UK में X पर Ban का खतरा! Grok AI ने पार की सारी Limits, गंदी हरकतों पर भड़की ब्रिटेन सरकार
लंदन से आई एक बड़ी रिपोर्ट के मुताबिक एलन मस्क के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर ब्रिटेन में पूरी तरह बैन लग सकता है. ब्रिटिश अखबार द टेलीग्राफ के अनुसार, X के AI टूल ‘ग्रोक’ का इस्तेमाल महिलाओं और बच्चों की तस्वीरों को न्यूड तस्वीरों में बदलने के लिए किया जा रहा है. इससे बच्चों के यौन शोषण से जुड़ा अवैध कंटेंट डार्क वेब पर फैलने का आरोप लगा है. प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने मीडिया रेगुलेटर ऑफकॉम को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं.;
Grok AI controversy: लंदन से एक बड़ी खबर आ रही है. ब्रिटेन के एक प्रसिद्ध अखबार 'द टेलीग्राफ' ने गुरुवार को रिपोर्ट छापी कि एलन मस्क के सोशल मीडिया ऐप 'एक्स' पर ब्रिटेन में पूरी तरह बैन हो सकता है. इसका मुख्य कारण है ऐप का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल 'ग्रोक', जो महिलाओं और बच्चों की तस्वीरों को न्यूड या सेक्सुअली स्टिमुलेटिंग पोसिशन्स (यौन उत्तेजक मुद्राओं) में बदल रहा है. इससे बहुत बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. टेलीग्राफ की रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर बहुत गुस्से में हैं. उन्होंने मीडिया नियामक संस्था 'ऑफकॉम' से कहा है कि इस मामले में सभी संभव विकल्पों पर विचार किया जाए. वजह यह है कि पता चला है कि 'ग्रोक' का इस्तेमाल करके बच्चों के यौन शोषण वाली अवैध तस्वीरें बनाई जा रही हैं.
रिपोर्ट में 10 डाउनिंग स्ट्रीट (प्रधानमंत्री कार्यालय) के सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि ब्रिटेन के 'ऑनलाइन सुरक्षा अधिनियम' के तहत बहुत बड़ी सजा दी जा सकती है. इसमें अरबों पाउंड का जुर्माना लगाना या पूरे ब्रिटेन में 'एक्स' ऐप तक पहुंच को पूरी तरह ब्लॉक करना शामिल है। 'एक्स' के दुनिया भर में करीब 65 करोड़ यूजर्स हैं, जिनमें से अकेले ब्रिटेन में 2 करोड़ यूजर्स हैं।प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने 'एक्स' कंपनी को फोन करके सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने कहा, "तुम अपनी हरकतें सुधारो, इस गंदी सामग्री को तुरंत हटाओ. हम इस पर सख्त कार्रवाई करेंगे क्योंकि यह बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.'
हजारों महिलाओं और बच्चों की अश्लील तस्वीरें
यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब 'ग्रोक' का इस्तेमाल करके हजारों महिलाओं और बच्चों की नग्न या अर्ध-नग्न तस्वीरें बनाई गई हैं. इनमें यौन उत्तेजक पोज और बिकनी वाली तस्वीरें भी शामिल हैं. टेलीग्राफ ने आगे बताया कि बुधवार को ब्रिटेन की एक इंटरनेट मॉनिटरिंग आर्गेनाइजेशन ने चेतावनी जारी की थी. उन्होंने पाया कि 'ग्रोक' से बनी ऐसी तस्वीरें डार्क वेब (इंटरनेट का सीक्रेट पार्ट) पर शेयर की जा रही हैं, जो बच्चों के यौन शोषण की इनवैलिड केटेगरी में आती हैं. यह भी पता चला है कि प्रधानमंत्री कार्यालय ने सीधे 'एक्स' कंपनी से इस मुद्दे पर बात की है. कीर स्टारमर ने एक रेडियो इंटरव्यू में कहा, 'एक्स' को इस मामले को बहुत गंभीरता से लेना चाहिए. ऑफकॉम को कार्रवाई करने के लिए हमारा पूरा समर्थन है. यह पूरी तरह गलत और गैरकानूनी है. हम इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे. मैंने सभी विकल्पों पर विचार करने को कहा है.'
आपत्तिजनक साइट्स या ऐप्स को ब्लॉक करें
रिपोर्ट में यह भी जिक्र है कि एलन मस्क ने ब्रिटेन के ऑनलाइन सुरक्षा कानून की आलोचना की है. उन्होंने कहा कि इस कानून का मकसद लोगों का दमन करना है. इस कानून के तहत, अगर कोई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म बार-बार बच्चों के सेक्सुअल एक्सप्लोइटेशन वाली कंटेंट या बदले की भावना से बनी अश्लील तस्वीरें हटाने में नाकाम रहता है, तो ब्रिटिश अधिकारियों के पास उसकी पहुंच ब्लॉक करने की ताकत है. ऑफकॉम नाम की यह नियामक संस्था (regulatory body) अदालत से आदेश लेकर इंटरनेट कंपनियों (जैसे बीटी) या मोबाइल ऐप स्टोर को मजबूर कर सकती है कि वे ब्रिटेन में आपत्तिजनक साइट्स या ऐप्स को ब्लॉक करें. अब तक इस ताकत का इस्तेमाल नहीं किया गया है. प्रतिबंध लगाने से पहले एक कानूनी प्रक्रिया पूरी करनी पड़ती है, जिसमें जांच और अंतरिम फैसले शामिल हैं. अगर कंपनी ऑफकॉम की चिंताओं को दूर करने से इनकार करती है, तो उसकी वेबसाइट को ब्रिटेन में ब्लॉक करने की मांग की जा सकती है. इस हफ्ते ऑफकॉम ने चेतावनी दी है कि वे इन तस्वीरों की जांच शुरू कर सकते हैं और उन्होंने 'एक्स' से तुरंत संपर्क किया है. यह पूरा मामला बहुत गंभीर है और ब्रिटेन सरकार इसे रोकने के लिए हर संभव कदम उठाने की तैयारी में है.