ढाका में चुनाव से पहले खूनखराबा! BNP नेता अजीजुर रहमान की गोली मारकर हत्या, बवाल के बाद सेना को संभालनी पड़ी कमान
बांग्लादेश की राजधानी ढाका में BNP नेता अजीजुर रहमान मुसब्बिर की गोली मारकर हत्या से चुनावी माहौल तनावपूर्ण हो गया है. भीड़भाड़ वाले करवान बाजार इलाके में हुए इस हमले के बाद गुस्साए लोगों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया, हालात काबू में लाने के लिए सेना को तैनात करना पड़ा. मतदान से पहले बढ़ती राजनीतिक हिंसा ने देश की सुरक्षा व्यवस्था और चुनावी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.;
बांग्लादेश की राजनीति एक बार फिर हिंसा के साए में आ गई है. राजधानी ढाका में BNP से जुड़े नेता अजीजुर रहमान मुसब्बिर की गोली मारकर हत्या कर दी गई, जिससे चुनावी माहौल और ज्यादा तनावपूर्ण हो गया. देश में 12 फरवरी को मतदान प्रस्तावित है और उससे पहले आदर्श आचार संहिता लागू है. ऐसे वक्त में यह हत्या बताती है कि सियासी मुकाबला अब सड़कों पर खतरनाक मोड़ ले चुका है.
बांग्लादेश के हालात दिन पर दिन ख़राब होते जा रहे हैं. उस्मान हादी की मौत के बाद पूरा देश अस्थिर हो चुका है. आए दिन हिंसा की घटनाएं सामने आ रही है. इसके साथ ही हिंदू समुदाय के लोगों को टारगेट किया जा रहा है. पिछले 20 दिनों में 8 हिंदुओं की हत्या कर दी गई है. अब बीएनपी नेता की हत्या ने एक और बवाल खड़ा कर दिया है.
कौन थे अजीजुर रहमान मुसब्बिर
अजीजुर रहमान मुसब्बिर Bangladesh Nationalist Party की स्वयंसेवी इकाई स्वेच्छासेबक दल के पूर्व नेता रह चुके थे. वे ढाका मेट्रोपॉलिटन नॉर्थ इकाई के महासचिव के तौर पर सक्रिय रहे और संगठन के भीतर प्रभावशाली चेहरा माने जाते थे. पार्टी सूत्रों के मुताबिक, हाल के महीनों में वे चुनावी तैयारियों और संगठनात्मक बैठकों में भी सक्रिय थे. यही वजह है कि उनकी हत्या को सीधे सियासी संदेश के तौर पर देखा जा रहा है.
भीड़भाड़ वाले इलाके में हमला
पुलिस के अनुसार, करवान बाजार इलाके में रात करीब 8:30 बजे यह वारदात हुई. बशुंधरा सिटी शॉपिंग कॉम्प्लेक्स के पास, सुपर स्टार होटल के नजदीक हमलावरों ने बेहद नजदीक से गोलियां चलाईं. यह इलाका ढाका के सबसे व्यस्त व्यावसायिक क्षेत्रों में से एक है, जहां आमतौर पर भारी भीड़ रहती है. गोली लगते ही मुसब्बिर की हालत गंभीर हो गई और उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया.
अस्पताल में तोड़ा दम
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुसब्बिर को पहले निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां से बाद में ढाका मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया. पेट में गोली लगने के कारण उनकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. इस हमले में एक अन्य व्यक्ति भी घायल हुआ है, जिसकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है. पुलिस का कहना है कि हमलावरों ने कई राउंड फायरिंग की और मौके से फरार हो गए.
हत्या के बाद सड़कों पर उतरे लोग
BNP नेता की मौत की खबर फैलते ही करवान बाजार और आसपास के इलाकों में तनाव फैल गया. देर रात गुस्साए लोगों ने सार्क फाउंटेन चौराहे पर सड़क जाम कर दी, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया. प्रदर्शनकारियों ने हत्या के पीछे सियासी साजिश का आरोप लगाते हुए दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की. हालात बिगड़ते देख प्रशासन को तुरंत सख्त कदम उठाने पड़े.
सेना की तैनाती, इलाके की घेराबंदी
स्थिति को काबू में लाने के लिए रात करीब 10:30 बजे सेना के जवान मौके पर पहुंचे. उन्होंने प्रदर्शनकारियों को हटाकर कुछ समय के लिए रास्ता खुलवाया, लेकिन तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ. कुछ देर बाद लोग फिर सड़कों पर लौट आए, जिसके बाद सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी. पुलिस और सेना की टुकड़ियां कई घंटों तक तैनात रहीं ताकि किसी नई हिंसा को रोका जा सके.
लगातार बढ़ रही चुनावी हिंसा
यह हत्या कोई अकेली घटना नहीं है. चुनाव नजदीक आते ही बांग्लादेश में राजनीतिक हिंसा की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं. हाल के दिनों में एक जूबो दल नेता पर गोलीबारी और इससे पहले इंकलाब मंच के नेता उस्मान हादी की हत्या ने माहौल को और संवेदनशील बना दिया है. विपक्ष का आरोप है कि डर और दहशत का माहौल बनाकर चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश हो रही है.
सुरक्षा व्यवस्था पर उठते सवाल
BNP नेता की हत्या के बाद एक बार फिर सवाल खड़ा हो गया है कि क्या बांग्लादेश चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से करा पाएगा. राजधानी के बीचों-बीच हुई इस वारदात ने सुरक्षा एजेंसियों की तैयारियों पर सवाल उठाए हैं. प्रशासन हमलावरों की पहचान और गिरफ्तारी के दावे कर रहा है, लेकिन बढ़ती हिंसा ने साफ कर दिया है कि आने वाले दिनों में हालात और चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं.