पूर्वोत्तर भारत की आवाज़ कहे जाने वाले मशहूर सिंगर जुबिन गर्ग की मौत रहस्य लगातार गहराता जा रहा है. 19 सितंबर को सिंगापुर में उनकी संदिग्ध मौत के बाद से उठ रहे सवालों ने अब जांच एजेंसियों को नए मोड़ पर ला खड़ा किया है. CID और SIT इस मामले की परतें खोलने में जुटी हैं.

अब इस मामले में तीन एनआरआई गवाहों के भारत लौटकर बयान दर्ज कराने से मामले में नई हलचल मच गई है. इससे जुबिन गर्ग की मौत की गुत्थी सुलझने की उम्मीद बढ़ गई है. इससे पहले दिल्ली के सेंट्रल फॉरेंसिक साइंस लैब से विसरा रिपोर्ट मिलने के बाद मामले में ठोस दिशा मिली थी.

सिंगापुर से लौटे तीन NRI गवाह

एसआईटी प्रमुख और सीआईडी के स्पेशल डीजीपी मुन्ना प्रसाद गुप्ता ने सोमवार को प्रेस से बात करते हुए बताया कि तीन एनआरआई सिंगापुर से भारत पहुंचे हैं और उन्होंने जांच टीम के सामने अपने बयान दर्ज करा दिए हैं. इन गवाहों में जोलोंगसाट नारजरी, सिद्धार्थ बोरा और परीक्षित शर्मा शामिल है. इन तीनों ने कथित तौर पर जुबीन गर्ग की मौत वाली रात से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य एसआईटी के सामने रखे हैं. हालांकि एसआईटी ने फिलहाल बयान का कंटेंट पब्लिक करने से इनकार किया है.

कोर्ट में पेश पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट होगी

मुन्ना प्रसाद गुप्ता ने यह भी स्पष्ट किया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट मीडिया में जारी नहीं की जाएगी, क्योंकि यह अब न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा है. उन्होंने अपने बयान में कहा कि 'हम पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट सीधे कोर्ट में पेश करेंगे. इसे सार्वजनिक करना संभव नहीं है क्योंकि मामला संवेदनशील है.'

हत्या का आरोप–साजिश की बू?

शुरुआत में जुबीन गर्ग की मौत को स्विमिंग पूल में डूबने की घटना बताया गया था. लेकिन कुछ समय बाद मामला संदिग्ध हो गया. सबसे बड़ा खुलासा तब हुआ जब उनके ही बैंडमेट शेखर ज्योति गोस्वामी ने दावा किया कि जुबीन को ज़हर दिया गया था. यह हत्या है, हादसा नहीं. इस आरोप ने पूरे देश में हलचल मचा दी और असम पुलिस ने तुरंत एसआईटी जांच का आदेश दिया.

सीएम का बयान

असम के मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली के सेंट्रल फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी से विसरा रिपोर्ट मिलने के बाद जांच निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है. सीआईडी को अब मामले में एक निश्चित एंगल मिला है. जल्द ही पूरी सच्चाई अदालत में रखी जाएगी. जुबीन गर्ग की मौत अब केवल एक कलाकार की मौत नहीं रही, यह सच और साजिश की लड़ाई बन चुकी है. सच सामने आने तक देश की निगाहें इस केस पर टिकी रहेंगी.