स्टेट मिरर हिंदी की टीम जब जेवर एयरपोर्ट पहुंची जो कि देश के सबसे हाई-टेक और टॉप क्लास प्रोजेक्ट्स में गिना जा रहा है तो वहां की चमक-दमक के पीछे छुपी एक कड़वी सच्चाई सामने आई. एयरपोर्ट के आसपास रहने वाले किसानों से बातचीत में पता चला कि कई लोगों को आज तक अपनी जमीन का पूरा मुआवजा नहीं मिला है, और जिनको मिला भी है, उनका कहना है कि रकम बेहद कम दी गई है. किसानों का आरोप है कि उनकी वर्षों की मेहनत से जुड़ी जमीन चली गई, लेकिन बदले में उन्हें न तो सही कीमत मिली और न ही कोई स्थायी समाधान. आज हालत ये है कि कई परिवार आर्थिक और मानसिक परेशानी से गुजर रहे हैं.