इंदौर के Dancing Cop रंजीत सिंह ने ऐसा क्या किया, जो डिमोशन कर फिर से बना दिए गए कांस्टेबल; वायरल डांस से मिली थी शोहरत
इंदौर के ‘डांसिंग कॉप’ रंजीत सिंह को महिला द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद हुई विभागीय जांच के आधार पर ऑफिशिएटिंग हेड कांस्टेबल के पद से हटाकर दोबारा कांस्टेबल बना दिया गया है. रंजीत सिंह को अपने वायरल डांस को लेकर शोहरत मिली थी.
इंदौर के ‘डांसिंग कॉप’ रंजीत सिंह की रैंक छीनी गई, महिला के आरोपों के बाद हुआ डिमोशन
Indore dancing cop Ranjit Singh news: इंदौर के चर्चित ‘डांसिंग कॉप’ रंजीत सिंह को विभागीय जांच के बाद उनके ऑफिशिएटिंग रैंक से हटा दिया गया है. महिला द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद शुरू हुई आंतरिक जांच के आधार पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने उन्हें फिर से कांस्टेबल के पद पर रिवर्ट करने का फैसला लिया है. रंजीत सिंह को इंदौर के हाई कोर्ट चौराहे पर ट्रैफिक ड्यूटी के दौरान अनोखे अंदाज, खासतौर पर डांस स्टेप्स और मूनवॉक, के जरिए नियमों का पालन कराने के लिए देशभर में पहचान मिली थी.
रंजीत सिंह के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे और नागरिकों के साथ-साथ वरिष्ठ अधिकारियों ने भी उनकी तारीफ की थी. इसी लोकप्रियता के चलते पुलिस विभाग ने उन्हें पहले ऑफिशिएटिंग हेड कांस्टेबल की जिम्मेदारी सौंपी थी और अन्य राज्यों में भी उनके तरीके प्रदर्शित करने के मौके मिले थे. हालांकि, यह सफर उस वक्त थम गया, जब एक महिला ने उनके खिलाफ अनुचित ऑनलाइन बातचीत और इंदौर मिलने के कथित आमंत्रण जैसे आरोप लगाए.
रंजीत सिंह को पुलिस लाइन किया गया अटैच
शिकायत सामने आने के बाद रंजीत सिंह को फील्ड ड्यूटी से हटाकर पुलिस लाइन अटैच कर दिया गया और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर विभागीय जांच शुरू की गई. अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (क्राइम ब्रांच) राजेश दंडोतिया के कार्यालय से जारी आधिकारिक संचार में पुष्टि की गई कि यह कार्रवाई विभागीय कार्यवाही का हिस्सा है. जांच डीसीपी हेडक्वार्टर की निगरानी में की गई और निष्कर्षों की समीक्षा के बाद अंतिम निर्णय लिया गया.
रंजीत सिंह के खिलाफ विभागीय जांच जारी
एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया, “डीसीपी हेडक्वार्टर द्वारा जारी आदेश में यह स्पष्ट किया गया है कि रंजीत सिंह, जिन्हें 2021 में एक्टिंग हेड कांस्टेबल बनाया गया था, उन्हें उनके मूल पद कांस्टेबल पर वापस कर दिया गया है.” राजेश दंडोतिया ने कहा कि जांच के दौरान अनुशासन से जुड़े कुछ मुद्दे सामने आए. उन्होंने कहा, “सोशल मीडिया पर कुछ रील्स और कुछ संदेश भी संज्ञान में आए हैं. इस मामले में विभागीय जांच जारी है.”
पुलिस सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान कई शिकायतें वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में आईं, जिसके बाद उन्हें उच्च जिम्मेदारी देने के फैसले की समीक्षा की गई. आखिर में रैंक वापस लेने का निर्णय लिया गया.





