असम में चुनावी रणनीति को लेकर कांग्रेस Full तैयारी! प्रियंका गांधी ने की वन टू वन मीटिंग- गौरव गोगोई ने बताया पूरा प्लान

असम चुनाव की तैयारियों के बीच प्रियंका गांधी ने 10 जनपथ पर चारों चुनावी समितियों के अध्यक्षों से वन-टू-वन चर्चा की. सीट शेयरिंग, गठबंधन और संगठनात्मक मजबूती पर कांग्रेस ने साफ किया. जीत ही सर्वोच्च प्राथमिकता है.

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असम विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच कांग्रेस ने अपनी रणनीति को धार देने की कवायद तेज कर दी है. इसी क्रम में नई दिल्ली स्थित 10 जनपद पर कांग्रेस की वरिष्ठ नेता प्रियंका गांधी ने असम चुनाव से जुड़ी चारों प्रमुख समितियों के अध्यक्षों के साथ वन-टू-वन बैठक की. इसके अलावा असम प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद गौरव गोगोई भी इस अहम बैठक में मौजूद रहे.

बैठक को आगामी चुनावी रणनीति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. सूत्रों के अनुसार, संगठनात्मक मजबूती, संभावित गठबंधन, सीट बंटवारे और प्रचार अभियान की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा हुई. कांग्रेस नेतृत्व ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि चुनावी मैदान में जीत सर्वोच्च प्राथमिकता होगी.

किन-किन कमेटियों के अध्यक्षों से हुई चर्चा?

प्रियंका गांधी ने असम चुनाव को लेकर गठित चारों समितियों के चेयरमैन से अलग-अलग मुलाकात की. इनमें शामिल रहे-

  • इलेक्शन मैनेजमेंट कमेटी के चेयरमैन Ripun Bora
  • मेनिफेस्टो कमेटी के चेयरमैन Pradyut Bordoloi
  • पब्लिसिटी कमेटी के चेयरमैन Rakibul Hussain
  • कोऑर्डिनेशन कमेटी के चेयरमैन Debabrata Saikia

बैठक में प्रदेश संगठन की जमीनी रिपोर्ट, संभावित उम्मीदवारों के चयन और प्रचार रणनीति पर विस्तार से मंथन हुआ.

क्या सीट शेयरिंग फॉर्मूले पर कांग्रेस ने साफ किया रुख?

असम में संभावित सहयोगी दलों, खासकर Raijor Dal के साथ सीट बंटवारे को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं. पार्टी प्रमुख Akhil Gogoi ने 15 सीटों की मांग को गठबंधन की शर्त बताया है. उन्होंने यहां तक चुनौती दी कि कांग्रेस 100 में से 60 सीटें जीतकर दिखाए.

इस पर गौरव गोगोई ने स्पष्ट संदेश दिया. उन्होंने कहा कि 'ऐसा कुछ नहीं है कि संख्या इतनी ही हो या उतनी ही हो. मेरा मानना है कि समायोजन और त्याग की नीति ज्यादा महत्वपूर्ण है. हम चुनाव कैसे जीतें, यही सबसे बड़ा एजेंडा होना चाहिए और इसके लिए सबको त्याग करना होगा. कांग्रेस पहले ही काफी त्याग कर चुकी है, कई लोग कह रहे हैं कि जितना आवश्यक था उससे भी अधिक त्याग हमने किया है. इसलिए मैं सभी (संभावित सहयोगियों) से आग्रह करता हूं कि वे समायोजन और त्याग की भावना के साथ अंतिम समझौते को पक्का करें.' गोगोई ने संकेत दिया कि गठबंधन की बुनियाद संख्या नहीं, बल्कि ‘समायोजन और त्याग’ का सिद्धांत होगा.

क्या कांग्रेस ने गठबंधन प्रस्ताव ठुकरा दिया है?

फिलहाल कांग्रेस ने सीधे तौर पर किसी भी सीट संख्या को स्वीकार या अस्वीकार करने की घोषणा नहीं की है. लेकिन पार्टी नेतृत्व का रुख साफ है. अंतिम समझौता जीत की रणनीति को ध्यान में रखकर ही होगा. कांग्रेस का कहना है कि सभी संभावित सहयोगियों को लचीलापन दिखाना होगा.

पार्टी छोड़ने और नई एंट्री पर क्या कहा?

बैठक के बाद यह भी संकेत दिए गए कि चुनावी समय में दल-बदल असामान्य नहीं है. एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि एक नेता भाजपा में शामिल हो गए हैं, लेकिन यह चुनावी राजनीति का हिस्सा है. साथ ही यह भी दावा किया गया कि भाजपा के कुछ नेता कांग्रेस के संपर्क में हैं और समय आने पर उन्हें पार्टी में शामिल किया जाएगा.

प्रियंका गांधी के असम दौरे पर क्या बोले गौरव गोगोई?

गौरव गोगोई ने कहा कि 'अभी प्रियंका गांधी दो दिन के असम दौरे पर गई थी. सुबह 10 बजे से लेकर अगले दिन 3:30 बजे तक वे कार्यकर्ताओं से मिली, 35 जिला अध्यक्षों, विधायकों से मिली. आगे कहा कि मैं ये देख रहा था उन्होंने सबका मनोबल बढ़ाया. इसके लिए मैं उनका धन्यवाद करता हूं. आज की बैठक जिला अध्यक्षों, विधायकों के साथ जो उन्होंने बातचीत की उसका जो सारांश निकला उसपर उन्होंने हमारे प्रदेश के CLP नेता, सांसद, पूर्व सभापति से चर्चा की.' गोगोई के अनुसार, प्रियंका गांधी ने जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं से संवाद कर संगठन को ऊर्जा देने का प्रयास किया है.

आगे की रणनीति क्या होगी?

दिल्ली में हुई इस मैराथन बैठक के बाद स्पष्ट है कि कांग्रेस असम चुनाव को लेकर आक्रामक और संगठित रणनीति अपनाने जा रही है. उम्मीदवार चयन, गठबंधन समीकरण और प्रचार अभियान को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है. अब सबकी नजर इस बात पर है कि सीट बंटवारे का फॉर्मूला कब तक तय होता है और कांग्रेस किस तरह विपक्षी खेमे को साधने में सफल होती है.

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