5 महीने बेटी की लाश से क्या करता रहा पिता? बदबू के लिए छिड़कता था परफ्यूम, कमरा खोलते ही उड़े पुलिसवालो के होश

मेरठ में एक पिता ने अपनी बेटी की मौत के बाद उसकी लाश को 5 महीने तक घर में छुपाकर रखा. रिश्तेदारों के शक और पुलिस जांच के बाद सामने आया यह खौफनाक सच पूरे इलाके में सनसनी फैला रहा है.

मेरठ में 5 महीने बाद कमरे से निकला बेटी का शव(Image Source:  AI Sora )
Edited By :  रूपाली राय
Updated On : 11 April 2026 10:00 AM IST

जरा सोचिए... एक आदमी दिन भर की मेहनत और थकान के बाद घर लौटता है. लेकिन जैसे ही वह दरवाजा खोलता है, उसके सामने अपनी प्यारी बेटी की लाश पड़ी हुई दिखती है. सामान्य स्थिति में कोई भी इंसान, चाहे वह कितना भी घबराया या सदमे में क्यों न हो, सबसे पहले पुलिस को फोन कर देता है. परिवार वालों को सूचना देता है मदद मांगता है.

लेकिन कल्पना कीजिए, अगर वह शख्स अपनी बेटी की लाश के साथ ही घर में रहने लगे? न पुलिस को बताए, न किसी रिश्तेदार को... बस चुपचाप उसी घर में, उसी लाश के साथ दिन काटता रहे. जी हां, ऐसा ही एक चौंकाने वाला और दिल दहला देने वाला मामला उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले से सामने आया है. यहां एक पिता ने अपनी बेटी की मौत के बाद उसकी लाश को घर में रखा और पूरे 5 महीने तक उसी के साथ रहता रहा. न किसी को बताया, न शव को दफनाया या जलाया. 

कैसे खुलासा हुआ इस राज का?

यह घटना मेरठ शहर के सदर इलाके के तेली मोहल्ले की है. यहां बंगाल के मूल निवासी उदय भानु बिस्वास नाम के एक व्यक्ति अपनी 34 साल की बेटी प्रियंका के साथ रहते थे. कई दिनों से उदय भानु का कोई अता-पता नहीं चल रहा था. उनके रिश्तेदार उन्हें ढूंढ रहे थे. एक दिन प्रियंका के चचेरे भाई बिस्वजीत विश्वास ने उदय भानु को फोन लगाया. पहले तो उदय ने फोन काट दिया। थोड़ी देर बाद जब फोन उठाया, तो बिस्वजीत ने पूछा, 'प्रियंका कहां है?. उदय भानु ने जवाब दिया कि प्रियंका की तबीयत खराब है. उसे देहरादून के किसी अस्पताल में भर्ती कराया गया है और इलाज चल रहा है. यह सुनकर बिस्वजीत को शक हो गया. वे काफी समय से पूरे परिवार का पता लगा रहे थे. फिर शुक्रवार की शाम को किसी ने उन्हें फोन करके बताया कि उदय भानु को मेरठ के बेगमबाग इलाके में एक चाय की दुकान पर देखा गया है. यह सुनते ही बिस्वजीत अपने कुछ अन्य रिश्तेदारों के साथ उस चाय की दुकान पर पहुंच गए और उदय भानु को पकड़ लिया. 

घर के अंदर का डरावना मंजर

रिश्तेदारों ने उदय भानु को जबरदस्ती उनके घर ले जाकर सख्ती से पूछताछ की. काफी दबाव पड़ने पर उदय भानु ने सच बता दिया कि उनकी बेटी प्रियंका की लाश घर के अंदर पड़ी हुई है. सभी हैरान रह गए, तुरंत पुलिस को सूचना दी गई. पुलिस टीम जब घर में घुसी तो जो नजारा देखा, वह देखकर सबके रोंगटे खड़े हो गए. घर के अंदर हर तरफ कूड़े का ढेर लगा हुआ था, बदबू फैली हुई थी. बेड पर प्रियंका का शव पड़ा था, लेकिन वह अब सिर्फ हड्डियों का कंकाल बन चुका था. पूरा मोहल्ला इस खबर को सुनकर इकट्ठा हो गया. लोग हैरानी और सदमे में थे. पुलिस ने शव का पंचनामा तैयार किया और उसे पोस्टमॉर्टम के लिए मॉर्चरी भिजवा दिया. 

क्या था पूरा मामला?

जांच में पता चला कि प्रियंका की मौत करीब 5 महीने पहले ही हो चुकी थी. प्रियंका कंप्यूटर सब्जेक्ट की टीचर थीं. उदय भानु लोगो को बताते थे कि वे देहरादून में काम करते हैं और बेटी भी वहीं रहती है. पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, उदय भानु पूरे समय घर के अंदर ही रह रहे थे. लाश से आने वाली तेज दुर्गंध को छिपाने के लिए वे बार-बार परफ्यूम का इस्तेमाल करते थे. पुलिस को उनके घर से परफ्यूम की कई खाली बोतलें भी मिली हैं. उदय भानु ने पुलिस को बताया कि प्रियंका को काला पीलिया (Black Jaundice) हो गया था. वे उसकी झाड़-फूंक कराते रहे, लेकिन बेटी की हालत सुधरने की बजाय और बिगड़ती गई. आखिरकार प्रियंका की मौत हो गई. उन्होंने बताया कि मौत के बाद वे लगभग 2 महीने तक बेटी की लाश के साथ ही घर में रहे. फिर कुछ समय के लिए देहरादून चले गए. जब कुछ समय पहले वापस लौटे, तब तक प्रियंका का शव आधे से ज्यादा सड़ चुका था. इसके बावजूद वे उसी घर में रहते रहे. 

परिवार की पुरानी त्रासदी

इस पूरी घटना के पीछे परिवार की एक पुरानी दुखद कहानी भी सामने आई है. साल 2013 में उदय भानु की पत्नी शर्मिष्ठा ने सुसाइड कर लिया था. उस समय उदय भानु बनारस में यूपी बोर्ड के ऑफिस में तैनात थे. वे घर कम आ पाते थे. इस बात को लेकर शर्मिष्ठा बहुत नाराज रहती थीं. एक दिन उन्होंने मेरठ के घर में फांसी लगा ली.  पत्नी की इस मौत से प्रियंका बहुत सदमे में आ गई थी. उसके बाद से वह बहुत शांत और अकेली रहने लगी थी. पुलिस ने उदय भानु को हिरासत में लेकर सदर बाजार थाने में भेज दिया है. आगे की जांच जारी है. यह मामला न सिर्फ चौंकाने वाला है, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य, परिवारिक रिश्तों और अकेलेपन की गहराई को भी दिखाता है. 

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