हिल गया America, टेंशन में आया Washington- सैन्य बेस फोर्ट लेसली मैकनेयर तक आखिर कैसे पहुंचे ड्रोन? Detailed कहानी

US के Fort McNair सेना बेस के पास 10 दिनों में कई बार ड्रोन देखा गया है. यह वही इलाका है जहां यूएस के विदेश मत्री Marco Rubio और रक्षा मंत्री Pete Hegseth रहते हैं. अब सवाल उठता है कि आखिर इतने महफूज इलाके में कैसे सेंध लग गई. ड्रोन कहां से आया इसका पता नहीं लग पाया है, लेकिन सवाल यह उठता है कि ये खुफिया जानकारी कैसे बाहर लीक हुई कि इस जगह की सिक्योरिटी बाकियों की बनिस्बत कमजोर थी.

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Edited By :  समी सिद्दीकी
Updated On : 19 March 2026 2:12 PM IST

Drone At Fort McNair: अमेरिका में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है. दुनिया की सुपर पावर कहे जाने वाले देश के सैन्य बेस के ऊपर ड्रोन देखा गया. जिस जगह परिंदा भी पर मारने से पहले एक बार सोचे वहां ड्रोन देखा जाना हैरानी से कम नहीं है. गुरुवार को आई एक रिपोर्ट के मुताबिक, Fort McNair नाम का यह वही सेना का बेस है, जहां विदेश मंत्री Marco Rubio और रक्षा मंत्री Pete Hegseth रहते हैं.

रिपोर्ट में बताया गया है कि पिछले 10 दिनों में एक ही रात के दौरान कई ड्रोन इस बेस के ऊपर उड़ते देखे गए, हालांकि इस बात का अभी तक पता नहीं लग पाया है कि आखिर ये ड्रोन आए कहां से थे. इतनी महफूज जगह पर ड्रोन पहुंचने से सुरक्षा से जुड़े कई सवाल उठते हैं. क्या ड्रोन भेजने वाले शख्स को पता था कि इस इलाके में सिक्योरिटी और जगहों के मुकबले कम है और अब जब ये घटना पेश आ गई है तो अमेरिकी सरकार क्या कदम उठाने वाली है.

इस इलाके में कैसे पहुंच गए ड्रोन?

Fort McNair में नेशनल डिफेंस यूनिवर्सिटी और पेंटागन के कई वरिष्ठ अधिकारी भी रहते हैं. यह इलाका कैपिटल हिल और व्हाइट हाउस के करीब है, लेकिन यहां दूसरे सैन्य ठिकानों की तरह मजबूत सुरक्षा घेरा नहीं है. सवाल उठता है कि जब इस जगह पर सीनिर अधिकारी रहते हैं तो सुरक्षा टाइट क्यों नहीं की गई और क्या किसी अंदर के आदमी ने इस बात की भनक दी कि ये इलाका सेफ्टी के लिहाज़ से कमजोर है?

अमेरिकी सरकार क्या उठा रही है कदम?

बढ़ते खतरे को देखते देख अधिकारियों में खलबली मच गई. आनन-फानन में हुए व्हाइट हाउस में एक बैठक भी हुई, जिसमें हालात की समीक्षा की गई और रूबियो और हेगसेथ को दूसरी जगह शिफ्ट करने पर भी चर्चा हुई. हालांकि, अधिकारियों ने साफ किया कि अभी तक दोनों को कहीं और नहीं ले जाया गया है.

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका में अलर्ट का स्तर भी बढ़ा दिया गया है. एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि सेना संभावित खतरों पर लगातार नजर रख रही है. इसी के तहत दुनियाभर में अमेरिकी दूतावासों को अलर्ट जारी किया गया है और देश के कई सैन्य ठिकानों पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है.

मंगलवार को विदेश मंत्रालय ने सभी अमेरिकी दूतावासों को तुरंत सुरक्षा समीक्षा करने का आदेश दिया था. इसमें कहा गया कि मिडिल ईस्ट के संघर्ष का असर दूसरे क्षेत्रों में भी पड़ सकता है.

किन जगहों की बढ़ाई गई सिक्योरिटी?

इस हफ्ते न्यू जर्सी के Joint Base McGuire-Dix-Lakehurst और फ्लोरिडा के MacDill Air Force Base पर सुरक्षा स्तर बढ़ाकर “चार्ली” कर दिया गया है. इसका मतलब है कि खुफिया जानकारी के आधार पर हमले या खतरे की आशंका है. 'डेल्टा' स्तर तब लागू किया जाता है जब हमला आसन्न हो या हो चुका हो.

रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि MacDill एयर फोर्स बेस, जहां US Central Command का मुख्यालय है, इस हफ्ते दो बार लॉकडाउन किया गया. सोमवार को एक संदिग्ध पैकेज मिलने के बाद बेस के विजिटर सेंटर को बंद कर दिया गया और एफबीआई इसकी जांच कर रही है. बुधवार को एक और सुरक्षा घटना के बाद कुछ घंटों के लिए 'शेल्टर-इन-प्लेस”ट आदेश जारी किया गया.

पेंटागन के प्रवक्ता सीन पार्नेल ने ड्रोन की घटना पर टिप्पणी करने से इनकार किया. उन्होंने कहा कि सुरक्षा कारणों से मंत्री की गतिविधियों पर जानकारी देना सही नहीं है.

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