प्रणाम बनाम कालनेमि! शंकराचार्य विवाद में क्या दिख रही योगी बनाम मौर्य की सियासी आहट? क्या बोले वरिष्ठ पत्रकार निर्मल यादव

Yogi Adityanath | Swami Avimukteshwaranand | Keshav Maurya | UP Politics | BJP | Amit Shah | PM Modi

उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है. इस बार केंद्र में हैं ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और सत्ताधारी बीजेपी के भीतर उभरते विरोधाभासी सुर. डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के बयान ने जहां सुलह और सम्मान का संदेश दिया, वहीं उससे कुछ ही समय पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘कालनेमि’ वाले बयान ने सियासी पारा चढ़ा दिया. राजनीतिक गलियारों में अब यह चर्चा तेज है कि क्या यह सिर्फ बयानबाजी का फर्क है या फिर योगी आदित्यनाथ और केशव प्रसाद मौर्य के बीच विचारधारात्मक टकराव खुलकर सामने आ रहा है. इस पूरे मामले पर वरिष्ठ पत्रकार निर्मल यादव का कहना है कि यह टकराव सीधे तौर पर सत्ता संघर्ष नहीं, बल्कि ‘मैसेजिंग पॉलिटिक्स’ का मामला ज्यादा है. उनके मुताबिक, योगी आदित्यनाथ जहां सख्त प्रशासनिक और वैचारिक लाइन पर चलते हैं, जबकि केशव मौर्य सामाजिक संतुलन और संगठनात्मक संतोष साधने की कोशिश करते नजर आते हैं.


Similar News