INSIDER: दिल्ली विधानसभा में ‘आतिशी’ के ‘बयान’ पर शुरू बवाल में जांलधर पुलिस बनी 'बंदर’, पिक्चर अभी बाकी है...!

बुधवार (7 जनवरी 2026) को दिल्ली विधानसभा में पूर्व मुख्यमंत्री और AAP नेता आतिशी मर्लेना द्वारा सिख गुरु गुरु तेग बहादुर पर आपत्तिजनक टिप्पणी किए जाने से बवाल मच गया. सदन में सत्ताधारी बीजेपी विधायक-मंत्री हंगामा करने लगे और माफी की मांग की, जबकि आतिशी बिना माफी दिए सदन छोड़कर गोवा चली गईं. शिरोमणि अकाली दल ने भी विरोध जताया. इसके बाद पंजाब के जालंधर पुलिस ने दिल्ली विधानसभा के फुटेज के आधार पर मुकदमा दर्ज कर दिया, जिससे विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने सख्त प्रतिक्रिया देते हुए इसे सदन के विशेषाधिकार का उल्लंघन बताया.;

By :  संजीव चौहान
Updated On : 10 Jan 2026 7:43 PM IST

बुधवार (7 जनवरी 2026) को दिल्ली विधानसभा में राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री और मौजूदा आम आदमी पार्टी विधायक आतिशी मर्लेना के बेतुके बयान पर बवाल मचा है. इस बयान के बाद बेकाबू हुईं न तो आतिशी मर्लेना झुकने के राजी हैं. न ही उन्हें सदन (दिल्ली विधानसभा) उनकी बेतुकी हरकतों के मद्देनजर अब आज के बदले हुए हालातों में ‘माफ’ करने की इच्छुक नजर आती है.

आतिशी और दिल्ली विधानसभा के बीच दरअसल बवाल कहूं या जूतम-पैजार तब शुरू हुई जब अक्सर छोटे-छोटे या बे-सिर पैर के ही मुद्दों पर, अक्सर सदन में ‘बालहठ’ या कहिए कि अपनी पर अड़ जाने वाली “आप” विधायक आतिशी ने सिखों के धर्मगुरु, गुरु तेग बहादुर का कथित रूप से अपमान करने संबंधी एक ऊल-जलूल बयान दे डाला. दिल्ली विधानसभा में विपक्ष की नेता द्वारा दिए गए इस अनाप-शनाप बयान को लेकर सिख धर्म के अनुयायियों में भी रोष फैल गया जोकि लाजिमी भी था.

इसलिए बवाल तुरंत ‘कैश’ किया

जगह चूंकि दिल्ली विधानसभा जैसा सम्मानित सदन था और मुद्दा या बदनामी की बात थी सिखों के गुरु के बारे में गलत-बयानबाजी. वह भी सदन में विपक्षी दल की और बड़बोलेपन के लिए बदनाम रहने वाली आतिशी मार्लेना से संबंधित, तो इस मौके को “कैश” करने से भला दिल्ली में सत्ता के सिंहासन पर काबिज भारतीय जनता पार्टी (मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली हुकूमत) की हुकूमत के माननीय (विधायक-मंत्री) भला कैसे चूक जाते? लिहाजा जैसे ही आतिशी मर्लेना की बेलगाम-जुबान से सिख गुरु के लिए ऊट-पटांग शब्द निकले वैसे ही भरे सदन में उन्हें सत्ताधारी दल ने घेर लिया.

 सत्ताधारी दल के (बीजेपी) मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा, मंत्री कपिल मिश्रा, संसदीय कार्य और लोक निर्माण विभाग मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा, विधायक अरविंदर सिंह लवली, तरविंदर सिंह मारवाह आदि ने आतिशी मार्लेना को उनके द्वारा सिख गुरु के ऊपर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी पर घेर लिया. सदन में हंगामा कर रहे सत्ताधारी दल के नेता-मंत्री आतिशी से उनके बयान पर माफी मांगने की जिद पर अड़ गए. हंगामा करने वाली सत्ताधारी दल के नेता-मंत्री कुर्सियों से उठकर हाथों में तख्तियां लेकर सीधे ‘वेल’ में आ गए.

विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता बोले

नाजायज बयान पर बात बढ़ती देख और सदन की गरिमा बनाए रखने के लिए विधानसभाध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता को हस्तक्षेप करना पड़ा. उन्होंने सदन को भरोसा दिलाया कि विपक्षी दल की नेता आतिशी अपने बयान पर एक घंटे के भीतर सदन के पटल पर अपना पक्ष रखें. इसके बाद भी मगर आतिशी ने कोई लिखित सूचना सदन को नहीं दी. विधायक मुकेश अहलावत ने बताया कि आतिशी मार्लेना तो सदन में सिख गुरू के ऊपर बेतुका बयान देने के बाद गोवा चली गईं. इस खबर ने सत्ताधारी दल के मंत्री-विधायकों का पारा सातवें आसमान पर पहुंचा दिया.

