मथुरा नाव हादसा: पीएम का बड़ा ऐलान, मृतकों को 2 लाख और घायलों को 50,000 का मुआवज़ा देगी सरकार; जानें अब तक का अपडेट

मथुरा के केशी घाट पर यमुना नदी में नाव पलटने से 10 श्रद्धालुओं की मौत हो गई और 5 लोग अब भी लापता हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुआवजे का ऐलान किया, जबकि NDRF-SDRF टीमें लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं.

मथुरा यमुना नदी हादसा(Image Source:  X: @jsuryareddy )
Edited By :  रूपाली राय
Updated On : 11 April 2026 10:25 AM IST

उत्तर प्रदेश के कृष्ण नगरी मथुरा में बीते शुक्रवार की शाम यमुना नदी में एक बहुत दुखद हादसा हो गया. पंजाब के लुधियाना से आए तीर्थयात्रियों की एक नाव यमुना नदी में पलट गई और डूब गई. इस हादसे में अब तक 10 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 6 महिलाएं शामिल हैं. अभी भी 5 लोग लापता बताए जा रहे हैं. शनिवार को भी बचाव कार्य जारी रहा. एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें लापता लोगों की तलाश में लगी हुई हैं. हादसा वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर से करीब ढाई किलोमीटर दूर केशी घाट के पास हुआ. 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शोक और मदद का ऐलान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हादसे पर गहरा दुख जताया है. उन्होंने मरने वालों के परिवारजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है. पीएम मोदी ने घोषणा की है कि मरने वाले हर व्यक्ति के परिवार को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से 2-2 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी. हादसे में घायल हुए लोगों को 50-50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी. पीएम मोदी ने घायलों के जल्दी ठीक होने की भी प्रार्थना की है. 

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने भी जताया शोक

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने भी इस दुर्घटना पर दुख व्यक्त किया है. उन्होंने एक्स हैंडल पर लिखा कि उत्तर प्रदेश में नाव दुर्घटना में कई लोगों की मौत का समाचार बहुत ही दुखद है. उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और घायल लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की. 

क्या हुआ था हादसे में?

पंजाब और हरियाणा से कुल 132 श्रद्धालु ब्रज क्षेत्र की तीर्थ यात्रा पर आए हुए थे. शुक्रवार दोपहर करीब ढाई बजे ये लोग देवराहा बाबा घाट तक नाव से घूमने के लिए केशी घाट पहुंचे. यहां उन्होंने मोटर बोट किराए पर ली. एक नाव पर शुरू में 43 लोग सवार हुए. बाद में चालक ने 6 लोगों को दूसरी नाव पर भेज दिया, जिससे इस नाव पर 37 लोग रह गए. नाव जब मांट-वृंदावन के बीच बने पांटून पुल के पास पहुंची, तो यात्रियों ने देखा कि पुल कीचड़ साफ करने के लिए जेसीबी मशीन से हटाया जा रहा था. आगे बढ़ना मुश्किल हो गया. जैसे ही चालक ने नाव को मोड़ने की कोशिश की, उसी समय पांटून पुल का एक हिस्सा नाव से टकरा गया. नाव असंतुलित हो गई और पलटकर यमुना नदी में डूबने लगी. 

घायलों का इलाज

हादसे में छह श्रद्धालुओं को बचाकर वृंदावन के संयुक्त जिला चिकित्सालय ले जाया गया. उनमें से एक की अस्पताल पहुंचते-पहुंचते मौत हो गई, जबकि बाकी पांच घायलों को भर्ती करके इलाज चल रहा है. 

सरकार ने क्या की कार्रवाई?

जिलाधिकारी सीपी सिंह ने हादसे की पूरी जांच के आदेश दे दिए हैं. जांच एडीएम (वित्त एवं राजस्व) द्वारा की जाएगी. डीएम ने कहा कि जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने यह भी बताया कि:घायलों का पूरा इलाज सरकार की ओर से कराया जाएगा. मरने वालों के शवों को सरकारी एम्बुलेंस से पंजाब तक उनके घरों तक पहुंचाया जाएगा. शवों का पोस्टमार्टम वीडियो ग्राफ़ी के साथ किया जा रहा है. पोस्टमार्टम के बाद दो नायब तहसीलदार और चार लेखपाल शवों के साथ पंजाब जाएंगे ताकि परिवारों को जल्दी सौंपा जा सके. 

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