Strait Of Hormuz : ईरान ने बिछाईं माइंस तो मच जाएगा हाहाकार, FAQ से समझें कैसे हिल जाएगी दुनिया की तेल सप्लाई

अमेरिका ने दावा किया है कि उसने होर्मुज स्ट्रेट के पास ईरान के 16 माइन बिछाने वाले जहाज तबाह कर दिए, क्योंकि तेहरान वहां समुद्री माइन लगाने की तैयारी कर रहा था. यह कदम दुनिया की 20% तेल सप्लाई वाले इस अहम समुद्री रास्ते के लिए बड़ा खतरा बन सकता है.

( Image Source:  Sora AI )

मिडिल ईस्ट वार को लेकर बढ़ते तनाव के बीच एक नई चिंता सामने आई है. चिंता की बात यह है कि ईरान दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक, होर्मुज स्ट्रेट, में समुद्री माइन बिछाने की तैयारी कर रहा है? अमेरिकी अधिकारियों का दावा है कि इस खतरे को देखते हुए US मिलिट्री ने ईरान के 16 माइन बिछाने वाले नेवी वेसल को तबाह कर दिया. अगर इस अहम शिपिंग लेन में माइंस बिछाई जाती हैं, तो इसका असर सिर्फ सैन्य टकराव तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि दुनिया की करीब 20 प्रतिशत तेल सप्लाई, वैश्विक व्यापार और ऊर्जा बाजार पर भी पड़ सकता है.

सवाल है कि आखिर समुद्री माइंस कितनी खतरनाक होती हैं और होर्मुज स्ट्रेट में इन्हें बिछाना दुनिया के लिए इतना बड़ा जोखिम क्यों माना जा रहा है. जानें, समुद्री माइंस के बारे में 10 प्वाइंट में डिटेल.

1. सवाल : होर्मुज स्ट्रेट में माइन बिछाने की आशंका क्यों बढ़ी?

जवाब : अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक इंटेलिजेंस इनपुट मिला था कि ईरान जल्द ही होर्मुज स्ट्रेट में समुद्री माइन बिछाने की तैयारी कर रहा है. इसके बाद अमेरिकी सेना ने 16 माइनलेयर नेवी वेसल को निशाना बनाया.

2. सवाल : नेवल माइन क्या होती हैं और कैसे काम करती हैं?

जवाब : नेवल माइन पानी के अंदर रखे जाने वाले विस्फोटक उपकरण होते हैं. इन्हें इस तरह डिजाइन किया जाता है कि जहाज के संपर्क में आने या उसकी मौजूदगी महसूस होने पर विस्फोट हो सके.

3. सवाल : समुद्री माइन के कितने प्रकार होते हैं?

जवाब : समुद्री माइन कई तरह की होती हैं. कॉन्टैक्ट माइंस, इन्फ्लुएंस माइंस और कंट्रोल्ड माइंस. कुछ जहाज के सीधे टकराने पर फटती हैं. जबकि कुछ जहाज के मैग्नेटिक या प्रेशर सिग्नल से सक्रिय हो जाती हैं.

4. सवाल : नेवल माइंस को इतना खतरनाक क्यों माना जाता है?

जवाब : डिफेंस विशेषज्ञों के मुताबिक समुद्री माइंस कम लागत में बेहद बड़ा नुकसान कर सकती हैं. दूसरे विश्व युद्ध के बाद से माइंस ने कई नेवी जहाजों को नुकसान पहुंचाया है.

5. सवाल : इतिहास में समुद्री माइंस ने कितना नुकसान किया है?

जवाब : 1988 में ईरान-इराक युद्ध के दौरान एक ईरानी माइन से अमेरिकी फ्रिगेट USS सैमुअल रॉबर्ट्स को भारी नुकसान हुआ था. जहाज की मरम्मत पर करीब 96 मिलियन डॉलर खर्च हुए थे.

6. सवाल : समुद्र में माइंस हटाना इतना मुश्किल क्यों होता है?

जवाब : पानी के अंदर माइंस को ढूंढना और हटाना बेहद जटिल काम होता है. समुद्री धाराओं की वजह से माइन अपनी जगह बदल सकती हैं, जिससे खतरा और बढ़ जाता है.

7. सवाल : होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के लिए इतना अहम क्यों है?

जवाब : होर्मुज स्ट्रेट फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है और इसे दुनिया का सबसे अहम ऑयल चोक पॉइंट माना जाता है. यहां से दुनिया की लगभग 20% तेल सप्लाई गुजरती है.

8. सवाल : अगर यहां माइंस बिछाई गईं तो क्या असर होगा?

जवाब : अगर इस रास्ते में समुद्री माइंस बिछाई जाती हैं तो ऑयल टैंकर और कंटेनर जहाजों के लिए बड़ा खतरा पैदा हो सकता है. इससे वैश्विक तेल सप्लाई, ऊर्जा कीमतों और समुद्री व्यापार पर बड़ा असर पड़ सकता है.

9. सवाल : होर्मुज में माइंस बिछाने पर ट्रंप ने क्या कहा?

जवाब : अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर होर्मुज स्ट्रेट में समुद्री माइंस बिछाई गईं और उन्हें तुरंत नहीं हटाया गया, तो ईरान को ऐसे सैन्य परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं जो पहले कभी नहीं देखे गए. ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि अगर ईरान माइंस हटाने का फैसला करता है, तो यह तनाव कम करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जाएगा. उन्होंने ये भी कहा कि अमेरिकी सेना ने माइन बिछाने की तैयारी कर रहे ईरानी जहाजों और नावों को निशाना बनाकर नष्ट कर दिया. उन्होंने इसे संभावित खतरे को रोकने की कार्रवाई बताया गया.

10. सवाल : क्या इससे वैश्विक तनाव और बढ़ सकता है?

जवाब : विशेषज्ञों का मानना है कि होर्मुज स्ट्रेट में माइनिंग करना बेहद जोखिम भरा कदम होगा. इससे क्षेत्रीय संघर्ष और वैश्विक सैन्य तनाव तेजी से बढ़ सकता है.

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