US Iran War News: कोई बारूद तो कोई मलबे के ढेर में! 12 दिन, 12 देश और विस्फोटक युद्ध की दरिंदगी के ये रहे 12 सबूत
मध्य पूर्व में चल रही अमेरिका-इजराइल और ईरान की जंग अब 12वें दिन में पहुंच गई है और इसका असर पूरे क्षेत्र में फैलता जा रहा है. रिपोर्टों के अनुसार इस संघर्ष की लपटें अब तक करीब 12 देशों तक पहुंच चुकी हैं, जिनमें ईरान, अमेरिका, इजराइल, कतर, बहरीन, कुवैत, सऊदी अरब, यूएई, ओमान, जॉर्डन, इराक और लेबनान शामिल हैं. कई जगह मिसाइल, ड्रोन और हवाई हमलों से भारी नुकसान हुआ है. आइए इस जंग के उन 12 सबूतों पर एक नजर डालते हैं...
मध्य पूर्व में छिड़ी अमेरिका-इजराइल और ईरान की जंग अब और भी खतरनाक मोड़ पर पहुंचती दिख रही है. युद्ध के 12वें दिन हालात लगातार भयावह होते जा रहे हैं. ईरान का दावा है कि अब तक उसके करीब 10 हजार नागरिक ठिकानों पर बमबारी की जा चुकी है, जिसमें 1300 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई. राजधानी तेहरान समेत कई शहरों में पूरी रात धमाकों की गूंज सुनाई देती रही, वहीं ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई तेज करते हुए इजराइल और खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया है.
यह संघर्ष अब सिर्फ दो देशों या एक युद्धक्षेत्र तक सीमित नहीं रहा. इसके असर से वैश्विक तेल बाजार, अंतरराष्ट्रीय शिपिंग रूट और मध्य पूर्व की राजनीतिक स्थिरता तक हिलती दिखाई दे रही है. दुनिया भर की सरकारें और इंटरनेशनल एजेंसियां इस संकट पर कड़ी नजर रखे हुए हैं. दूसरी ओर अमेरिका के भीतर भी इस युद्ध को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है और संसद में इसके उद्देश्य, रणनीति और परिणामों पर सवाल उठने लगे हैं.
दरअसल, यह जंग अब एक ऐसे मोड़ पर पहुंच गई है जहां हर दिन नए हमले, नए धमाके और नए देश इस संघर्ष की आंच में झुलसते दिखाई दे रहे हैं. कहीं मिसाइलों की बारिश हो रही है तो कहीं शहर मलबे के ढेर में बदलते जा रहे हैं. आइए इस रिपोर्ट में जानते हैं कि US-Iran War में मौत का आंकड़ा कितना पहुंचा, किन-किन 12 देशों तक इस युद्ध की लपटें पहुंचीं और आखिर वे कौन से 12 सबूत हैं जो इस विस्फोटक जंग की भयावहता को दुनिया के सामने रख रहे हैं.
US Iran War के 12 दिन हो चुके हैं जिसमें ये हैं वो 12 देश...
1.ईरान (Iran)
2.अमेरिका (United States)
3. इजराइल (Israel)
4. कतर (Qatar)
5. बहरीन (Bahrain)
6. कुवैत (Kuwait)
7. सऊदी अरब (Saudi Arabia)
8.संयुक्त अरब अमीरात (UAE)
9. ओमान (Oman)
10. जॉर्डन (Jordan)
11. इराक (Iraq)
12. लेबनान (Lebanon)
- अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि मंगलवार युद्ध का 'सबसे तीव्र दिन' हो सकता है. तेहरान के कम से कम आठ जिलों में भारी विस्फोटों की आवाज सुनी गई.
- ईरान की सेना के प्रवक्ता अबलफज़ल शेकारची ने कहा कि नागरिक इलाकों पर हुए हालिया हमलों का जवाब दिया जाएगा.
- विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने चेतावनी दी है कि तेल डिपो पर हमलों के बाद उठे धुएं के बादलों से 'ब्लैक रेन' यानी जहरीली बारिश का खतरा पैदा हो गया है.
