दिल्ली के एक सामान्य से घर में घटी विनय वशिष्ठ की आपबीती ने पूरे परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया. यह कहानी सवाल खड़ा करती है— क्या यह महज़ इत्तेफ़ाक़ था, मानसिक दबाव था, या किसी अनसुलझी आत्मा की रहस्यमयी मौजूदगी?