में विस्फोट, जिसमें यूनिट 8200 की अहम भूमिका बताई गई. स्टक्सनेट वायरस (2005-2010) कि तहत ईरानी परमाणु संयंत्र के सेंट्रीफ्यूज को साइबर हमले से तबाह किया था. 2018 में ऑस्ट्रेलियाई विमान को मार गिराने से जुड़े ISIS की साजिश को नाकाम किया था.
शिन बेट ने हमास के कमांडरों का सफाया किया. फिलीस्तीनी क्षेत्रों (गाजा) में लगातार जासूसी और लक्षित हमले चलाए. ऐतिहासिक एनतेबे ऑपरेशन (1976) युगांडा में अगवा किए गए विमान के यात्रियों को छुड़ाने के लिए चलाया था.
यूनिट 8200 (सिग्नल इंटेलिजेंस) ने लैवेंडर और गॉस्पेल (Lavender/Gospel) जो कि एआई-संचालित है, के जरिए गाजा में सैन्य लक्ष्यों की पहचान की. साल 2017 में लेबनान की स्टेट टेलीकॉम कंपनी ओगेरो पर साइबर हमला बोला था.