₹10 लाख तक मुफ्त इलाज! पंजाब की सेहत क्रांति 2.0 में किसे मिलेगा लाभ और कहां होगा इलाज?

पंजाब में मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत हर परिवार को सालाना ₹10 लाख तक मुफ्त इलाज मिलेगा. जानिए किन लोगों को लाभ होगा और इलाज किन सरकारी व निजी अस्पतालों में कराया जा सकेगा.;

( Image Source:  X/AAPPunjab )
Edited By :  नवनीत कुमार
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पंजाब में आम आदमी पार्टी ने स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर बड़ा और निर्णायक कदम उठाया है. ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ के जरिए राज्य के हर परिवार को सालाना ₹10 लाख तक का मुफ्त इलाज देने का ऐलान किया गया है. यह योजना किसी एक वर्ग या आय सीमा तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें पंजाब के सभी नागरिक शामिल होंगे.

पंजाब की राज्य सरकार का दावा है कि इस फैसले से करीब 65 लाख परिवारों, यानी लगभग 3 करोड़ लोगों को सीधा फायदा मिलेगा.

किन लोगों को मिलेगा फायदा?

इस योजना की सबसे बड़ी खासियत इसकी समावेशी प्रकृति है. इसमें न तो आय की कोई सीमा रखी गई है और न ही उम्र, वर्ग या पेशे के आधार पर कोई रोक है. अमीर-गरीब, शहरी-ग्रामीण, नौकरीपेशा या किसान हर नागरिक इस योजना के दायरे में आएगा. सरकार का मकसद साफ है कि बीमारी के समय किसी को भी पैसों की चिंता न करनी पड़े और इलाज हर व्यक्ति का अधिकार बने.

2,350 से ज्यादा बीमारियां कवर

मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत 2,350 से अधिक बीमारियों का इलाज पूरी तरह मुफ्त किया जाएगा. इसमें सामान्य इलाज से लेकर गंभीर और महंगे उपचार भी शामिल होंगे. मरीजों को अस्पताल में भर्ती होने से लेकर इलाज और डिस्चार्ज तक किसी भी स्तर पर पैसे नहीं देने होंगे. पूरी व्यवस्था कैशलेस होगी, जिससे आम लोगों को कर्ज या संपत्ति बेचने जैसी मजबूरी से राहत मिलेगी.

कहां करा सकते हैं इलाज?

इलाज की सुविधा सिर्फ सरकारी अस्पतालों तक सीमित नहीं रहेगी. पंजाब और चंडीगढ़ के 900 से अधिक सरकारी और निजी अस्पताल इस योजना से जुड़े होंगे. इसका मतलब यह है कि मरीज अपने नजदीकी या पसंद के अस्पताल में इलाज करा सकेंगे. बड़े शहरों के सुपर-स्पेशियलिटी अस्पतालों से लेकर जिला और कस्बा स्तर के अस्पतालों तक यह सुविधा उपलब्ध होगी.

पहले से दोगुना कवरेज

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि पहले स्वास्थ्य बीमा कवरेज ₹5 लाख तक सीमित था और वह भी कुछ श्रेणियों के लिए. अब इसे दोगुना कर ₹10 लाख कर दिया गया है और पूरी तरह सार्वभौमिक बना दिया गया है. उनका कहना है कि यह मुख्यमंत्री भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल की उस सोच का विस्तार है, जिसमें स्वास्थ्य को मुनाफा नहीं बल्कि सेवा माना गया है.

सेहत क्रांति 2.0 का मकसद

AAP इसे सिर्फ एक योजना नहीं, बल्कि ‘सेहत क्रांति 2.0’ कह रही है. सरकार का लक्ष्य है कि पंजाब में स्वास्थ्य सेवाओं का पूरा इकोसिस्टम मजबूत हो और हर नागरिक को सम्मानजनक, गुणवत्तापूर्ण इलाज मिले. इस योजना के लागू होने से न सिर्फ मरीजों का आर्थिक बोझ घटेगा, बल्कि राज्य की सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था में भी बड़े और सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे.

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