हिमंता के लिए तुरुप का इक्का! क्या है ‘ओरुनोदोई योजना', जो असम चुनाव में साबित हो सकती है गेम चेंजर?
असम में चुनाव करीब है और ऐसे में असम सरकार के जरिए लाई गई ‘ओरुनोदोई योजना' का जिक्र हो रहा है. ये स्कीम चुनाव में गेम चेंजर साबित हो सकती है.;
What is Assam Orunodoi Scheme: किसी भी चुनाव में सरकार के जरिए लाई गई वेलफेटयर स्कीम्स अकसर गेमचेंजर साबित होती हैं. ज्यादातर स्कीम्स समाज के गरीब तबके को टारगेट करने का काम करती हैं. ऐसी ही असम में ‘ओरुनोदोई’ योजना है. ऐसा मुमकिन है ये योजना सरकार के लिए तुरुप का इक्का साबित हो और असम चुनाव में सीएम हिमंता बिस्वा शर्मा को काफी लाभ देकर जाए.
इस योजना का मकसद राज्य के गरीब परिवारों, खासकर महिलाओं को सीधी आर्थिक सहायता देना है. सरकार का कहना है कि यह योजना सिर्फ राहत नहीं, बल्कि परिवारों की बुनियादी जरूरतों जैसे- दवा और राशन को सुनिश्चित करने की कोशिश है. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या यह योजना आने वाले चुनाव में सियासी समीकरण बदल सकती है, क्योंकि यह कहीं न कहीं गरीब तबके को लाभ पहुंचाती है और सरकार के प्रति उनके विश्वास को बढ़ाने का काम करती है.
क्या है ओरुनोदोई योजना?
‘ओरुनोदोई’ योजना के तहत असम सरकार गरीब परिवारों की नामित महिला के बैंक खाते में हर महीने सीधे पैसे ट्रांसफर करती है. शुरुआत में यह राशि 830 रुपये प्रति परिवार प्रति माह थी, जिसे बढ़ाकर 1000 रुपये कर दिया गया और अब 1200 हर महीने अकाउंट में आते हैं. यह रकम हर महीने की पहली तारीख को डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए दी जाती है.
क्या है इस योजना का मकसद?
योजना का मकसद राज्य के लाखों गरीब परिवारों को आर्थिक सहारा देना है. आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, लगभग 19.10 लाख से लेकर 24 लाख तक गरीब परिवारों को इसका लाभ देने का टारगेट रखा गया था. अगस्त 2020 से नामित महिला के खाते में राशि भेजी जाती है.
किन ज़रूरतों के लिए हैं ये पैसे?
ये पैसे असम सरकार के जरिए दवा (400 रुपये), दाल (200 रुपये), चीनी (80 रुपये), फल-सब्जी (150 रुपये), और दूसरी जरूरतों के लिए है. इस स्कीम का फायदा उन असम के निवासियों को ही मिलता है, जिनके परिवार की सालाना आय 2 लाख रुपये से कम होती है और उनके परिवार में कोई सरकार नौकर नहीं होता है.
क्या इससे असम चुनाव में सरकार को होगा कोई फायद?
ओरुनोदोई योजना सीधे महिलाओं के खाते में पैसा पहुंचाने वाली योजना है, जिससे परिवार की प्राथमिक देखभाल करने वाली महिला को आर्थिक ताकत मिलती है. बड़ी तादाद में परिवारों को इसका लाभ मिलने से यह स्वाभाविक है कि इसका सामाजिक और राजनीतिक प्रभाव भी पड़े. हालांकि, चुनाव में इसका कितना असर होगा, यह कई अन्य मुद्दों और मतदाताओं की प्राथमिकताओं पर भी निर्भर करेगा. फिलहाल इतना तय है कि ‘ओरुनोदोई’ असम सरकार की प्रमुख कल्याणकारी योजनाओं में से एक है, जिसने लाखों परिवारों तक सीधी आर्थिक मदद पहुंचाई है