हुस्न, हनीट्रैप और गोलीकांड: अंशिका सिंह का काला साम्राज्य, DSP-दरोगा तक हो गए 'नंगे'

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में अस्पताल मैनेजर पर फायरिंग की आरोपी अंशिका सिंह का नाम बड़े हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग नेटवर्क से जुड़ा सामने आया है. जांच में खुलासा हुआ है कि इस गिरोह ने वीडियो कॉल के जरिए लोगों को फंसाकर न्यूड फोटो और वीडियो बनवाए, फिर उन्हें ब्लैकमेल कर रंगदारी वसूली गई. अब तक करीब 150 पीड़ितों की पहचान हुई है, जिनमें 15 पुलिसकर्मी भी शामिल बताए जा रहे हैं. पुलिस नेटवर्क के अन्य सदस्यों और पैसों के लेनदेन की जांच कर रही है.;

Gorakhpur ki Anshika Singh

(Image Source:  @jpsin1- X )
Edited By :  सागर द्विवेदी
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उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के सिंघड़िया इलाके में अस्पताल मैनेजर पर हुई फायरिंग ने एक ऐसे आपराधिक नेटवर्क से पर्दा उठाया है, जिसमें हुस्न, हनीट्रैप, ब्लैकमेलिंग और रंगदारी का खतरनाक मेल था. इस पूरे खेल की मास्टरमाइंड बताई जा रही है अंशिका सिंह उर्फ अंतिमा, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.

पुलिस जांच के मुताबिक अंशिका सोशल मीडिया और मैसेंजर ऐप के जरिए लोगों से दोस्ती करती थी. बातचीत को वीडियो कॉल तक ले जाकर वह रिकॉर्डिंग कर लेती और फिर इन्हीं क्लिप्स के जरिए दुष्कर्म के फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर पैसे वसूलती थी.

पांच साल में 150 से ज्यादा शिकार

जांच में सामने आया है कि बीते पांच वर्षों में अंशिका ने करीब 150 लोगों से उगाही की. देवरिया, संतकबीरनगर और गोरखपुर में दर्ज मामलों में पहले केस, फिर ‘सुलह’ के नाम पर मोटी रकम वसूली जाती थी. विरोध करने पर नए मुकदमों की धमकी दी जाती थी.

जब कानून के रखवाले भी फंस गए

सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह है कि अयोध्या में तैनात एक DSP (CO रैंक) समेत 15 से अधिक पुलिसकर्मी भी इस हनीट्रैप का शिकार बने. गीडा थाने के एक दरोगा से भी वीडियो कॉल रिकॉर्डिंग के जरिए रकम वसूली गई. एक मामले में थाने में घंटों चली ‘पंचायत’ के बाद कैश और सोने की चेन देकर मामला दबाया गया.

रंगदारी न मिली तो चला दी गोली

गोरखपुर कैंट थाना क्षेत्र में अंशिका और उसके साथी बंटी उर्फ आकाश वर्मा ने अस्पताल मैनेजर विशाल मिश्रा से रंगदारी मांगी. तय रकम कम मिलने पर अंशिका ने पिस्टल तान दी. विशाल के पीछे हटने पर चली गोली उसके दोस्त अमिताभ को जा लगी, जो गंभीर रूप से घायल हो गया. पुलिस के मुताबिक अंशिका के मोबाइल से मिले वीडियो, चैट और कॉल रिकॉर्डिंग आने वाले दिनों में कई बड़े नामों को बेनकाब कर सकते हैं. पुराने ‘सुलह’ वाले मामलों की दोबारा जांच शुरू कर दी गई है.

जेल की सलाखों के पीछे ‘क्वीन ऑफ हनीट्रैप’

विशाल मिश्रा की तहरीर पर अंशिका सिंह, बंटी वर्मा और अन्य साथियों के खिलाफ हत्या की कोशिश, रंगदारी और गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है. मुख्य आरोपी अंशिका और बंटी को जेल भेज दिया गया है.

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