सूरजकुंड मेले में मौत का झूला: इस वजह से हुआ यह हादसा, दिल दहला देगा टूटते झूले के Viral Video

सूरजकुंड मेले में चल रहा ‘टॉप स्पिन’ झूला मैकेनिकल खराबी के कारण टूटकर गिर पड़ा, जिसमें पुलिस इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद समेत दो लोगों की मौत हो गई. इस हादसे में 13 लोग घायल हुए, जबकि वीडियो वायरल होने के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं.;

( Image Source:  X: @iamnarendranath )
Edited By :  रूपाली राय
Updated On : 8 Feb 2026 8:16 AM IST

7 फरवरी 2026 की शाम को हरियाणा के फरीदाबाद में आयोजित प्रसिद्ध सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय शिल्प मेले में एक दिल दहला देने वाला हादसा हो गया, जिसने पूरे मेले के उत्सवपूर्ण माहौल को मातम में बदल दिया. मेले के मनोरंजन क्षेत्र में लगा एक लोकप्रिय हाई-स्पीड झूला, जिसे स्थानीय भाषा में 'सुनामी झूला' या 'टॉप स्पिन' के नाम से जाना जाता है, अचानक मैकेनिकल खराबी के कारण टूटकर गिर पड़ा. इस भयानक दुर्घटना में एक बहादुर पुलिस इंस्पेक्टर सहित कम से कम दो लोगों की मौत हो गई, जबकि 13 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए.

हादसा शाम करीब 6:15 से 6:30 बजे के बीच हुआ, जब झूला पूरी स्पीड में चल रहा था और उस पर 18 से 26 तक सवारियां थी. अचानक झूले का एक हिस्सा टूट गया, वह एक तरफ झुककर हवा में लटक गया और फिर पूरी तरह से जमीन पर जा गिरा. वायरल हुए वीडियो में साफ दिखाई देता है कि झूला अनियंत्रित रूप से झूल रहा था, फिर तेज आवाज के साथ टूटकर नीचे गिरा, जिससे चारों तरफ अफरा-तफरी मच गई। चीख-पुकार और भागदौड़ का मंजर देखकर किसी का भी दिल कांप उठता है. 

ड्यूटी पर तैनात इंस्पेक्टर की बहादुरी और शहादत

इस दौरान मेले के अम्यूजमेंट जोन में ड्यूटी पर तैनात पुलिस इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद की इस हादसे में मौत हो गई. वह पलवल में पोस्टेड थे और रिटायरमेंट से एक महीना दूर थे. उन्होंने बहादुरी दिखाते हुए फंसे हुए लोगों को बचाने के लिए तुरंत दौड़ लगाई थी. कई सवारियों को सुरक्षित निकालने की कोशिश की, लेकिन ठीक उसी समय झूले का दूसरा हिस्सा या भारी लोहे की संरचना उनके सिर और चेहरे पर जा गिरी, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं. उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. उनकी शहादत ने इस हादसे को और भी दर्दनाक बना दिया।घायलों में महिलाएं, बच्चे और एक कांस्टेबल भी शामिल थे. सभी घायलों को मेले स्थल पर मौजूद एम्बुलेंस से तुरंत सुप्रीम हॉस्पिटल और बीके सिविल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां कुछ को गंभीर हालत में इलाज दिया जा रहा है. 

आखिर लापरवाही किसकी?

संलग्न वीडियो फुटेज में पूरी घटना कैद हो गई है. झूला तेजी से घूमते हुए अटकता है, फिर टूटकर गिरता है और चारों ओर धूल-धुंध व चीखें गूंजती हैं. इस वीडियो ने सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा भड़का दिया है, क्योंकि यह भारत के बड़े-बड़े मेलों और अस्थायी मनोरंजन सेटअप में सुरक्षा मानकों की लापरवाही को उजागर करता है. इस हादसे पर सोशल मीडिया यूजर्स और आम जनता ने व्यवस्थागत खामियों पर सवाल उठाए हैं.

अक्सर होता है ऐसा हादसा 

कई लोगों ने खराब रखरखाव, अपर्याप्त सुरक्षा जांच और ढीले विनियमन को जिम्मेदार ठहराया है. राष्ट्रीय अपराध अभिलेख ब्यूरो (NCRB) के आंकड़ों के अनुसार, भारत में हर साल मनोरंजन सवारी से जुड़ी 200 से अधिक दुर्घटनाएं दर्ज होती हैं, जिनमें ज्यादातर मामले अनियमित स्थानीय मेलों या फेयरों में ही होते हैं. विशेषज्ञों और यूजर्स का कहना है कि ऐसी जगहों पर सवारी चलाने से पहले रोजाना सख्त सेफ्टी सर्टिफिकेशन और मैकेनिकल इंस्पेक्शन जरूरी है, लेकिन अक्सर यह महज औपचारिकता बनकर रह जाता है. 

क्या बोले मुख्यमंत्री 

प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए झूले के ऑपरेटर के खिलाफ FIR दर्ज की है, सभी सवारियां बंद कर दी गई हैं और फोरेंसिक जांच के साथ उच्च स्तरीय जांच समिति गठित की गई है. हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शोक व्यक्त किया और इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद के परिवार को एक्स-ग्रेशिया मुआवजे की घोषणा की है. यह हादसा एक बार फिर याद दिलाता है कि भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक आयोजनों में सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए, वरना छोटी सी लापरवाही भी बड़े जानलेवा हादसे का रूप ले सकती है. 

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