कौन हैं संभल के DSP Kuldeep Kumar? ‘ईरान के लिए छाती पीटने वालों वहीं चले जाओ’, बयान पर क्यों भड़कीं Iqra Hasan
संभल के डीएसपी कुलदीप कुमार का “ईरान के लिए छाती पीटने वालों वहीं चले जाओ” बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है. इस बयान के बाद सियासत तेज हो गई और सपा सांसद इकरा हसन का नाम भी चर्चा में आ गया.
मिडिल ईस्ट में ईरान-इजराइल तनाव के बीच उत्तर प्रदेश के संभल से एक बयान ने सियासी हलचल बढ़ा दी है. संभल के डीएसपी कुलदीप कुमार ने शांति समिति की बैठक में कहा, “जो लोग ईरान के लिए छाती पीट रहे हैं, अगर इतनी ही हमदर्दी है तो जहाज में बैठ जाओ और वहीं चले जाएं.” अब उनके बयान का वीडियो सामने आने के बाद मामला सुर्खियों में आ गया. इस पूरे विवाद में सपा सांसद इकरा हसन का नाम भी चर्चा में है, जिसके बाद सवाल उठ रहा है कि आखिर इस बयान से उनका कनेक्शन क्या है?
डीएसपी कुलदीप कुमार ने ये भी कहा कि झगड़ा तो ईजरायल और ईरान में जारी है. खुजली यहां के कुछ लोगों को हो रही है. अब अगर उस झगड़े का हमारे देश में कानून व्यवस्था पर असर होगा, तो हम बढ़िया वाला इलाज करेंगे.
कौन हैं Kuldeep Kumar, जिनके बयान से मचा विवाद?
उत्तर प्रदेश के संभल जिले में तैनात डीएसपी कुलदीप कुमार हाल ही में अपने एक बयान के कारण राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आ गए. शांति समिति की बैठक में दिए गए उनके बयान का वीडियो वायरल होने के बाद लोग यह जानना चाहते हैं कि आखिर कुलदीप कुमार कौन हैं और उनका बैकग्राउंड क्या है.
पुलिस सेवा और करियर
कुलदीप कुमार उत्तर प्रदेश पुलिस में डिप्टी सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस (DSP) रैंक के अधिकारी हैं. उन्हें कानून-व्यवस्था और संवेदनशील क्षेत्रों में प्रशासनिक जिम्मेदारियों के लिए जाना जाता है. संभल जैसे संवेदनशील जिले में उनकी तैनाती इसी वजह से मानी जाती है कि यहां अक्सर धार्मिक और सामाजिक मुद्दों को लेकर प्रशासन को सतर्क रहना पड़ता है.
स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, कुलदीप कुमार की कार्यशैली कड़ाई और स्पष्ट संदेश देने वाली मानी जाती है. शांति समिति की बैठकों, त्योहारों और भीड़भाड़ वाले आयोजनों के दौरान वे कानून-व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाने के लिए जाने जाते हैं. हालिया बयान भी उसी सख्त प्रशासनिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है.
कुलदीप कुमार का बयान क्यों हुआ वायरल ?
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक यह बयान उस समय दिया गया जब प्रशासन को आशंका थी कि मिडिल ईस्ट में चल रहे ईरान-इजराइल तनाव को लेकर स्थानीय स्तर पर नारेबाजी या प्रदर्शन हो सकते हैं. संभल पुलिस ने शांति बनाए रखने के लिए पीस कमेटी की बैठक बुलाई थी. उसी दौरान कुलदीप कुमार ने कहा कि अगर कोई विदेशी मुद्दे को लेकर कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करेगा तो सख्त कार्रवाई होगी. वहीं आलोचकों ने इसे अत्यधिक कठोर और विवादित टिप्पणी बताया. इसी वजह से यह बयान तेजी से वायरल हो गया और मीडिया में चर्चा का विषय बन गया.
सपा सांसद Iqra Hasan का इससे क्या है कनेक्शन?
कैराना से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन का नाम इसलिए जुड़ रहा है क्योंकि संभल और पश्चिमी यूपी की राजनीति में उनका सक्रिय हस्तक्षेप रहता है. कई विपक्षी नेताओं ने इस बयान को लेकर पुलिस और सरकार की आलोचना की. इसी राजनीतिक बहस में सपा नेताओं और सांसदों की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं, जिससे उनका नाम भी चर्चा में आ गया.
पुलिस अफसर के खिलाफ हो कार्रवाई - इकरा हसन
इकरा हसन ने कुलदीप कुमार के बयान पर कहा है कि ईद अमन का त्योहार है. पिछले साल भी लाख कोशिशों के बावजूद यहां पर कुछ नहीं हुआ. सरकार मूल समस्या का समाधान करने के बदले लोगों को बांटने पर तुली है. सीएम जो कह रहे हैं, उसी के अनुरूप पुलिस अधिकारी दो समुदायों के बीच भेदभाव को बढ़ावा दे रहे हैं. जबकि संवेदनशील मामलों में पुलिस वालों की भी लिमिटेशन होनी चाहिए.यह बड़ी साजिश है. उन्होंने दोषी अफसर के खिलाज्ञफ कार्रवाई की मांग की है. अब उनके इस बयान के डीएसपी के बयान से जोड़कर देखा जा रहा है.
क्यों कहा - मस्जिद के बाहर नमाज पढ़ी खैर नहीं?
एक्स पर यूजर नरेंद्र प्रताप ने लिखा है कि संभल के नए डीएसपी कुलदीप कुमार का बयान हॉलीवुड और बॉलीवुड फिल्मों के नायकों की तरह है. उत्तर-प्रदेश का संभल अब ऐसी धरती है जो कलेजे को फौलाद बनाती है और इंसान को दुनियां भर में मशहूर कर देती है. अब इस धरती पर नए किरदार के रूप में डिप्टी एसपी कुलदीप कुमार हैं.
उन्होंने रमजान के आखिरी जुमा के लिए सरकार बहादुर ने मुसलमानों के साथ शांति समिति की बैठक की. बैठक क्या, यूं कहिए कि बिठाकर धमका दिया है कि पुलिस के नियमों की लाइन तोड़ी तो समझो सलाखें इंतजार कर रही है.
क्या है पूरा मामला?
संभल के डीएसपी कुलदीप कुमार ने शांति समिति की बैठक में ईरान को लेकर नारेबाजी पर चेतावनी दी. “ईरान के लिए छाती पीटने वालों वहीं चले जाओ” जैसे बयान का वीडियो वायरल हुआ. इस पर राजनीतिक बहस छिड़ी और विपक्षी नेताओं की प्रतिक्रिया के कारण सपा सांसद इकरा हसन का नाम भी चर्चा में आया.