उत्तराखंड विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के भीतर संगठन और अनुशासन से जुड़े दो घटनाक्रम सामने आए हैं. एक तरफ पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत की ओर से निकाली जा रही धन्यवाद और जनसंवाद यात्रा को लेकर पार्टी नेतृत्व ने आपत्ति जताई है.

दूसरी तरफ चमोली छात्र महासंघ चुनाव में संगठन के निर्देशों के खिलाफ गतिविधियों के आरोप में NSUI ने अपने पांच पदाधिकारियों को संगठन से बाहर कर दिया है. इन दोनों घटनाओं ने चुनाव से पहले कांग्रेस के अंदर के कॉर्डीशन और अनुशासन को लेकर चर्चा बढ़ा दी है.

हरीश रावत की यात्रा पर क्या आपत्ति?

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत अक्टूबर से उत्तराखंड के अलग-अलग हिस्सों में धन्यवाद और जनसंवाद यात्रा निकाल रहे हैं. इस यात्रा की शुरुआत हरिद्वार से हुई थी. इसका उद्देश्य लोगों के बीच जाकर संवाद करना बताया गया है. यात्रा के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों की भागीदारी की खबरें भी सामने आई हैं. हालांकि, अब पार्टी नेतृत्व ने इस यात्रा के संचालन और प्रदेश संगठन के साथ इसके समन्वय को लेकर सवाल उठाए हैं.

क्या बोलीं कुमारी शैलजा?

उत्तराखंड कांग्रेस की प्रभारी महासचिव कुमारी शैलजा ने हरीश रावत को पत्र लिखकर उनकी यात्रा और अन्य कार्यक्रमों को आगे नहीं बढ़ाने के लिए कहा है. शैलजा ने अपने पत्र में कहा है कि हरीश रावत की ओर से निकाली जा रही यात्रा को लेकर न तो उनसे और न ही प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष से चर्चा की गई.

कुमारी शैलजा ने पत्र में यह भी कहा कि राज्य में अगले कुछ महीनों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. ऐसे समय में पार्टी के लिए जरूरी है कि वह एकजुट होकर जनता के सामने जाए. उन्होंने कहा कि प्रदेश कांग्रेस के समानांतर कोई कार्यक्रम इस समय पार्टी के हित में नहीं होगा. इसी आधार पर उन्होंने हरीश रावत से अपने कार्यक्रमों को आगे नहीं बढ़ाने के लिए कहा.'

शैलजा ने हरीश रावत के किन बयानों पर उठाए सवाल?

शैलजा ने हरीश रावत के हालिया कुछ बयानों का भी पत्र में उल्लेख किया है. पार्टी नेतृत्व ने इन बयानों को विवादास्पद बताया है. यानी इस पूरे मामले में पार्टी नेतृत्व की मुख्य चिंता संगठन के अंदर कॉर्जीनेशन बनाए रखने और चुनाव से पहले एकजुट होकर आगे बढ़ने की है.

मामला प्रदेश स्तर से आगे बढ़ा?

कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल से चर्चा के बाद कुमारी शैलजा ने हरीश रावत को यह पत्र लिखा. इससे संकेत मिलता है कि मामला केवल प्रदेश स्तर पर नेताओं के बीच समन्वय का नहीं रहा, बल्कि पार्टी संगठन के शीर्ष स्तर पर भी इस मुद्दे पर चर्चा हुई है. अब इस मामले में आगे की स्थिति हरीश रावत के जवाब और पार्टी नेतृत्व के अगले कदम पर निर्भर करेगी. फिलहाल हरीश रावत की ओर से शैलजा के पत्र या यात्रा रोकने के अनुरोध पर कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.

हरीश रावत अक्टूबर से उत्तराखंड के अलग-अलग इलाकों में धन्यवाद और जनसंवाद यात्रा कर रहे हैं. यात्रा की शुरुआत हरिद्वार से हुई थी. यात्रा के दौरान उनका उद्देश्य लोगों के बीच पहुंचकर संवाद करना बताया गया. इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों की भागीदारी भी देखने को मिली. हालांकि, अब प्रदेश कांग्रेस संगठन के साथ यात्रा के समन्वय को लेकर सवाल उठे हैं. पार्टी नेतृत्व का कहना है कि चुनाव नजदीक होने के कारण संगठन के समानांतर कार्यक्रम पार्टी के हित में नहीं हैं.

चमोली में NSUI ने 5 ऑफीशियल प्रत्याशियों को निकाला?

दूसरी तरफ चमोली छात्र महासंघ चुनाव को लेकर कांग्रेस के छात्र संगठन NSUI ने भी बड़ी संगठनात्मक कार्रवाई की है. NSUI उत्तराखंड के प्रदेश अध्यक्ष विकास नेगी ने पांच अधिकृत प्रत्याशियों को संगठन की प्राथमिक सदस्यता से तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है.

किन पांच लोगों पर कार्रवाई की गई?

- गोपेश्वर से ललित सिंह

- कर्णप्रयाग से विशाल सिंह

- जोशीमठ से सुमित सिंह

- नारायणबगड़ से गौरव कुमार

- नंदानगर-घाट से अजय सिंह

क्या लगे हैं आरोप?

NSUI की ओर से जारी कार्रवाई के मुताबिक, इन पांचों प्रत्याशियों के खिलाफ छात्र महासंघ चुनाव के दौरान संगठन के निर्देशों के विपरीत गतिविधियों में शामिल होने की शिकायतें मिली थीं. इन पर ABVP के पक्ष में मतदान कराने से जुड़ी शिकायतें भी सामने आई थीं.

संगठन ने कहा कि उसके संज्ञान में इन नेताओं से संबंधित शिकायतें और तथ्य आए हैं. इन्हें संगठन के निर्देशों और अनुशासन के खिलाफ मानते हुए पांचों को प्राथमिक सदस्यता से तत्काल प्रभाव से निष्कासित किया गया.

चुनाव से पहले उत्तराखंड कांग्रेस में क्या हो रही उठापटक?

उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव से पहले सामने आए ये दोनों घटनाक्रम कांग्रेस के ऑर्गनाइजेशनल लेवल पर कॉर्डीनेशन और अनुशासन के मुद्दे को सामने लाते हैं. एक ओर पार्टी का केंद्रीय और प्रदेश नेतृत्व चुनाव से पहले नेताओं को एकजुट होकर जनता के बीच जाने पर जोर दे रहा है, वहीं हरीश रावत की अलग से चल रही जनसंवाद यात्रा को लेकर प्रदेश प्रभारी ने उनसे कार्यक्रम आगे न बढ़ाने को कहा है. दूसरी ओर, छात्र संगठन NSUI ने चमोली छात्र महासंघ चुनाव में संगठन के निर्देशों के खिलाफ गतिविधियों के आरोप में अपने पांच अधिकृत प्रत्याशियों के खिलाफ कार्रवाई की है.