नोएडा को क्यों 'मनहूस' मानते थे नेता, योगी-मोदी ने तोड़ा अंधविश्वास, PM बोले- मुझे भी डराया गया था
एक समय ऐसा था जब यूपी के सीएम नोएडा को 'मनहूस' मानते थे और अपने कार्यकाल के दौरान यहां नहीं आते थे. जो भी सीएम नोएडा आया उसकी कुर्सी चली जाती थी और दोबारा मिल भी नहीं पाती थी.
जेवर एयरपोर्ट पर पीएम मोदी
(Image Source: X/@BJP4India )जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन कर पीएम मोदी ने आज यूपी को बहुत बड़ी सौगात दी है. 25 साल से जिस एयरपोर्ट का यूपी की जनता और देश को इंतजार था आज वो खत्म हो गया है. नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट अब देश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बन गया है, जो अब कहीं न कहीं यूपी की अर्थव्यवस्था में भी गेम चेंजर साबित होगा.
एयरपोर्ट का उद्घाटन कर पीएम मोदी ने कहा कि हर 2 मिनट में यहां से फ्लाइट उड़ान भरेगी. इसके अलावा पीएम ने इस बात का भी जिक्र किया कि कैसे एक नोएडा को नेताओं के लिए मनहूस माना जाता था और नेता यहां आने से डरते थे.
अंधविश्वास को लेकर क्या बोले मोदी?
पीएम मोदी ने कहा नोएडा को पहले अंधविश्वास के कारण अपने हाल पर छोड़ दिया गया था, कुर्सी जाने के डर से पहले के सत्ताधारी यहां आने से डरते थे. मुझे याद है, जब यहां सपा सरकार थी और मैंने नोएडा आने का कार्यक्रम बनाया, तो मुख्यमंत्री इतने डरे हुए थे कि वे उस कार्यक्रम में नहीं आए. मुझे भी डराने की कोशिश की गई, कहा गया, “नोएडा मत जाइए, मोदी जी, अभी-अभी प्रधानमंत्री बने हैं. मैंने कहा मैं उस धरती का आशीर्वाद लेने जा रहा हूं, जो मुझे लंबे अरसे तक सेवा करने का मौका देगी. आज वही इलाका पूरी दुनिया का स्वागत करने के लिए तैयार है. यह पूरा क्षेत्र आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को सशक्त कर रहा है.
नोएडा को क्यों माना जाता था मनहूस?
यूपी की राजनीति में कई सालों तक एक अजीब सा अंधविश्वास बना रहा था कि अगर कोई सीएम नोएडा का दौरा करता है तो उसकी कुर्सी चली जाती है और वह दोबारा कुर्सी पर नहीं लौट पाता. इस अंधविश्वास को बल तब मिला जब कई पूर्व मुख्यमंत्री वीर बहादुर सिंह, नारायण दत्त तिवारी और कल्याण सिंह ने नोएडा का दौरा किया और बाद में उन्हें सत्ता से हाथ धोना पड़ा. पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपने कार्यकाल (2012-2017) के दौरान कभी नोएडा का दौरा नहीं किया था. जिसके चलते अखिलेश पीएम के कार्यक्रम में भी नहीं आए थे.
योगी ने कैसे तोड़ा मिथक?
इस अंधविश्वास को तोड़ने का श्रेय योगी आदित्यनाथ को जाता है. उन्होंने कई बार नोएडा का दौरा किया और विकास परियोजनाओं का निरीक्षण किया. इतना ही नहीं योगी साल 2022 में यूपी विधानसभा चुनाव जीतकर दोबारा सत्ता में आए, जिससे यह साफ हो गया कि ‘नोएडा जिंक्स’ सिर्फ एक मिथक था, जिसका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है.