- तेल सुविधाओं में लगी आग का धुआं बारिश के बादलों में मिलकर प्रदूषित वर्षा पैदा कर सकता है, जिससे स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है.
- सऊदी अरब की रक्षा सेनाओं ने बताया कि उन्होंने ईरानी ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलों की कई लहरों को रोक दिया. इनमें प्रिंस सुल्तान एयर बेस और पूर्वी क्षेत्रों को निशाना बनाया गया था.
- कतर ने भी कहा कि उसकी सेना ने देश को निशाना बनाकर दागी गई मिसाइलों को इंटरसेप्ट किया. वहीं संयुक्त अरब अमीरात ने मंगलवार को 26 ड्रोन मार गिराने का दावा किया.
- यूएई की दुनिया की सबसे बड़ी रिफाइनरियों में से एक रुवैस रिफाइनरी ने ड्रोन हमले के बाद एहतियातन कामकाज रोक दिया.
हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य के आसपास जहाजों पर भी हमले की खबरें आईं, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार में चिंता बढ़ गई है.
क्या अमेरिकी सैनिकों को भी भारी नुकसान हुआ है? पेंटागन के मुताबिक युद्ध शुरू होने के बाद से 140 अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं और 7 सैनिकों की मौत हो चुकी है.
व्हाइट हाउस ने कहा कि अमेरिका ने अब तक ईरान में 5000 से अधिक सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है.
क्या स्कूल पर हमले की जांच भी शुरू हो गई है? ईरान के एक गर्ल्स स्कूल पर हुए हमले में लगभग 175 छात्राओं की मौत की खबर सामने आई है.
व्हाइट हाउस प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा कि इस मामले में सैन्य जांच चल रही है और प्रशासन जांच के नतीजों को स्वीकार करेगा. इजराइली मीडिया के मुताबिक ईरान द्वारा दागी गई कई मिसाइलों को इंटरसेप्ट किया गया, लेकिन तेल अवीव और आसपास के इलाकों में सायरन बजते रहे. साइबर सुरक्षा एजेंसी ने भी चेतावनी दी है कि ईरान ने कई सुरक्षा कैमरों को हैक करने की कोशिश की है.
क्या लेबनान और इराक भी इस युद्ध की चपेट में आ गए हैं?
इजराइली हमलों में लेबनान की राजधानी बेरूत में एक इमारत को निशाना बनाया गया, जिससे आग लग गई और कई मंजिलें क्षतिग्रस्त हो गईं. संयुक्त राष्ट्र के अनुसार इस संघर्ष में अब तक 6.67 लाख से ज्यादा लोग विस्थापित हो चुके हैं.
क्या अमेरिका में भी इस युद्ध पर राजनीतिक विवाद बढ़ रहा है?
अमेरिकी सीनेट में डेमोक्रेट सांसदों ने युद्ध के उद्देश्य और अवधि पर सवाल उठाते हुए सार्वजनिक सुनवाई की मांग की है. कई सांसदों का कहना है कि प्रशासन अभी तक यह स्पष्ट नहीं कर पाया है कि इस युद्ध का अंतिम लक्ष्य क्या है.
दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास बुधवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब अचानक दो ड्रोन गिरने की घटना सामने आई. अधिकारियों के मुताबिक इस हादसे में चार लोग घायल हुए हैं, जिनमें घाना के दो नागरिक, एक बांग्लादेशी और एक भारतीय नागरिक शामिल हैं. सभी घायलों को हल्की चोटें आई हैं और उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया है. घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियां तुरंत मौके पर पहुंचीं और एहतियातन सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत पूरे इलाके की जांच शुरू कर दी गई. हालांकि अधिकारियों ने साफ किया है कि इस घटना का हवाई यातायात पर कोई असर नहीं पड़ा और दुबई एयरपोर्ट से उड़ानें सामान्य रूप से संचालित हो रही हैं.
ये वीडियो ईरान का बताया जा रहा है जिसमें दावा किया जा रहा है कि ईरान में शहीदों के जनाजे में भारी भीड़ जुटी है. वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि इजरायल और अमेरिका के हमले के द्वारा मारे गए लोगों के जनाजे में लोगों की भीड़ है.