Iran vs Israel US War के एक हफ्ते पूरे, दुनिया और भारत पर क्या पड़ा असर? जानें कैसे मिडिल ईस्ट में फैलता गया संघर्ष

अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद शुरू हुआ संघर्ष एक हफ्ते में क्षेत्रीय युद्ध में बदल गया है. ईरान के शीर्ष नेतृत्व की मौत, खाड़ी देशों पर हमले, होर्मुज़ जलडमरूमध्य का बंद होना और वैश्विक तेल कीमतों में उछाल इस युद्ध के बड़े असर हैं.

ईरान बनाम इजरायल-अमेरिका युद्ध के 7 दिन पूरे(Image Source:  Sora_ AI )
By :  अच्‍युत कुमार द्विवेदी
Updated On : 7 March 2026 12:09 AM IST

Iran vs Israel US  War, Middle East Crisis: मिडिल ईस्ट तनाव अब एक बड़े युद्ध का रूप ले चुका है. अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए संयुक्त हमलों को एक हफ्ता पूरा हो चुका है और इस दौरान हालात लगातार बिगड़ते गए हैं. 28 फरवरी को शुरू हुई सैन्य कार्रवाई अब क्षेत्रीय संघर्ष में बदल चुकी है, जिसमें कई देश और संगठन सीधे या परोक्ष रूप से शामिल हो गए हैं.

अमेरिका और इजरायल ने ईरान की सैन्य और राजनीतिक ताकत को कमजोर करने के लिए बड़े पैमाने पर एयरस्ट्राइक शुरू की थी. इस ऑपरेशन को अमेरिका ने Epic Fury और इजरायल ने Roaring Lion नाम दिया. हमलों का मुख्य निशाना ईरान के परमाणु ठिकाने, मिसाइल लॉन्च साइट और शीर्ष नेतृत्व था. इन हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei समेत कई बड़े सैन्य अधिकारी मारे गए. इन हमलों के बाद ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी और मिसाइलों तथा ड्रोन से इजरायल और खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया. देखते ही देखते यह संघर्ष पूरे मध्य-पूर्व में फैल गया.

कैसे बढ़ता गया युद्ध: 7 दिनों की कहानी

दिन 1: अमेरिका-इजरायल का बड़ा हमला

संघर्ष की शुरुआत 28 फरवरी को हुई, जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान के कई ठिकानों पर एक साथ हवाई और मिसाइल हमले किए. 100 से अधिक विमानों ने इस ऑपरेशन में हिस्सा लिया. एक हमले में Ali Khamenei की मौत हो गई. वहीं मिनाब के एक स्कूल पर हुए हमले में 165 छात्राओं की मौत हुई. ईरान ने जवाब में इजरायल और खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए.

दिन 2: नौसेना पर हमला और जवाबी कार्रवाई

  • अमेरिका ने ईरान की नौसेना को निशाना बनाया और कई युद्धपोत डुबो दिए. साथ ही Islamic Revolutionary Guard Corps के मुख्यालय पर भी हमला हुआ.
  • इसके जवाब में ईरान के ड्रोन हमले में कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर छह सैनिक मारे गए. वहीं इजरायल के शहर Beit Shemesh में मिसाइल गिरने से नौ लोगों की मौत हुई.

दिन 3: जंग में नए मोर्चे खुले

  • ईरान समर्थित संगठन Hezbollah ने इजरायल पर मिसाइलें दागीं, जिसके जवाब में इजरायल ने लेबनान की राजधानी Beirut पर भारी बमबारी की.
  • ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में तेल इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया और सऊदी अरब के Ras Tanura रिफाइनरी पर हमला किया.

दिन 4: होर्मुज़ जलडमरूमध्य बंद

  • इजरायल ने तेहरान में उस बिल्डिंग पर हमला किया, जहां नए नेता का चुनाव होने वाला था. इसके साथ ही, बुशहर में ईरानी युद्धपोत को भी निशाना बनाया गया.
  • ईरान ने इजरायल पर मिसाइलों से हमला किया, जिससे 7 लोग घायल हो गए.
  • पीएम मोदी ने कुवैत, सऊदी अरब, जॉर्डन, यूएई, बहरीन, ओमान, और कतर के नेताओं से बातचीत की और ईरान के हमले की निंदा की.
  • अमेरिका ने B-2 बमवर्षक विमानों से ईरान पर और बड़े हमले किए. जवाब में ईरान ने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक Strait of Hormuz को बंद कर दिया, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति पर बड़ा असर पड़ा.
  • ईरान ने सऊदी अरब और कुवैत में अमेरिकी दूतावासों को भी निशाना बनाया.
  • अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ बातचीत करने से इनकार कर दिया. उन्होंने कहा कि अब बहुत देर हो चुकी है. अमेरिका ने सऊदी अरब और कुवैत में अपने दूतावास अस्थायी रूप से बंद किए.
  • चीन ने ईरान पर हो रहे हमलों की निंदा की. उसने इजरायल और अमेरिका से तुरंत सैन्य कार्रवाई रोकने की अपील की.

