UP के 2 लाख छात्रों के लिए AI कोर्स अनिवार्य, 9वीं से 12वीं तक पढ़ाया जाएगा 'AI for All'

उत्तर प्रदेश सरकार ने 2 लाख छात्रों के लिए AI शिक्षा अनिवार्य कर दी है, जो 1200 स्कूलों में लागू होगी. अब 9वीं से 12वीं तक हर छात्र को ‘AI for All’ कोर्स पढ़ना होगा, जिससे तकनीकी स्किल्स मजबूत होंगी.

( Image Source:  AI Sora )
Edited By :  रूपाली राय
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उत्तर प्रदेश सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है, जिसमें राज्य के राजकीय माध्यमिक स्कूलों में पढ़ने वाले लगभग दो लाख छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) फॉर ऑल कोर्स अनिवार्य रूप से पढ़ाया जाएगा. यह कोर्स खास तौर पर प्रोजेक्ट प्रवीण के तहत चल रहे 1200 राजकीय माध्यमिक स्कूलों में लागू होगा. इन स्कूलों में कक्षा 9 से लेकर कक्षा 12 तक के सभी छात्रों को विभिन्न ट्रेड्स में कौशल प्रशिक्षण दिया जा रहा है. अब पहली बार, सभी ट्रेड्स के छात्रों के लिए एआई कोर्स अनिवार्य कर दिया गया है. इसका मतलब है कि चाहे छात्र किसी भी क्षेत्र में ट्रेनिंग ले रहे हों, उन्हें एआई सीखना ही पड़ेगा. 

व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिलदेव अग्रवाल ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि आज की दुनिया में भविष्य की तकनीक एआई का ज्ञान हर छात्र को मिलना बहुत जरूरी है. इसलिए, प्रोजेक्ट प्रवीण वाले इन 1200 स्कूलों में छात्रों को एआई के इस्तेमाल में पूरी तरह जीनियस बनाया जाएगा. शैक्षिक सत्र 2026-27 से शुरू होकर, कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों के वोकेशनल ट्रेनिंग प्रोग्राम में एआई फॉर ऑल कोर्स को अनिवार्य रूप से शामिल किया जा रहा है. इस कोर्स की खास बात यह है कि यह चार घंटे का विशेष प्रशिक्षण होगा, जो प्रशिक्षकों और सभी छात्र-छात्राओं के लिए बाध्यकारी होगा. 

यूपी में नई पहल 

उत्तर प्रदेश के स्कूली शिक्षा तंत्र को मजबूत बनाने के लिए यह नई पहल की जा रही है, ताकि छात्रों को आधुनिक तकनीकों का पूरी नॉलेज मिल सके. प्रोजेक्ट प्रवीण के अंतर्गत पहले से ही छात्रों के लिए 210 घंटे का मुफ्त कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया जा रहा है. इसमें आईटी, ब्यूटी एंड हेल्थकेयर, इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे कई क्षेत्रों में व्यावसायिक शिक्षा दी जाती है. अब इस कार्यक्रम में चार घंटे का अतिरिक्त एआई फॉर ऑल कोर्स जोड़ा जाएगा, जो छात्रों को एआई के बुनियादी और व्यावहारिक नॉलेज से लैस कर देगा. 

विशेष कस्टमाइज्ड एआई मॉड्यूल

मिशन निदेशक पुलकित खरे ने बताया कि छात्रों को सबसे नई और अत्याधुनिक तकनीकों का ज्ञान देकर उनकी भविष्य की नींव को मजबूत किया जा रहा है. इसके लिए छात्रों की रुचि और बाजार की मांग को ध्यान में रखते हुए विशेष कस्टमाइज्ड एआई मॉड्यूल तैयार किए गए हैं. ये चार घंटे के मॉड्यूल आईटी, कस्टमर केयर एग्जीक्यूटिव, टेलरिंग, हेल्थकेयर, डिजिटल मित्र और अन्य महत्वपूर्ण जॉब रोल्स के हिसाब से बनाए गए हैं. इससे छात्र अपने चुने हुए क्षेत्र में एआई का व्यावहारिक उपयोग कैसे करें, यह अच्छी तरह समझ सकेंगे. कुल मिलाकर, यह कदम छात्रों को नौकरी के बाजार में आगे बढ़ने के लिए तैयार करेगा और उन्हें तकनीकी दुनिया में आत्मविश्वास देगा, 

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