इमरान खान की गई एक आंख की रोशनी! बेटे कासिम का आरोप, शहबाज शरीफ और आसिम मुनीर नहीं होने दे रहे जेल में इलाज
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की दाहिनी आंख की ज्यादातर रोशनी जाने का दावा उनके बेटे कासिम खान ने किया है. उन्होंने सरकार और सेना प्रमुख पर लापरवाही और उत्पीड़न का आरोप लगाया है.;
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान अभी जेल में बंद हैं. उनकी सेहत को लेकर बहुत चिंता की बात सामने आई है. उनके बेटे कासिम खान ने सोशल मीडिया पर एक बड़ा दावा किया है. उन्होंने कहा है कि उनके पिता की दाहिनी आंख की ज्यादातर रोशनी चली गई है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब सिर्फ 15 प्रतिशत ही रोशनी बची है.
कासिम खान का कहना है कि यह समस्या इसलिए हुई क्योंकि उनके पिता को 922 दिनों से एकांत कारावास (सॉलिटरी कंफाइनमेंट) में रखा गया है यानी उन्हें अकेले में बंद रखा गया, किसी से मिलने-जुलने की ज्यादा इजाजत नहीं थी. साथ ही, जेल में उनकी मेडिकल देखभाल में बहुत लापरवाही बरती गई. उन्हें समय पर ब्लड टेस्ट नहीं कराया गया और ठीक इलाज भी नहीं दिया गया.
इमरान की इस हालत के पीछे कौन?
कासिम का आरोप है कि यह सब जानबूझकर किया गया. उन्होंने सीधे तौर पर पाकिस्तान की मौजूदा सरकार और सेना के प्रमुख पर इल्जाम लगाया है. उन्होंने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख आसिम मुनीर को जिम्मेदार ठहराया. कासिम ने लिखा कि उनकी पिता की यह हालत इनके आदेशों, इनकी निगरानी और इनकी जिम्मेदारी में हो रही है.उन्होंने कहा कि न्याय व्यवस्था में हेरफेर करके इमरान खान को इस तरह अकेले में रखा गया है.
क्यों जेल में हैं इमरान खान?
इमरान खान 73 साल के हैं वे पहले क्रिकेटर थे और बाद में राजनीति में आए. वे पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी के फाउंडर हैं. उन्हें 5 अगस्त 2023 से रावलपिंडी की अडियाला जेल में रखा गया है. उन्हें भ्रष्टाचार के एक केस में दोषी ठहराया गया था. लेकिन इमरान खान और उनकी पार्टी का कहना है कि ये सारे केस राजनीतिक बदले की वजह से लगाए गए हैं. वे किसी गुनाह से इनकार करते हैं.
पिता से मिलने नहीं देते
कासिम खान और उनके भाई दोनों ब्रिटेन में रहते हैं. उन्होंने बताया कि उन्हें अपने पिता से मिलने के लिए वीजा नहीं दिया जा रहा है. वे कहते हैं कि पिता की हालत बिगड़ रही है, लेकिन फिर भी मिलने नहीं दिया जा रहा. कासिम ने कहा कि इतिहास इस अन्याय को याद रखेगा. उन्होंने दुनिया के मानवाधिकार संगठनों, कानूनी संस्थाओं और लोकतांत्रिक देशों से अपील की है कि वे इस उत्पीड़न को रोकें और दोषियों को सजा दिलवाएं.
क्या सच में गई आंख की रोशनी?
इसके अलावा, खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी ने भी इमरान खान की सेहत को लेकर संघीय सरकार की कड़ी निंदा की है. उन्होंने कैबिनेट की बैठक में कहा कि सरकारी मेडिकल रिपोर्ट में ही माना गया है कि दाहिनी आंख की ज्यादातर रोशनी चली गई है, सिर्फ 10-15 प्रतिशत बची है. लेकिन अफरीदी ने इस रिपोर्ट पर सवाल उठाया कि इमरान के निजी डॉक्टरों को पूरी जांच की इजाजत नहीं दी गई. उन्होंने कहा कि अगर एक पूर्व प्रधानमंत्री के साथ ऐसा व्यवहार हो सकता है, तो यह बहुत चिंताजनक है. यह दुर्भावना का सबूत है.
कोर्ट ने दिया जांच का आदेश
इस्लामाबाद हाई कोर्ट ने भी इस मामले को गंभीरता से लिया है. कोर्ट ने आदेश दिया है कि 16 फरवरी से पहले इमरान खान की पूरी मेडिकल जांच कराई जाए. कोर्ट ने उनकी जेल की हालत से जुड़ी एक याचिका पर सुनवाई फिर से शुरू की है. पाकिस्तान की राजनीति पहले से ही काफी उलझी हुई है. इमरान खान के समर्थक कहते हैं कि उन पर जुल्म हो रहा है और उन्हें राजनीतिक कारणों से सताया जा रहा है. वहीं, सरकार का कहना है कि सब कुछ कानून के मुताबिक हो रहा है. यह खबर इमरान खान के स्वास्थ्य को लेकर चल रही बहस को और तेज कर रही है.