UPSC 2025: इंस्पेक्टर पिता की बेटी बनी IPS, 171वीं रैंक हासिल करने वाली कौन हैं बेगूसराय की रुचि सिंह? जश्न में डूबा गांव

UPSC 2025 के रिजल्ट में बिहार के बेगूसराय की रुचि सिंह ने 171वीं रैंक हासिल कर IPS बनने का सपना पूरा किया. पुलिस इंस्पेक्टर पिता से प्रेरित होकर उन्होंने सालों की मेहनत के बाद यह मुकाम हासिल किया.

Edited By :  रूपाली राय
Updated On : 7 March 2026 10:44 AM IST

UPSC 2025 : बीते गुरूवार को जारी हुए UPSC 2025 का परिणाम अब देश भर में चर्चा का केंद्र बना हुआ है क्योंकि इस परीक्षा में शामिल होने वाले कई होनहार युवाओं ने अपनी कड़ी मेहनत का परचम लहराया है. चाहे वह ऑल इंडिया रैंक 1 पर आने वाले राजस्थान के अनुज अग्निहोत्री हो, दूसरे नंबर पर तमिलनाडु की राजेश्वरी सुवे या उत्तर प्रदेश की सुरभि यादव. इनके अलावा भी कई और छात्र है जिन्होंने यूपीएससी 2025 क्लियर कर अपने उज्वल भविष्य की ओर आगे बढ़ेंगे और दूसरों को प्रेरणा देंगे.

अब इन पलों में शामिल है बिहार की एक भावुक कहानी जहां एक पुलिस अफसर अपनी बिटिया को सलामी देंगे क्योंकि वह इंडियन पुलिस सर्विस (IPS) की अधिकारी बनकर घर लौट रही है. एक बहुत ही इमोशनल और प्रेरणादायक कहानी है, जो हर किसी के दिल को छू जाती है. यह सिर्फ एक सफलता की कहानी नहीं है, बल्कि लगन, मेहनत और परिवार की प्रेरणा का जीता-जागता उदाहरण है. खाकी वर्दी में पिता की छवि ने बेटी के सपनों को पंख दिए और आज वह उन सपनों को हकीकत में बदल चुकी है.

कौन हैं रुचि सिंह?

यह कहानी है बिहार के बेगूसराय जिले के मटिहानी ब्लॉक स्थित महेंद्रपुर गांव की बेटी रुचि सिंह की. रुचि ने यूपीएससी सिविल सर्विसेज परीक्षा 2025 में 171वीं रैंक हासिल की है. उनकी इस उपलब्धि ने न सिर्फ उनके परिवार को गर्व का मौका दिया, बल्कि पूरे गांव, ब्लॉक और जिले को खुशी से भर दिया. लोग अब बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं कि कब रुचि IPS अधिकारी बनकर घर आएंगी. गांव में जश्न का माहौल है मिठाइयां बंट रही हैं, लोग एक-दूसरे को बधाई दे रहे हैं और रुचि के सम्मान में कार्यक्रम की तैयारियां चल रही हैं.

पिता से प्रेरित होकर बनी IPS

रुचि के पिता राम शंकर सिंह बेगूसराय के ही एक पुलिस इंस्पेक्टर हैं. उनकी मेहनत और ईमानदारी की छवि ने रुचि को बचपन से ही प्रेरित किया. पिता की वर्दी देखकर रुचि ने ठान लिया था कि वह भी एक दिन समाज की सेवा में लगेगी और खाकी वर्दी पहनेगी. आज वह वही सपना पूरा कर रही हैं. यह पिता-बेटी का रिश्ता सिर्फ खून का नहीं, बल्कि सपनों और संघर्ष का भी है.

कैसा रहा रुचि का सफर?

रुचि की पढ़ाई का सफर भी कमाल का रहा है. उन्होंने बेगूसराय के BRDAV पब्लिक स्कूल से क्लास 10 तक की पढ़ाई पूरी की. उसके बाद 2017 में दिल्ली के प्रतिष्ठित DPS RK Puram से क्लास 12 पास की. उसी साल उन्होंने सेंट स्टीफंस कॉलेज, दिल्ली से ग्रेजुएशन किया. पढ़ाई पूरी करने के बाद रुचि ने बिहार के लखीसराय जिले में DPR ऑफिस में BSC-क्वालिफाइड ऑफिसर के रूप में काम शुरू किया. लेकिन उनका असली लक्ष्य यूपीएससी था, इसलिए उन्होंने दिन-रात मेहनत की. सालों की कड़ी पढ़ाई, लगातार प्रयास और मजबूत इरादे ने उन्हें यह मुकाम दिलाया.

टॉप रैंक हासिल करने वाली कैंडिडेट

यूपीएससी ने शुक्रवार (6 मार्च 2026) को सिविल सर्विसेज एग्जामिनेशन (CSE) 2025 का फाइनल रिजल्ट घोषित किया. इस बार कुल 958 कैंडिडेट्स को IAS, IFS, IPS और अन्य ग्रुप A एवं B सर्विसेज के लिए सिफारिश की गई है. टॉप रैंक हासिल करने वाले हैं

  • एयर 1: अनुज अग्निहोत्री (कोटा, राजस्थान के डॉक्टर)
  • एयर 2: राजेश्वरी सुवे एम
  • एयर 3: आकांक्षा ढुल

रुचि की 171वीं रैंक ने बिहार को गौरवान्वित किया है. बिहार से कई अन्य कैंडिडेट्स ने भी अच्छा प्रदर्शन किया, जैसे मुजफ्फरपुर के राघव ने 4th रैंक हासिल की. लेकिन रुचि की कहानी खास इसलिए है क्योंकि यह दिखाती है कि छोटे गांव की बेटियां भी बड़े सपने देख सकती हैं और उन्हें पूरा कर सकती हैं. रुचि की सफलता पूरे बेगूसराय जिले के लिए एक मिसाल है. युवा लड़कियां अब कह रही हैं कि अगर रुचि कर सकती हैं, तो हम भी कर सकते हैं. 

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