फिल्म अग्निबान में दिखेगा जुबीन गर्ग का आखिरी गाना, एक्टर जतिन बोरा ने शेयर किया भावनात्मक किस्सा

असमिया सिनेमा की बहुप्रतीक्षित फिल्म 'अग्निबान' 6 फरवरी को सिनेमाघरों में दस्तक देने जा रही है. जिसमें जुबीन गर्ग का आखिरी गाना सुनने को मिलने वाला है.;

Jubin Garg

(Image Source:  X/ @kharge )
Edited By :  विशाल पुंडीर
Updated On : 29 Jan 2026 7:20 PM IST

असमिया सिनेमा की बहुप्रतीक्षित फिल्म 'अग्निबान' 6 फरवरी को सिनेमाघरों में दस्तक देने जा रही है. फिल्म के सबसे मार्मिक और चर्चित क्षणों में से एक वह है, जिसमें अभिनेता जतिन बोरा ने असम के जाने-माने गायक जुबीन गर्ग के गीत पर आखिरी बार लिप-सिंक किया. इस गीत ने फिल्म के प्रचार कार्यक्रम के दौरान दर्शकों को भावुक कर दिया.

बुधवार को जोरहाट स्थित दिल्ली पब्लिक स्कूल में आयोजित प्रचार कार्यक्रम में निर्माताओं ने फिल्म का ट्रेलर और जुबीन गर्ग द्वारा गाया गया अंतिम गीत जारी किया. कार्यक्रम में भारी संख्या में दर्शक मौजूद थे और जतिन बोरा ने गीत के प्रदर्शन के दौरान आने वाली चुनौतियों पर खुलकर बात की, जिससे कार्यक्रम का भावुक माहौल बन गया.

जतिन बोरा ने साझा किए खास पल

बोरा ने कहा “जुबीन गर्ग और मैंने 'हिया दिया निया' से अपने साथ सफर शुरू किया था. तब से उनकी आवाज मेरी ऑन-स्क्रीन पहचान का एक अभिन्न हिस्सा बन गई है.” उन्होंने बताया कि यह गीत उनके और जुबीन गर्ग के लंबे संगीत संबंध का प्रतीक है. उन्होंने ने कहा “फिल्म 'अग्निबान' का यह गाना आखिरी बार है जब दर्शक मुझे जुबीन की आवाज़ पर लिप-सिंक करते देखेंगे. शूटिंग के दौरान मुझे भावनाओं को व्यक्त करने में काफी संघर्ष करना पड़ा और अतीत की यादें ताजा हो गईं.”

लिप-सिंक करना थी चुनौती

बोरा ने खुलासा किया कि गीत पर लिप-सिंक करना केवल तकनीकी चुनौती नहीं बल्कि भावनात्मक चुनौती भी थी. उन्होंने कहा “गीतों को भावपूर्ण ढंग से प्रस्तुत करना आसान नहीं था। सेट पर खुद को संभालना मेरे लिए काफी कठिन था. जुबीन ने मुझसे कहा था, 'अंत, अंत नहीं होता; यहीं से कुछ नया शुरू होता है.' इसी प्रेरणा से हमने इस गीत को दर्शकों के सामने प्रस्तुत करने का निर्णय लिया.”

'अग्निबान' का निर्देशन और कलाकार

मृण्मय सैकिया द्वारा निर्देशित और शैलेन कुमार शर्मा द्वारा निर्मित, 'अग्निबान' में जतिन बोरा और प्रीति कोंकण मुख्य भूमिकाओं में हैं. फिल्म पूर्वोत्तर के समकालीन मुद्दों को उजागर करती है, जबकि जुबीन गर्ग का गीत अपनी भावनात्मक और प्रतीकात्मक महत्ता के कारण पहले ही दर्शकों का ध्यान खींच चुका है.

फिल्म में वरिष्ठ अभिनेता कुलदा कुमार भट्टाचार्य अपनी अंतिम भूमिका में नजर आते हैं, जो अग्निबान की भावनात्मक गहराई को और बढ़ाता है. कार्यक्रम में बोलते हुए अभिनेत्री प्रीति कोंकण ने कहा कि फिल्म एक युवा टीम द्वारा संचालित एक नए युग की परियोजना है और विशेष रूप से महिला मुख्य किरदार की मजबूती इसे अलग बनाती है.

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