गुजरात के ऐतिहासिक सोमनाथ मंदिर पर हुए हमले के 1000 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित सोमनाथ स्वाभिमान पर्व ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है. चार दिन तक चले इस आयोजन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी और रथ यात्रा को केवल धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि हिंदुत्व और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद का संदेश माना जा रहा है. भाजपा के लिए यह आयोजन आस्था के साथ-साथ रणनीतिक राजनीति का भी संकेत देता है, जिस पर देशभर में चर्चा तेज हो गई है.