Iran में दिखा ट्रंप की ललकार का असर, युद्ध के 9वें दिन पहली बार हुआ ऐसा, बुरी तरह हिला तेहरान

अमेरिका और इज़राइल के हमलों के बीच ईरान के ऊर्जा ढांचे को भी निशाना बनाया गया है. तेहरान और अलबोर्ज प्रांत में कई तेल भंडारण डिपो पर मिसाइल हमले हुए, जिससे वहां आग लग गई. अधिकारियों के मुताबिक, फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाने की कोशिश कर रही हैं.

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Edited By :  समी सिद्दीकी
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Iran Oil Facility Targeted: अमेरिका और इज़राइल के ईरान पर हमले लगातार जारी हैं. 7 मार्च की रात स्थानीय समय के अनुसार, दोनों देशों ने अपने हमलों में ईरान की तेल रिफाइनरियों को निशाना बनाना शुरू कर दिया. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियोज़ मे ईरान की ऑयल रिफाइनरीज़ से धुएं का गबार औ आग की लपटें उठती देखी जा सकती हैं.

इज़राइल और अमेरिका के लड़ाकू विमानों ने सबसे पहले ईरान की राजधानी तेहरान में स्थित एक तेल रिफाइनरी पर बमबारी की. इसके जवाब में उसी रात ईरान ने इज़राइल के हाइफ़ा शहर में मौजूद एक तेल रिफाइनरी पर हमला किया.

ईरान ने इन हमलों पर क्या कहा?

रविवार 8 मार्च को अनादोलु के हवाले से जारी एक बयान में इज़राइली सेना ने कहा कि तेहरान में ईरानी बुनियादी ढांचे को निशाना बनाते हुए हमलों की एक नई लहर शुरू की गई है. तेहरान की रिफाइनरी पर हमले के जवाब में ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कहा है कि उनके खैबर-शाकन मिसाइलों ने इज़राइल के स्वामित्व वाली हाइफ़ा रिफाइनरी को निशाना बनाया है.

ईरान की तेल कंपनी ने क्या कहा?

ईरान की नेशनल ईरानियन ऑयल रिफाइनिंग एंड डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने कहा कि शनिवार रात अमेरिका और इज़राइल के हमलों में देश की ऊर्जा से जुड़ी कई महत्वपूर्ण सुविधाओं को निशाना बनाया गया. कंपनी के अनुसार, तेहरान और अलबोर्ज प्रांत में मौजूद कई तेल भंडारण डिपो पर मिसाइलें गिरीं, जिससे वहां आग लग गई. अधिकारियों ने बताया कि फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाने की कोशिश कर रही हैं और स्थिति को नियंत्रित किया जा रहा है.

कब शुरू हुई थी इजराइल यूएस और ईरान जंग?

अमेरिका और इज़राइल द्वारा 28 फरवरी से ईरान पर बड़े पैमाने पर हमले शुरू किए जाने के बाद से क्षेत्रीय तनाव तेजी से बढ़ गया है. इन हमलों में अब तक 2100 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है. मारे गए लोगों में ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई, 150 से अधिक छात्र और कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारी भी शामिल बताए जा रहे हैं.

इन हमलों के जवाब में ईरान ने भी मध्य पूर्व में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों, राजनयिक ठिकानों और सैनिकों को निशाना बनाते हुए कई हमले किए हैं. इसके अलावा इज़राइल के कई शहरों पर भी हमलों की बौछार की गई है.

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