अमेरिका में इंजीनियर बाहर, Adult स्टार अंदर! O-1 ‘जीनियस वीजा’ पर छिड़ी नई बहस
अमेरिका में जहां इंजीनियरों और छात्रों के लिए वीजा प्रक्रिया लगातार सख्त होती जा रही है, वहीं OnlyFans मॉडल्स और एडल्ट कंटेंट क्रिएटर्स के लिए O-1 ‘जीनियस वीजा’ एक आसान रास्ता बनता दिख रहा है. असाधारण प्रतिभा के लिए दिए जाने वाले इस वीजा पर अब डिजिटल एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री की मजबूत मौजूदगी ने नई बहस छेड़ दी है. सोशल मीडिया फॉलोअर्स, हाई कमाई और ऑनलाइन पहचान को “असाधारण क्षमता” मानने पर सवाल उठ रहे हैं, जबकि समर्थक इसे कानूनी और बदलते दौर की जरूरत बता रहे हैं.
अमेरिका में वीजा पाना जहां दुनिया भर के इंजीनियरों, छात्रों और प्रोफेशनल्स के लिए लगातार मुश्किल होता जा रहा है, वहीं एक अलग ही वर्ग के लिए दरवाज़े अपेक्षाकृत आसानी से खुल रहे हैं. सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और एडल्ट कंटेंट क्रिएटर्स, खासकर OnlyFans मॉडल्स, अब अमेरिका के चर्चित O-1B आर्टिस्ट वीजा के सबसे बड़े लाभार्थी बनकर उभरे हैं.
जिस O-1 वीजा को अमेरिका का 'genius visa' कहा जाता है और जिसे असाधारण प्रतिभा वाले वैज्ञानिकों, कलाकारों और एथलीट्स के लिए माना जाता था, वही वीजा अब डिजिटल एडल्ट एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री के लिए नया रास्ता बनता दिख रहा है. इस ट्रेंड ने न सिर्फ सोशल मीडिया बल्कि इमिग्रेशन लॉ की दुनिया में भी तीखी बहस छेड़ दी है.
क्या है O-1 वीजा और क्यों कहलाता है ‘जीनियस वीजा’
O-1 वीजा अमेरिकी नागरिकता और आव्रजन सेवा (USCIS) द्वारा जारी किया जाता है. इसका मकसद उन लोगों को अमेरिका में काम करने की अनुमति देना है, जिनके पास विज्ञान, शिक्षा, व्यापार, खेल या कला के क्षेत्र में “असाधारण क्षमता” हो. आर्ट और एंटरटेनमेंट कैटेगरी में “असाधारण क्षमता” का मतलब अकादमिक प्रतिभा नहीं, बल्कि अपने क्षेत्र में शीर्ष स्तर की पहचान और उपलब्धि से है.
इसके लिए आवेदकों को बड़े अवॉर्ड, हाई इनकम, मीडिया कवरेज, प्रतिष्ठित प्रोजेक्ट्स में लीड रोल, एक्सपर्ट लेटर और इंडस्ट्री में अलग पहचान जैसे सबूत देने होते हैं. अहम बात यह है कि कानून में यह नहीं लिखा है कि कौन-सी कला स्वीकार्य होगी और कौन-सी नहीं. एडल्ट एंटरटेनमेंट को कहीं भी बाहर नहीं किया गया है.
कैसे O-1 की शर्तें पूरी कर रहे हैं एडल्ट कंटेंट क्रिएटर्स
इमिग्रेशन वकीलों के मुताबिक, एडल्ट परफॉर्मर्स अपने केस को “डिजिटल मीडिया प्रोफेशनल” या “परफॉर्मर” के रूप में पेश करते हैं, न कि कंटेंट की अश्लीलता के आधार पर. पूरा फोकस measurable success पर होता है. आवेदन में मिलियन में सोशल मीडिया फॉलोअर्स, OnlyFans जैसे प्लेटफॉर्म से होने वाली सब्सक्रिप्शन इनकम, टॉप रैंकिंग प्रोडक्शंस में काम, इंडस्ट्री अवॉर्ड्स, मीडिया इंटरव्यू और औसत से कहीं ज्यादा कमाई के कॉन्ट्रैक्ट शामिल किए जाते हैं. प्रोड्यूसर्स, डायरेक्टर्स और डिजिटल मीडिया एक्सपर्ट्स के लेटर यह साबित करने के लिए लगाए जाते हैं कि आवेदक एक बेहद प्रतिस्पर्धी ग्लोबल मार्केट में लीडिंग पोज़िशन पर है.
क्यों अचानक बढ़ गए ऐसे वीजा अप्रूवल
फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, 2014 से 2024 के बीच अमेरिका ने O-1 वीजा की संख्या में करीब 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है. इसके पीछे कई वजहें हैं. पहली, creator economy ने ऑडियंस साइज और कमाई को पूरी तरह पारदर्शी बना दिया है, जिससे USCIS अधिकारियों के लिए आंकड़ों के आधार पर फैसला लेना आसान हो गया है.
दूसरी बड़ी वजह यह है कि परफॉर्मर्स और एडल्ट कंटेंट क्रिएटर्स H-1B जैसे वर्क वीजा के लिए योग्य नहीं होते. ऐसे में O-1 उनके लिए लगभग इकलौता कानूनी रास्ता बचता है. तीसरी वजह जियोग्राफी है. कई एडल्ट परफॉर्मर्स अमेरिका से बाहर रहते हैं, लेकिन अमेरिकी स्टूडियो और प्लेटफॉर्म्स के साथ काम करते हैं. O-1 वीजा उन्हें लंबे समय तक अमेरिका में रहने और काम करने की सुविधा देता है.
H-1B वीजा वालों की ‘दुखती रग’
यह ट्रेंड ऐसे समय में सामने आया है जब H-1B और स्टूडेंट वीजा पर सख्ती बढ़ रही है. इंटरव्यू में देरी, फीस में बढ़ोतरी और कई देशों पर प्रतिबंधों ने हजारों इंजीनियरों और छात्रों का भविष्य अधर में डाल दिया है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक इमिग्रेशन लॉ ग्रुप से जुड़ी प्रोतिमा दरयानी का कहना है कि पहले जिन लोगों का स्टेज-1 भी क्लियर नहीं होता था, आज उनकी ऑनलाइन ऑडियंस और कमाई उन्हें वीजा दिला रही है. एक अन्य वकील का कहना है कि यह “सिर्फ लाइक और क्लिक का खेल” बनता जा रहा है, जिससे पारंपरिक कला और दुर्लभ प्रतिभा पीछे छूट रही है.
कानूनी है, लेकिन विवाद गहराता जा रहा है
समर्थकों का तर्क है कि ये अप्रूवल पूरी तरह कानूनी हैं और यह दिखाते हैं कि आधुनिक एंटरटेनमेंट और इन्फ्लुएंसर इकॉनमी कैसे काम करती है. आलोचकों का मानना है कि इससे “असाधारण क्षमता” की परिभाषा कमजोर हो रही है और O-1 वीजा का मूल उद्देश्य सवालों के घेरे में आ गया है. फिलहाल इतना तय है कि अमेरिका का “जीनियस वीजा” अब सिर्फ लैब, क्लासरूम या कॉन्सर्ट हॉल तक सीमित नहीं रहा, बल्कि डिजिटल स्क्रीन और सब्सक्रिप्शन प्लेटफॉर्म तक फैल चुका है.





