गाजियाबाद के बाद भोपाल! मोबाइल की स्क्रीन से मौत तक : 14 साल के बच्चे की संदिग्ध मौत ने खड़े किए कई सवाल

Bhopal Student Suicide Case: भोपाल के पिपलानी क्षेत्र में 14 वर्षीय छात्र का शव घर के बंद कमरे में मिला. पुलिस को आशंका है कि वह खतरनाक ऑनलाइन सुसाइड गेम के प्रभाव में था. हालांकि, पुलिस की जांच अभी जारी है.;

By :  धीरेंद्र कुमार मिश्रा
Updated On : 4 Feb 2026 5:24 PM IST

Bhopal Student Death Case: यूपी के गाजियाबाद में ट्रिपल सुसाइड की तरह मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने गाजियाबाद के चर्चित सुसाइड केस की याद वहां के लोगों में ताजा कर दी है. दरअसल, भोपाल के पिपलानी इलाके में 14 साल के एक छात्र ने घर के अंदर बंद कमरे में अपनी जान दे दी. शुरुआती जांच में सामने आया है कि बच्चा एक खतरनाक ऑनलाइन सुसाइड गेम खेलता था, जो मानसिक रूप से कमजोर किशोरों को जानलेवा टास्क के लिए उकसाता है.

पिपलानी इलाके में मिला छात्र का शव

भोपाल पुलिस के मुताबिक, मृतक छत्रसाल नगर का रहने वाला था और एक प्रतिष्ठित प्राइवेट स्कूल में पढ़ता था. घटना के समय वह घर में अकेला था. जबकि उसके माता-पिता पारिवारिक शोक के चलते धार्मिक रिवाज निभाने बाहर गए हुए थे.

ऑनलाइन सुसाइड गेम पर पुलिस को क्यों है शक?

जांच में पता चला है कि बच्चा एक ऐसे ऑनलाइन गेम से जुड़ा था, जो बच्चों को धीरे-धीरे खतरनाक मानसिक स्थिति में ले जाता है. इन गेम्स में टास्क पूरे करने का दबाव बनाया जाता है, जिससे किशोर आत्मघाती कदम तक उठा लेते हैं.

नहीं मिला सुसाइड नोट, हर एंगल से जांच

भोपाल पुलिस को घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है. परिवार और स्कूल से जुड़े लोगों से पूछताछ की जा रही है. ताकि यह साफ हो सके कि आत्महत्या के पीछे गेम ही वजह था या कोई अन्य मानसिक दबाव.

माता-पिता शिक्षक, इकलौता बेटा था मृतक

मृतक छात्र के माता-पिता दोनों शिक्षक हैं और उनका यह इकलौता बच्चा था. इस घटना ने पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया है. कॉलोनी में मातम का माहौल है.

गाजियाबाद केस से मिलती-जुलती है घटना

इससे पहले यूपी के गाजियाबाद में तीन सगी बहनों ने 9वीं मंजिल से कूदकर जान दे दी थी. पुलिस जांच में सामने आया था कि तीनों को मोबाइल गेम की लत थी और माता-पिता की डांट के बाद उन्होंने यह कदम उठाया.

बच्चों के ऑनलाइन एक्टिविटी पर नजर

पुलिस ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों की मोबाइल और ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखें. मानसिक तनाव, गेमिंग एडिक्शन और सोशल मीडिया प्रेशर को हल्के में लेना बच्चों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है.

पुलिस की अपील और आगे की कार्रवाई

फिलहाल, पुलिस इस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है. साइबर एक्सपर्ट्स की मदद से यह पता लगाया जा रहा है कि बच्चा किन प्लेटफॉर्म्स और गेम्स से जुड़ा था.

क्यों यह मामला गंभीर है?

गाजियाबाद या फिर भोपाल में छात्र द्वारा सुसाइड का यह मामला नीति-निर्माताओं, अभिभावकों और शैक्षिक संस्थानों के लिए चेतावनी जैसा है. डिजिटल गेमिंग, मानसिक स्वास्थ्य और बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखना कितना जरूरी है? कई विशेषज्ञ यह भी कह रहे हैं कि ऐसे मामलों से बच्चों में भावनात्मक और मानसिक सपोर्ट सिस्टम की जरूरत एक बार फिर सबके ध्यान में आई है.

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