छत्तीसगढ़ की कांगेर घाटी में मिली 'ग्रीन गुफा', नजारा ऐसा कि खूबसूरती देख दंग हुए टूरिस्ट, जानें हरे रंग का रहस्य

छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में स्थित कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में हाल ही में एक नई और अनोखी गुफा मिली है, जिसे 'ग्रीन गुफा' या 'ग्रीन केव' कहा जा रहा है. इस गुफा की दीवारें और छत हरे रंग की हैं, जो देखने वाले पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देती हैं.;

( Image Source:  AI SORA )
Edited By :  हेमा पंत
Updated On : 5 Jan 2026 2:13 PM IST

छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में स्थित कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान अपने घने जंगलों, खूबसूरत गुफाओं और जैव विविधता के लिए काफी मशहूर है. हाल ही में इस प्राकृतिक धरोहर में एक नई और खास गुफा सामने आई है, जिसे 'ग्रीन गुफा' या 'ग्रीन केव' कहा जा रहा है. यह गुफा अपनी हरी दीवारों और अनोखी बनावट के कारण अब पर्यटकों के लिए नया आकर्षण बन गई है.

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जंगलों के बीच छिपी इस गुफा की प्राकृतिक सुंदरता  ने आए दिन आने वाले टूरिस्टों को हैरान कर दिया है. आइए जानते हैं इस हरे रंग की रहस्यमयी गुफा के बारे में हर पहलू.

क्यों हरी है ये गुफा?

यह गुफा कांगेर घाटी के कोटुमसर परिसर में कंपार्टमेंट नंबर 85 में है. इस गुफा की दीवारों और छत पर चूने की बने शेप (स्टैलेक्टाइट्स) पर हरे रंग की माइक्रोऑर्गेनिज्म की परतें दिखती हैं. इसके कारण से इसे ‘ग्रीन केव’ कहा जाता है. चूना पत्थर और शैल से बनी यह गुफा कांगेर घाटी की सबसे अनोखी और दुर्लभ गुफाओं में से एक मानी जाती है.

गुफा तक का रास्ता है रोमांचक 

ग्रीन गुफा तक जाने का रास्ता बड़े-बड़े पत्थरों से भरा हुआ है. गुफा में जैसे ही अंदर जाते हैं, तो हरी परतों से ढकी दीवारें और छत टूरिस्ट को हैरान कर देती हैं. इसके अलावा, अंदर एक विशाल कक्ष दिखाई देता है, जहां चमकदार स्टैलेक्टाइट्स और फ्लो-स्टोन (बहते पानी से बनी पत्थरों की परतें) गुफा की भव्यता को और बढ़ा देते हैं.

वन विभाग करता है सुरक्षा 

घने जंगलों के बीच स्थित यह गुफा अपनी अनोखी बनावट और प्राकृतिक सुंदरता की वजह से अब पर्यटकों के लिए नया आकर्षण बन गई है. वन विभाग गुफा की सुरक्षा और निगरानी कर रहा है. साथ ही पर्यटकों की सुविधा के लिए पैदल रास्ते, पहुंच मार्ग और अन्य जरूरी सुविधाओं का निर्माण भी किया जा रहा है.

वन मंत्री का बयान 

वन मंत्री कश्यप का कहना है कि ग्रीन गुफा को पर्यटन मानचित्र में शामिल किया जाएगा, जिससे टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा. इतना ही नहीं, इससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के मौके बढ़ेंगे और क्षेत्र का विकास भी तेज होगा. वन विभाग ने बताया कि जैसे ही सभी तैयारियां पूरी होंगी, गुफा को पर्यटकों के लिए खोल दिया जाएगा, ताकि लोग इसकी प्राकृतिक सुंदरता का आनंद ले सकें.


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