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बांग्लादेश चुनाव 2026: बीएनपी बहुमत के पार, तारिक रहमान बनेंगे पीएम? जानिए 10 बड़े अपडेट

बांग्लादेश चुनाव 2026 में बीएनपी ने 151 सीटें जीतकर बहुमत हासिल किया. जानिए तारिक रहमान, शेख हसीना, यूनुस और जनमत संग्रह पर 10 बड़े अपडेट.

बांग्लादेश चुनाव 2026: बीएनपी बहुमत के पार, तारिक रहमान बनेंगे पीएम? जानिए 10 बड़े अपडेट
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( Image Source:  ANI )
सागर द्विवेदी
Edited By: सागर द्विवेदी

Updated on: 13 Feb 2026 7:46 AM IST

बांग्लादेश की राजनीति में बड़ा उलटफेर करते हुए देश ने 2026 के आम चुनाव में नया जनादेश दिया है. 2024 के ‘जुलाई विद्रोह’ के बाद पहली बार हुए संसदीय चुनाव में लंबे समय तक सत्ता में रही व्यवस्था पूरी तरह बदलती नजर आई. शुरुआती रुझानों और आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने स्पष्ट बढ़त बनाते हुए बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है, जिससे देश में नई राजनीतिक स्थिरता की उम्मीद जगी है.

करीब तीन दशकों में पहली बार मतपत्र से Awami League का चुनाव चिह्न 'नाव' गायब रहा. पार्टी का पंजीकरण निलंबित होने के कारण वह चुनाव मैदान से बाहर रही. ऐसे में मुकाबला मुख्य रूप से Bangladesh Nationalist Party और Jamaat-e-Islami के नेतृत्व वाले 11-दलीय गठबंधन के बीच सिमट गया. इस चुनाव में युवा मतदाताओं. खासकर 18 से 37 वर्ष आयु वर्ग ने निर्णायक भूमिका निभाई.

किसने जीता बांग्लादेश का चुनाव और क्या है ताज़ा स्थिति?

  1. मतगणना के शुरुआती रुझानों में BNP ने 300 में से 151 सीटें जीतकर बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया. इससे पहले पार्टी 120 सीटों पर जीत और 55 सीटों पर बढ़त बनाए हुए थी. वहीं जमात-ए-इस्लामी और उसके सहयोगी दल लगभग 43 सीटों तक सिमटते दिखे.
  2. रात तक स्थिति स्पष्ट हो गई कि Tarique Rahman के नेतृत्व में BNP नई सरकार बनाने की स्थिति में है. उन्होंने बोगरा और ढाका-17 दोनों सीटों से जीत दर्ज की है और उनके अगले प्रधानमंत्री बनने की संभावना प्रबल मानी जा रही है.
  3. मतदान प्रतिशत इतना कम क्यों रहा?- चुनाव आयोग के मुताबिक मतदान सुबह 7:30 बजे शुरू होकर शाम 4:30 बजे तक चला. कुल मतदान प्रतिशत केवल 47% दर्ज किया गया, जिसे विश्लेषकों ने “पूर्ण चुनाव के लिहाज से निराशाजनक” बताया.
  4. पूर्व प्रधानमंत्री Sheikh Hasina ने चुनाव को 'a wellplanned farce' बताते हुए कहा कि 'इतना कम मतदान प्रतिशत साफ तौर पर दिखाता है कि अवामी लीग के बिना कराए गए इस चुनाव को जनता ने व्यापक रूप से खारिज कर दिया है.' हाल के वर्षों में केवल दो बार मतदान 50% से नीचे गया है. 2014 (40%) और 2024 (42%)—जब विपक्ष ने चुनाव का बहिष्कार किया था.
  5. जमात-ए-इस्लामी की स्थिति क्या रही?- Shafiqur Rahman, जो जमात-ए-इस्लामी के प्रमुख हैं, ने ढाका-15 सीट से जीत दर्ज की. हालांकि उनकी पार्टी बहुमत से काफी पीछे रही. मतगणना के दौरान उन्होंने संकेत दिया कि पार्टी रचनात्मक भूमिका निभाएगी. उन्होंने कहा, “हम सकारात्मक राजनीति करेंगे.'
  6. क्या था ‘जुलाई नेशनल चार्टर 2025’ और जनमत संग्रह?- इस चुनाव के साथ ही ‘July National Charter 2025’ पर जनमत संग्रह भी कराया गया. यह 84 बिंदुओं वाला सुधार पैकेज है, जिसे Muhammad Yunus के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने प्रस्तावित किया था. चार्टर में प्रधानमंत्री के कार्यकाल को दो टर्म (10 वर्ष) तक सीमित करने, संसद के उच्च सदन की स्थापना और चुनाव से पहले 90 दिन की कार्यवाहक सरकार बहाल करने जैसे बड़े सुधार शामिल हैं.
  7. यूनुस ने मतदान के दिन कहा, 'आज एक नए बांग्लादेश का जन्मदिन है,' और आगे कहा, 'किसी उम्मीदवार के लिए मतदान करना महत्वपूर्ण है, लेकिन जनमत संग्रह उससे भी अधिक महत्वपूर्ण है. पूरा बांग्लादेश बदल जाएग.'
  8. क्या अल्पसंख्यकों की भागीदारी कम रही?- चुनाव शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुए, लेकिन रिपोर्ट्स के मुताबिक हिंदू सहित अल्पसंख्यक समुदायों की उपस्थिति अपेक्षाकृत कम रही. 2024 में सत्ता परिवर्तन के बाद से अल्पसंख्यकों पर हमलों की घटनाएं सामने आई थीं. इसी बीच, BNP के उम्मीदवार गायेश्वर चंद्र रॉय ढाका-3 सीट से जीत की ओर बढ़ते दिखे, जिससे वे 1971 के बाद ढाका से चुने जाने वाले पहले हिंदू सांसद बन सकते हैं.
  9. भारत इस चुनाव के नतीजों पर नजर बनाए हुए है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि 'बांग्लादेश में चुनाव चल रहा है. हमें नतीजों का इंतजार करना चाहिए ताकि यह देखा जा सके कि किस तरह का जनादेश आया है, और उसके बाद हम उन मुद्दों पर विचार करेंगे जो सामने हैं.'
  10. दक्षिण एशियाई देश बांग्लादेश में आम चुनाव की मतगणना आगे बढ़ने के साथ ही Bangladesh Nationalist Party (बीएनपी) स्पष्ट बहुमत की ओर बढ़ती दिखाई दे रही है. शुक्रवार को आए रुझानों के अनुसार, बीएनपी निर्णायक जीत की दहलीज पर है और वह अंतरिम प्रशासन की जगह नई सरकार बनाने की स्थिति में पहुंच गई है. यह चुनाव अगस्त 2024 में Awami League सरकार के पतन के बाद आयोजित किया गया था. उसी के बाद अंतरिम प्रशासन ने सत्ता संभाली थी और अब मतदाताओं ने नई सरकार चुनने के लिए मतदान किया.
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