कब शुरू हुआ सदन में बवाल?

दरअसल दिल्ली विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन सदन में सिखों के गुरु, गुरु तेग बहादुर के बलिदान को याद किया जा रहा था. सिख गुरु की शहादत को 350 साल पूरे होने पर मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा सिख गुरु तेग बहादुर जी पर बोल रहे थे. इसी दौरान विपक्षी दल (आम आदमी पार्टी विधायक) की नेता और दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी मर्लेना ने सिख गुरु के ऊपर आपत्तिजनक टिप्पणी कर डाली. आतिशी का कहना था कि सिख गुरुओं की चर्चा को छोड़कर सदन में सबसे पहले इस बात पर चर्चा होनी चाहिए कि आखिर दिल्ली में प्रदूषण क्यों जानलेवा स्तर तक पहुंच चुक है.

शिरोमणि अकाल दल ने खोला मोर्चा

इस विषय पर अभी दिल्ली विधानसभा के शीतकालीन सत्र में जरूरत से कहीं ज्यादा गर्म हो चुके माहौल का तापमान सामान्य भी नहीं हुआ था कि, शिरोमणि अकाली दल (SAD) ने आतिशी के इस बेतुके बयान और सिख गुरु पर की गई बेहूदा टिप्पणी पर मोर्चा विधानसभा के बाहर खोल दिया. अकाली दल के मुख्य प्रवक्ता अर्शदीप क्लेर ने कहा, “आतिशी की बयानबाजी सिख गुरु का सीधे सीधे अपमान और अक्षम्य अपराध है. इस अशोभनीय कृत्य के लिए माफी नहीं सीधे सीधे सजा ही दी जानी चाहिए. इस तरह किसी भी धर्म गुरु का अपमान करने वाली या वाले सदस्य की विधानसभा सदस्यता हमेशा हमेशा के लिए रद्द कर दी जानी चाहिए.”

पंजाब पुलिस ने मरा सांप गले में डाला

इस बवाल के निपटने की जो थोड़ी-बहुत उम्मीद बाकी बची थी उस पर पंजाब के जालंधर जिले की पुलिस ने कूदकर विराम लगा दिया है. बल्कि यह कहा जाए कि जालंधर पुलिस ने दिल्ली के बवाल में खुद को “दाल भात में मूसलचंद” की मानिंद कुदाकर अपने गले में खुद ही मरा हुआ सांप डाल लिया है. जालंधर पुलिस ने इस मामले में एक मुकदमा दर्ज कर लिया. जिसमें कहा गया है कि दिल्ली विधानसभा में जिस फुटेज में आतिशी मर्लेना द्वारा सिख धर्म गुरु के अपमान की बात का रिकॉर्ड मौजूद होने का दावा किया जा रहा है, वह फुटेज गलत तरीके से तैयार किया गया है.

नेताओं की लड़ाई में पंजाब पुलिस घिरी

दिल्ली विधानसभा के फुटेज के आधार पर पंजाब के जालंधर जिले में दर्ज एफआईआर की बात पता चलते ही, अब दिल्ली विधानसभा ने जांलधर पुलिस (पंजाब पुलिस) को बुरी तरह से चौतरफा घेर लिया है. दिल्ली विधानसभा सचिवालय ने पंजाब पुलिस महानिदेशक, जालंधर पुलिस आयुक्त, विशेष पुलिस महानिदेशक साइबर सेल (पंजाब) को एक नोटिस जारी कर दिया है. नोटिस के जरिए दिल्ली विधानसभा ने 48 घंटे के भीतर इस मामले में लिखित जवाब मांगा है. इस सवाल के साथ कि पंजाब (जालंधर) पुलिस को यह कानूनी और संवैधानिक अधिकारी किसने दिया कि वह दिल्ली विधानसभा सदन की अधिकृत कार्यवाही के किसी फुटेज के आधार पर अपने यहां मुकदमा दर्ज करे?

