ग्रेटर नोएडा की 'मौत वाली लिफ्ट'! 1 घंटे तक कैद रहे बच्चे- महिलाएं, अंदर मची चीख-पुकार और दहशत- देखिए VIDEO
ग्रेटर नोएडा की हिमालय प्राइड सोसाइटी में लिफ्ट एक घंटे तक फंसी रही. बच्चियां और महिलाएं अंदर फंसी रहीं, मेंटेनेंस और सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल.
Himalaya Pride Society lift incident
ग्रेटर नोएडा वेस्ट की एक नामी सोसाइटी में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब कन्या पूजन के लिए जा रही बच्चियां और महिलाएं अचानक लिफ्ट में फंस गईं. यह घटना न सिर्फ डराने वाली थी, बल्कि सोसाइटी की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर गई. बताया जा रहा है कि लिफ्ट करीब एक घंटे तक बीच में ही अटकी रही और अंदर मौजूद लोग मदद के लिए तरसते रहे.
इस दौरान लिफ्ट में फंसी बच्चियों और महिलाओं की हालत बिगड़ने लगी. घबराहट इतनी बढ़ गई कि बच्चियां रोने लगीं, लेकिन अलार्म बजाने के बावजूद कोई तुरंत मदद नहीं पहुंची. इस घटना के बाद सोसाइटी में रहने वाले लोगों में भारी आक्रोश है और मेंटेनेंस सिस्टम पर सवाल उठने लगे हैं.
क्या है पूरा मामला और कैसे हुआ हादसा?
ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित हिमालय प्राइड सोसाइटी में सुबह के समय कुछ बच्चियां कन्या पूजन के लिए दूसरे टावर जा रही थीं. जैसे ही वे लिफ्ट में सवार हुईं, लिफ्ट चलना शुरू हुई लेकिन अचानक झटके के साथ बीच में ही रुक गई. लिफ्ट के रुकते ही अंदर मौजूद महिलाएं और बच्चियां घबरा गईं और तुरंत अलार्म बटन दबाया, लेकिन काफी देर तक कोई सहायता नहीं मिली.
एक घंटे तक क्यों नहीं मिली मदद?
सोसाइटी के निवासियों का आरोप है कि लिफ्ट में फंसे लोगों को करीब एक घंटे तक कोई मदद नहीं मिली. लगातार अलार्म बजाने के बावजूद मेंटेनेंस टीम मौके पर नहीं पहुंची. इस दौरान बच्चियां डर के मारे रोने लगीं. उनकी आवाज सुनकर ही आसपास के लोगों को घटना की जानकारी मिली और तब जाकर मेंटेनेंस टीम को सूचना दी गई.
कैसे निकाला गया सभी को सुरक्षित बाहर?
सूचना मिलने के बाद मेंटेनेंस टीम और सोसाइटी के अन्य लोग मौके पर पहुंचे. काफी मशक्कत के बाद लिफ्ट को मैन्युअली खोला गया और अंदर फंसी बच्चियों व महिलाओं को सुरक्षित बाहर निकाला गया. हालांकि, इस दौरान सभी लोग काफी सहमे हुए थे.
क्या पहले भी हो चुके हैं ऐसे हादसे?
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई पहला मामला नहीं है. इससे पहले भी 7 और 8 मार्च को इसी तरह के लिफ्ट फंसने के मामले सामने आ चुके हैं. बावजूद इसके, मेंटेनेंस में कोई सुधार नहीं किया गया और न ही सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए.
निवासियों में क्यों है इतना गुस्सा?
सोसाइटी में रहने वाले लोगों का आरोप है कि खराब मेंटेनेंस और बिल्डर की लापरवाही के कारण उन्हें रोजाना परेशानी झेलनी पड़ रही है. करीब 1100 से ज्यादा परिवार इस सोसाइटी में रहते हैं, जिनमें बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल हैं. बार-बार हो रही ऐसी घटनाओं से लोगों में डर और गुस्से का माहौल बना हुआ है.