गैरेज में सो रहे चंचल को जिंदा जलाया गया, बांग्लादेश में अब तक कितने हिंदू की हत्या? यूनुस की चुप्पी पर कई सवाल

बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. नरसिंदी ज़िले में 23 वर्षीय हिंदू युवक को उसकी ही दुकान के अंदर जिंदा जला दिए जाने की दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. यह वारदात न सिर्फ क्रूरता की हदें पार करती दिखती है, बल्कि देश में बढ़ती सांप्रदायिक हिंसा की तस्वीर भी पेश करती है.;

( Image Source:  @jpsin1- X )
By :  सागर द्विवेदी
Updated On : 25 Jan 2026 11:47 AM IST

बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. नरसिंदी ज़िले में 23 वर्षीय हिंदू युवक को उसकी ही दुकान के अंदर जिंदा जला दिए जाने की दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. यह वारदात न सिर्फ क्रूरता की हदें पार करती दिखती है, बल्कि देश में बढ़ती सांप्रदायिक हिंसा की तस्वीर भी पेश करती है.

मृतक की पहचान चंचल चंद्र भौमिक के रूप में हुई है, जो अपने परिवार का इकलौता कमाने वाला था. परिजनों ने इस घटना को साफ तौर पर 'Planned Murder' बताया है और आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी व सख्त सजा की मांग की है. घटना के बाद इलाके में तनाव है और हिंदू समुदाय में डर का माहौल गहराता जा रहा है.

दुकान के अंदर सोते वक्त किया गया हमला

घटना नरसिंदी पुलिस लाइंस के पास मस्जिद मार्केट इलाके की है. स्थानीय लोगों के मुताबिक, शुक्रवार देर रात चंचल अपनी गैराजनुमा दुकान के अंदर सो रहा था. तभी हमलावरों ने बाहर से शटर पर पेट्रोल डाला और आग लगा दी. कुछ ही पलों में आग ने पूरी दुकान को अपनी चपेट में ले लिया.

वीडियो ने खोली साजिश की परतें

घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें साफ देखा जा सकता है कि एक व्यक्ति बाहर से आग लगाता है और आग तेजी से अंदर फैल जाती है. इससे यह आशंका और गहरी हो गई है कि यह हादसा नहीं, बल्कि सोची-समझी साजिश थी.

एक घंटे की मशक्कत के बाद मिला जला हुआ शव

स्थानीय लोगों ने जब आग देखी तो तुरंत फायर सर्विस को सूचना दी. नरसिंदी फायर सर्विस की टीम करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा सकी. आग बुझने के बाद दुकान के अंदर से चंचल का जला हुआ शव बरामद हुआ. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, युवक काफी देर तक आग में फंसा रहा और बेहद दर्दनाक मौत हुई. चंचल के परिवार ने इस घटना को “planned murder” करार देते हुए कहा है कि उनके बेटे को जानबूझकर निशाना बनाया गया. परिवार ने प्रशासन से दोषियों की तुरंत गिरफ्तारी और कड़ी से कड़ी सजा की मांग की है.

पुलिस जांच में जुटी, CCTV खंगाले जा रहे

पुलिस का कहना है कि घटनास्थल से अहम सबूत जुटाए गए हैं और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है. केस दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है, जबकि इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है. यह घटना कोई अकेली नहीं है. बीते कुछ महीनों में बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हमलों की कई घटनाएं सामने आई हैं. दिसंबर में गारमेंट फैक्ट्री में काम करने वाले दीपू चंद्र दास को भीड़ ने पीटकर जिंदा जला दिया था. इसके बाद राजबाड़ी ज़िले में अमृत मंडल की पीट-पीटकर हत्या हुई. हाल ही में कलिगंज में हिंदू व्यापारी लिटन चंद्र दास और पेट्रोल पंप कर्मी रिपन साहा की भी हिंसक मौत हो चुकी है.

हिंदू समुदाय में डर, प्रशासन से सुरक्षा की मांग

स्थानीय हिंदू नेताओं ने इस हत्या की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों की जल्द पहचान और गिरफ्तारी की मांग की है. साथ ही प्रशासन से अपील की गई है कि अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाए जाएं. हाल ही कुछ दिनों में बांग्लादेश में अब तक 16 से अधिक हिंदू लोगों को मौत के घाट उतारा जा चुका है. 

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