ऑर्डर- ऑर्डर...पति- पत्नी से नहीं करेगा यौन संबंध की डिमांड तो कहां जाएगा? दंपति से बोला HC

Allahabad High Court: उत्तर प्रदेश की इलाहाबाद हाई कोर्ट ने पति- पत्नी को लेकर एक फैसला सुनाया है. जिसमें पत्नी का आरोप है मेरा पति मेरा साथ जबरन संबंध बनाता है इस पर कोर्ट का कहना है पति अगर अपनी बीवी से संबंध बनाने की मांग नहीं करेगा तो किससे करेगा. वह अपनी शारीरिक यौन सुख के लिए कहा जाएगा?;

( Image Source:  mata ai )
Edited By :  सागर द्विवेदी
Updated On : 27 Dec 2025 8:27 PM IST

Allahabad High Court: उत्तर प्रदेश की इलाहाबाद हाई कोर्ट ने यौन सुख को लेकर एक फैसला सुना दिया है. जिसने पत्नी का आरोप है कि पति उसे प्रताड़ित करता है और उसके साथ जबरन यौन संबंध भी बनाता है. इस पर हाईकोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि पति अगर अपनी पत्नी से संबंध बनाने की मांग नहीं करेगा तो किससे करेगा? वह अपनी शारीरिक यौन सुख के लिए कहां जाएगा? आगे कहा कि दंपति में यौन इच्छाओं का केस क्रूरता नहीं है. इसी के साथ कोर्ट ने मामले को रद्द कर दिया है, आइए इस खबर को विस्तार से जानते है.

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, हाईकोर्ट ने यह फैसला तब लिया है जब पत्नी द्वारा लगाए गए कोई ठोस सबूत नहीं मिले है और दोनों के बीच लड़ाई संबंध बनाने को लेकर था. पति ने अपने बयान में कहा कि जब भी मैं अपनी पत्नी के साथ संबंध बनाता हूं तो उसे अप्राकृतिक लगता है. मामला हाईकोर्ट में पहुंचा तो पुलिस ने इसकी जांच की और कोर्ट ने FIR की जांच के बाद यह पाया कि प्रताड़ना या मारपीट का कोई ठोस सबूत नहीं था.

महिला ने लगाए ये आरोप

करीब 6 साल पहले नोएडा में मामला दर्ज हुआ था. महिला ने 7 दिसंबर 2015 को शादी की थी जिसका पति इंजीनियर था. पत्नी ने अपने पति और उसके परिवार पर दहेज की मांग और प्रताड़ित करने का आरोप लगाया. पत्नी ने यह भी कहा- मेरा पति शराब का आदी है. वह मेरे साथ अननेचुरल सेक्स की मांग करता है. वह अक्सर अश्लील फिल्में देखता है फिर मेरे सामने गंदी हरकत भी करता है. एक बार जब मैंने उसकी ऐसी हरकतों का विरोध किया तो वह मेरा गला घोंटने लगा. मैंने बड़ी मुश्किल से अपनी जान बचाई.

जानकारी के मुताबिक दोनों की शादी 2015 में हुई थी. रिपोर्ट के अनुसार, इलाहाबाद हाई कोर्ट ने केस रद्द करते हुए कहा कि पीड़ित के बयान और FIR की बारीकी से जांच पता चलता है कि यदि कोई यातना या हमला किया है तो वह दहेद की किसी मांग के लिए नहीं, बल्कि सेक्स की इच्छाओं को ऑपोजिट पार्टी क्रमांक 3 की तरफ से इनकार किए जाने पर किया गया.

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