दिन 5: हिंद महासागर तक पहुंचा युद्ध

  • अमेरिकी पनडुब्बी ने हिंद महासागर में ईरान के युद्धपोत IRIS Dena को टॉरपीडो से डुबो दिया, जिसमें 87 नाविक मारे गए.
  • यह घटना भारत के समुद्री क्षेत्र के पास हुई, जिससे दक्षिण एशिया में भी सुरक्षा चिंताएं बढ़ गईं.
  • ईरान ने कहा कि अगर लेबनान में ईरानी मिशन पर हमला होगा तो वह हर देश में अमेरिकी दूतावास पर हमला करेगा. उसने यह धमकी इजरायल की उस चेतावनी के बाद दी, जिसमें लेबनान में मौजूद ईरानी प्रतिनिधियों को 24 घंटे में देश छोड़ने को कहा गया था.
  • ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने दावा किया कि उसने दुबई में अमेरिकी सैन्य अड्डे पर हमला कर अमेरिका के 100 से ज्यादा मरीन को मार गिराया. हालांकि, इसकी पुष्टि नहीं हो पाई.
  • ओमान के पास एक जहाज पर हमला किया गया. यह हमला स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में किया गया.
  • चीन ने मिडिल ईस्ट में विशेष दूत भेजने की घोषणा की.

दिन 6: पहली एयर-टू-एयर लड़ाई

  • इजरायल के F-35 फाइटर जेट ने तेहरान के ऊपर एक ईरानी Su-35 को मार गिराया, जिसके जवाब में ईरान ने अमेरिकी तेल टैंकर पर हमला किया.
  • ईरान ने कहा कि उसने Operation True Promise‑4 के तहत हाइपरसोनिक मिसाइल और ड्रोन से इजराइल और अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया. इन हमलों में कई रडार सिस्टम नष्ट हो गए और कुछ मिसाइलें इजराइल के Ben Gurion Airport के आसपास गिरीं. इसी दौरान Jerusalem और Tel Aviv में एयर रेड सायरन बजने लगे और कई धमाकों की आवाज सुनी गई.
  • अमेरिका के रक्षा सचिव Pete Hegseth ने पुष्टि की कि अमेरिकी पनडुब्बी ने ईरान के युद्धपोत IRIS Dena को श्रीलंका के पास टॉरपीडो से डुबो दिया. इस हमले में करीब 87 नाविकों की मौत हो गई, जबकि 32 को Sri Lanka Navy ने बचाकर अस्पताल पहुंचाया.
  • ईरान की सरकारी एजेंसी के मुताबिक अब तक इस युद्ध में 1200 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है.
  • Israel के वित्त मंत्रालय ने सरकार को चेतावनी दी है कि अगर युद्ध की स्थिति बनी रही तो देश को हर हफ्ते करीब 3 अरब डॉलर का नुकसान हो सकता है.
  • ईरान पर US और इज़राइली हमलों से बढ़े क्षेत्रीय तनाव के बाद फ्रांस ने मिडिल ईस्ट में अपने कुछ मिलिट्री बेस पर US एयरक्राफ्ट की टेम्पररी तैनाती की इजाज़त दी.

दिन 7: लगातार मिसाइल हमले

  • सातवें दिन भी हमले जारी रहे. इजरायल ने तेहरान और लेबनान में बड़े पैमाने पर बमबारी की.
  • ईरान ने भी तेल अवीव के 'दिल' में ड्रोन और मिसाइल हमले किए.
  • ईरान में अब तक 2100 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि लेबनान और इजरायल में भी कई लोग मारे गए हैं. 

ईरान इजरायल युद्ध का दुनिया पर क्या असर हुआ? 

  • उड़ानों पर असर: इस युद्ध का असर वैश्विक हवाई यातायात पर भी पड़ा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक 11,000 से ज्यादा उड़ानें रद्द हो चुकी हैं क्योंकि कई खाड़ी देशों ने अपना एयरस्पेस बंद कर दिया.
  • तेल बाजार में उथल-पुथल: Strait of Hormuz बंद होने से दुनिया की लगभग 20% तेल आपूर्ति प्रभावित हुई है. कच्चे तेल की कीमतों में 10% से ज्यादा उछाल आ गया है.

मिडिल ईस्ट क्राइसिस का भारत पर क्या होगा असर?

  • तेल और गैस की कीमतें बढ़ सकती हैं.
  • कई नाविक और जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में फंसे
  • डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत में ऐतिहासिक गिरावट
  • शेयर मार्केट में गिरावट
  • कई भारतीय खाड़ी देशों में फंसे
  • अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने भारत को 30 दिन की छूट दी है ताकि वह रूस से तेल खरीद सके. इसके अलावा अमेरिका ने तेल टैंकरों की सुरक्षा के लिए नौसैनिक सुरक्षा देने की घोषणा की है.

युद्ध की मौजूदा स्थिति

  • एक हफ्ते में यह संघर्ष लगभग 14 देशों को प्रभावित कर चुका है.
  • अमेरिकी सेना का दावा है कि ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों में हाल के दिनों में कमी आई है. वहीं इजरायल का कहना है कि उसने ईरान की 80% एयर डिफेंस क्षमता को नष्ट कर दिया है.
  • हालांकि ईरान अभी भी संघर्ष जारी रखे हुए है और कम लागत वाले ड्रोन, खासकर Shahed-136 जैसे कामिकाजे ड्रोन के जरिए हमला कर रहा है. ईरान की रणनीति साफ है- जंग को लंबा खींचना, इजरायल को कई मोर्चों पर उलझाना और वैश्विक तेल आपूर्ति पर दबाव बनाकर आर्थिक लागत बढ़ाना.

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