युवक को UPSC टॉपर समझकर पहनाई फूल-मालाएं, इनाम भी दिए; जब सच्चाई सामने आई तो उड़ गए होश, पूर्व MLA को डिलीट करना पड़ा पोस्ट
बिहार के शेखपुरा में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. यहां एक युवक ने UPSC 2025 में 440वीं रैंक आने का झूठा दावा किया. गांव में जश्न और सम्मान मिलने के बाद जब सच्चाई सामने आई तो पता चला कि असली रैंक कर्नाटक के एक अन्य छात्र की है. मामला खुलने के बाद आरोपी युवक गायब हो गया और पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
बिहार के शेखपुरा जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक युवक ने UPSC की सिविल सेवा परीक्षा 2025 में 440वीं रैंक आने का झूठा दावा कर दिया. युवक का नाम Ranjit Kumar Yadav बताया जा रहा है, जो शेखपुरा जिले के फतेहपुर गांव का रहने वाला है. रंजीत ने गांव और आसपास के इलाकों में यह खबर फैला दी कि उसने देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक UPSC CSE 2025 पास कर ली है और उसकी ऑल इंडिया रैंक 440 आई है. इस खबर के फैलते ही गांव में जश्न का माहौल बन गया। लोग उसे बधाई देने उसके घर पहुंचने लगे.
स्थानीय नेताओं और अधिकारियों ने भी बिना जांच किए उसे बधाई दे दी. बताया जाता है कि पूर्व विधायक Vijay Samrat भी उसके घर पहुंचे और उसे फूल-मालाओं से सम्मानित किया. गांव के लोगों ने उसे मिठाइयां खिलाईं, नकद इनाम और कई तरह के उपहार भी दिए.
गांव में दिए मोटिवेशनल भाषण
रंजीत ने इस दौरान गांव में कई जगह भाषण भी दिए. उसने युवाओं को मेहनत, फोकस और लक्ष्य पर टिके रहने की सलाह दी. उसके भाषण के वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो गए और लोग उसे एक प्रेरणा के रूप में देखने लगे, लेकिन कुछ ही समय बाद उसकी कहानी की सच्चाई सामने आ गई.
कैसे खुली पोल?
- जब लोगों ने UPSC की आधिकारिक रैंक लिस्ट देखी, तो पता चला कि 440वीं रैंक किसी और की है. यह रैंक कर्नाटक के चिकबल्लापुर के रहने वाले Ranjith Kumar R को मिली थी. जैसे ही यह बात सामने आई, पूरे इलाके में हड़कंप मच गया.
- जिन लोगों ने पहले रंजीत को सम्मानित किया था, वे भी असहज हो गए. पूर्व विधायक विजय सम्राट ने सोशल मीडिया से उसके साथ की तस्वीरें और पोस्ट तुरंत हटा दीं.
- मामला सामने आने के बाद पुलिस ने रंजीत को थाने बुलाया और उससे आधार कार्ड और UPSC एडमिट कार्ड दिखाने को कहा, लेकिन वह अचानक गायब हो गया. उसका फोन भी बंद है.
- बताया जा रहा है कि वह दिल्ली भाग गया है. फिलहाल पुलिस उसकी तलाश कर रही है, जबकि उसका परिवार मीडिया से दूरी बना रहा है.
क्यों बोला झूठ?
स्थानीय रिपोर्ट्स के मुताबिक, रंजीत एक किसान परिवार से आता है और पढ़ाई के लिए दिल्ली गया था. बताया जा रहा है कि दोस्तों की सरकारी नौकरी में सफलता से प्रेरित होकर उसने खुद को IAS बनने वाला बताने की झूठी कहानी गढ़ ली.
इस पूरे मामले ने सोशल मीडिया पर भी बहस छेड़ दी है. लोग कह रहे हैं कि बिना जांच के किसी भी खबर पर भरोसा कर लेना कितना खतरनाक हो सकता है, खासकर जब बात देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा UPSC की हो.