बवासीर ऑपरेशन के बाद मांगी छुट्टी, रेलवे अधिकारी ने मांगा सबूत… लोको पायलट ने वहीं उतार दी पैंट!

बवासीर के ऑपरेशन के बाद एक लोको पायलट ने मेडिकल लीव मांगी, लेकिन अधिकारी ने छुट्टी देने से पहले सबूत मांग लिया. इस पर नाराज कर्मचारी ने दफ्तर में ही पैंट उतारकर अपने टांके दिखा दिए.

( Image Source:  X- @Rajtyag04068412 )
Edited By :  समी सिद्दीकी
Updated On :

UP News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से रेलवे से जुड़ा एक मामला इन दिनों चर्चा में है, जिसमें एक लोको पायलट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वीडियो में वह रेलवे अधिकारियों के सामने विरोध करते नजर आ रहा है. आरोप है कि मेडिकल छुट्टी बढ़ाने की मांग खारिज होने के बाद उसने गुस्से में पैंट उतारकर अपना ऑपरेशन का घाव दिखा दिया.

इस पूरी घटना का वीडियो टेबल की दूसरी साइड खड़ा एक शख्स बना रहा था. वीडियो में पीड़ित शख्स कह रहा है कि आपको हर बात का सबूत देना पड़ता है और इतने में ही वह पैंट उतारकर अपने घाव दिखाने लगता है.

क्या है पूरा मामला?

जानकारी के मुताबिक लखनऊ रेल मंडल में तैनात लोको पायलट राजेश मीणा हाल ही में पाइल्स की सर्जरी से गुजरे थे. ऑपरेशन के बाद डॉक्टरों ने उन्हें कुछ समय तक आराम करने की सलाह दी थी. शुरुआती मेडिकल छुट्टी खत्म होने के बाद उन्होंने छुट्टी बढ़ाने के लिए आवेदन दिया. उनका कहना था कि घाव अभी पूरी तरह ठीक नहीं हुआ है और लंबी ड्यूटी करना उनके लिए मुश्किल है.

लोको पायलट की नौकरी में कई घंटों तक इंजन में बैठकर ट्रेन चलानी पड़ती है, इसलिए डॉक्टरों ने उन्हें पूरी तरह ठीक होने तक आराम करने को कहा था. इसी कारण राजेश मीणा मेडिकल छुट्टी बढ़ाने की मांग लेकर लखनऊ मंडल के चीफ क्रू कंट्रोलर कार्यालय पहुंचे. उन्होंने अधिकारियों को अपनी मेडिकल रिपोर्ट, दवाइयों की पर्ची और डॉक्टर की सलाह से जुड़े दस्तावेज भी दिखाए.

बीमार शख्स ने क्या आरोप लगा?

हालांकि उनका आरोप है कि दस्तावेज दिखाने के बावजूद अधिकारियों ने उनकी छुट्टी बढ़ाने से इनकार कर दिया. उन्होंने अधिकारियों को समझाने की कोशिश की कि वह अभी ड्यूटी करने की स्थिति में नहीं हैं, लेकिन उनकी बात पर ध्यान नहीं दिया गया. इसके बाद वह तनाव और गुस्से में आ गए.

बताया जा रहा है कि इसी दौरान उन्होंने अधिकारियों से कहा कि अगर उन्हें घाव देखने की जरूरत है तो वह दिखा सकते हैं. कुछ देर बाद स्थिति असहज हो गई और उन्होंने वहीं अपनी पैंट उतारकर ऑपरेशन के टांके दिखा दिए. वहां मौजूद कुछ कर्मचारियों ने उन्हें शांत कराने की कोशिश की, लेकिन माहौल तब तक गर्म हो चुका था.

घटना के दौरान वहां मौजूद किसी व्यक्ति ने मोबाइल फोन से वीडियो रिकॉर्ड कर लिया. बाद में यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. वीडियो सामने आने के बाद रेलवे कर्मचारियों के बीच इस घटना को लेकर चर्चा शुरू हो गई. कुछ लोग इसे कर्मचारी की मजबूरी बता रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे अनुशासन से जुड़ा मामला मान रहे हैं.

कर्मचारियों की यूनियन ने क्या कहा?

रेलवे कर्मचारियों की यूनियन ने भी इस घटना पर नाराजगी जताई है. यूनियन नेताओं का कहना है कि कोई भी कर्मचारी बिना वजह इस तरह का कदम नहीं उठाता. उनका कहना है कि अगर किसी कर्मचारी के पास मेडिकल दस्तावेज मौजूद हैं और वह बीमार है, तो उसकी स्थिति को समझा जाना चाहिए. यूनियन ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है और कहा है कि यदि किसी अधिकारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए.

सोशल मीडिया यूजर्स ने क्या कहा?

कुछ यूजर्स इस वीडियो पर मज़े लेते दिख रहे हैं वहीं कुछ इसे गंभीर मुद्दे की तरह पेश कर रहे हैं. सुनील कुमार नाम के एक यूजर लिखते है,"प्रत्यक्ष को प्रमाण की क्या जरूरत." वहीं जतिन लिखते हैं,"इस देश में सबूत पहले मांगा जाता है."

वहीं, सुरेश साहू लिखते हैं कि किसी को इतना शर्मसार नहीं करना चाहिए. बेशर्मी की हरकत किसी के साथ नहीं करनी चाहिए. सब का आत्म सम्मान होता है. दीपक कुमार लिखते हैं,"ये गलत है साहब चीफ ने जूता मारने वाला काम किया है."

वीडियो वायरल होने के बाद रेलवे प्रशासन ने भी मामले का संज्ञान लिया है. अधिकारियों का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है. प्रारंभिक स्तर पर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि छुट्टी क्यों नहीं बढ़ाई गई और उस समय कार्यालय में क्या स्थिति थी. प्रशासन का कहना है कि कर्मचारियों के साथ अनुचित व्यवहार स्वीकार नहीं किया जाएगा, लेकिन कार्यस्थल पर अनुशासन बनाए रखना भी जरूरी है.

Similar News