बुरी फंसी है पंजाब पुलिस

10 जनवरी 2026 के दिल्ली में आयोजित प्रेस-कांफ्रेंस में विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा, “जिस वीडियो के आधार पर उन्होंने (जालंधर पुलिस) मुकदमा दर्ज किया है, वह फुटेज रिकॉर्डिंग किसी की व्यक्तिगत संपत्ति नहीं है. यह दिल्ली विधानसभा सदन की आधिकारिक संपत्ति है. किसी मंत्री के खिलाफ इस फुटेज के आधार पर मुकदमा दर्ज कर दिया जाना सीधे सीधे संवैधानिक व्यवस्था पर कुठाराघात-उल्लंघन है. यह गंभीर-निंदनीय है. इस मामले में जालंधर के पुलिस आयुक्त की भूमिक पूरी तरह से संदिग्ध है. उन्होंने प्रथम दृष्टया सदन के विशेषाधिकार का उल्लंघन किया है.”

हम फुटेज की जांच करवा ही रहे हैं तब...

नई दिल्ली में पत्रकारों के सवालों के जवाब देते हुए विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि, “सदन के पास मौजूद फुटेज की हम फॉरेंसिक जांच करवा ही रहे हैं. जोकि हमारा संवैधानिक और कानूनी अधिकार क्षेत्र भी है. तब फिर ऐसे में जालंधर पुलिस का इस जांच में भला क्यों और क्या और कैसे कोई कानूनी अधिकार है. जिसके चलते उसने हमारी जांच से पहले ही और हमारी जांच रिपोर्ट आने से पहले ही व बिना हमारे सदन के ही, उन्होंने (जालंधर, पंजाब पुलिस) कैसे अपने यहां मुकदमा दर्ज कर डाला? इसका जवाब दिल्ली राज्य विधानसभा सचिवालय द्वारा जालंधर कमिश्नर, पंजाब पुलिस महानिदेशक से लिखित में मांगा गया है.”

जालंधर पुलिस खुद फंस चुकी है

दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने आगे कहा कि, “हमारे मामले में जबरदस्ती हस्तक्षेप करके पंजाब (जालंधर) पुलिस ने खुद ही अपनी मुसीबत बढ़ा ली है. उसके द्वारा हमारे खिलाफ यह एक सुनियोजित षडयंत्र का हिस्सा है. जालंधर पुलिस के इस कदम से साबित होता है कि उसने किसी संवैधानिक (दिल्ली विधानसभा) सदन को जान-बूझकर बदनाम करने की नीयत से मुकदमा दर्ज किया है. जोकि हम किसी भी कीमत पर नहीं होने देंगे. इस साजिश में शामिल पाए जाने वालों (जालंधर पंजाब पुलिस) को हम सबूतों के आधार पर संवैधानिक तरीके से कानून के आधार पर ही कड़ी सजा देने के लिए स्वतंत्र हैं.”

चोर की दाढ़ी में तिनका

पत्रकारों से बातचीत में दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष ने यह भी कहा कि, “अगर नेता प्रतिपक्ष (आतिशी) के मन में बेईमानी नहीं थी तब फिर उन्होंने घटना के बाद सदन में भागीदारी क्यों नहीं निभाई. क्यों वह सिख धर्मगुरु का अपमान करने वाली टिप्पणी देकर सदन छोड़ गईं. सदन ने उन्हें माफी मांगने के लिए 1 घंटे का समय भी दिया. उन्होंने सदन की तब गरिमा न रखकर, सदन का मजाक उड़ाया. सदन की गरिमा से किसी को भी खेलने का अधिकार कैसे दे सकता हूं. इतना ही नहीं जब सदन में इस मुद्दे पर चर्चा शुरू हुई तो न केवल नेता प्रतिपक्ष अपितु उनके सभी सहयोगी सदस्य भी सदन छोड़कर बाहर निकल गए. जबकि आतिशी से संक्षिप्त माफी मांगकर विषय को खतम करने का सदन ने आग्रह किया था.”

बहरहाल जो भी हो. दिल्ली सरकार और नेता प्रतिपक्ष आतिशी के बीच सिख धर्मगुरु पर अपमानजनक टिप्पणी की यह आग अभी सुलग ही रही थी. उसे बुझाने की जब कोशिश की गई तो नेता प्रतिपक्ष और उनके साथी सदस्य सदन से ही बाहर चले गए. रही सही कसर आग में घी डालकर जालंधर पुलिस ने पूरी कर डाली है. जिसने इस मामले में मुकदमा दर्ज कर डाला है. यहां गौरतलब है कि पंजाब में आम आदमी पार्टी की हुकूमत है. और सिख धर्म गुरु का कथित रूप से अपमान करने की आरोपी दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी (दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री) भी आम आदमी पार्टी से ही ताल्लुक रखती हैं. यह तो अभी इस शर्मनाक कांड का ट्रेलर भर है. इसमें पंजाब (जालंधर) पुलिस का मदारी और बंदर की मानिंद कूदना आइंदा क्या गुल खिलाएगा, यह भविष्य के गर्त में है. क्योंकि पिक्चर अभी बाकी है.

Similar News