गया में चार नाबालिग छात्राएं घर से फरार, दो ने खुद को बनाया लड़का; बक्सर से दिल्ली तक चला पुलिस ऑपरेशन
बिहार के गया में गहरी दोस्ती और भावनात्मक जुड़ाव ने चार नाबालिग छात्राओं को घर छोड़ने पर मजबूर कर दिया. इसमें से दो लड़कियों ने लड़के का भेष धारण कर लिया था.;
Gaya missing minor girls recovered in Delhi: बिहार के गया जिला से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने न सिर्फ पुलिस बल्कि समाज को भी सोचने पर मजबूर कर दिया है. डेल्हा थाना क्षेत्र में स्थित अनुग्रह कन्या उच्चतर विद्यालय की चार नाबालिग छात्राएं 16 जनवरी को अचानक अपने-अपने घरों से लापता हो गईं. जब देर शाम तक छात्राएं घर नहीं लौटीं, तो परिजनों ने घबराकर तुरंत डेल्हा थाना में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई.
मामले की गंभीरता को देखते हुए गया के एसएसपी सुशील कुमार ने तत्काल चारों छात्राओं की बरामदगी के लिए SIT (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) का गठन किया. पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला कि चारों लड़कियां आपस में बेहद करीबी दोस्त थीं और एक ही स्कूल में पढ़ती थीं. यही दोस्ती धीरे-धीरे इतना गहरा भावनात्मक लगाव बन गई कि वे एक-दूसरे के बिना रहने को तैयार नहीं थीं.
बक्सर से दिल्ली तक पहुंचीं नाबालिग छात्राएं
तकनीकी सर्विलांस और इनपुट के आधार पर पुलिस को पहले सूचना मिली कि छात्राएं बक्सर में मौजूद हो सकती हैं. जब SIT टीम वहां पहुंची, तो पता चला कि चारों वहां से आगे निकल चुकी हैं और दिल्ली पहुंच गई हैं. स्थिति की गंभीरता को समझते हुए पुलिस टीम को फ्लाइट से दिल्ली भेजा गया.
दो छात्राओं ने बदला भेष, लड़के का रूप अपनाया
दिल्ली पहुंचकर पुलिस भी तब हैरान रह गई, जब सामने आया कि चारों में से दो नाबालिग छात्राओं ने खुद को लड़के के रूप में पेश किया हुआ था. उन्होंने अपने बाल, कपड़े और पहनावे तक बदल लिए थे, ताकि पहचान छुपाई जा सके. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यह सब उन्होंने समाज और परिवार के दबाव से बचने के लिए किया था.
टाउन DSP ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में किया मामले का खुलासा
टाउन DSP (2) धर्मेंद्र भारती ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे मामले का खुलासा किया. उन्होंने बताया कि पुलिस ने चारों नाबालिग छात्राओं को सकुशल बरामद कर लिया है और उन्हें सुरक्षित रूप से गया वापस लाया गया है. DSP ने कहा कि सभी छात्राओं के बयान कोर्ट में दर्ज कराए जाएंगे. साथ ही, उनके परिजनों को सतर्क रहने और बच्चियों की मानसिक व सामाजिक सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं. पुलिस इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया भी पूरी कर रही है.
राज्यभर में चर्चा का विषय बना माला
यह मामला अब सिर्फ गया तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे बिहार में चर्चा का विषय बन गया है. विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में नाबालिग बच्चों की मानसिक स्थिति, भावनात्मक जुड़ाव और पारिवारिक संवाद बेहद अहम होते हैं. पुलिस ने भी अभिभावकों से अपील की है कि बच्चों पर नजर रखें और किसी भी असामान्य व्यवहार को नजरअंदाज न करें.