Shane Warne का मास्टर स्ट्रोक, IPL खेलते हुए कमाए सिर्फ 9 करोड़, अब परिवार को मिल रहे 460 करोड़

राजस्थान रॉयल्स की 1.63 बिलियन डॉलर (करीब 15,290 करोड़ रुपये) में हुई बिक्री ने सभी का ध्यान खींचा है. राजस्थान रॉयल्स की भारी-भरकम बिक्री के बाद शेन वार्न के परिवार को इस डील से करीब 460 करोड़ रुपये (70 मिलियन ऑस्ट्रेलियन डॉलर से अधिक) मिलने की संभावना है.

Shane Warne

(Image Source:  X/ @CricketCentrl )
Edited By :  विशाल पुंडीर
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आईपीएल 2026 सीजन की शुरुआत से पहले फ्रेंचाइजी वैल्यूएशन को लेकर बड़े खुलासे सामने आ रहे हैं. इंडियन प्रीमियर लीग की टीमों की रिकॉर्ड कीमतों पर बिक्री ने क्रिकेट और बिजनेस दोनों जगत में हलचल मचा दी है. खासतौर पर राजस्थान रॉयल्स की 1.63 बिलियन डॉलर (करीब 15,290 करोड़ रुपये) में हुई बिक्री ने सभी का ध्यान खींचा है. राजस्थान रॉयल्स की भारी-भरकम बिक्री के बाद शेन वार्न के परिवार को इस डील से करीब 460 करोड़ रुपये (70 मिलियन ऑस्ट्रेलियन डॉलर से अधिक) मिलने की संभावना है.

लेकिन इस सौदे से भी ज्यादा चर्चा जिस बात की हो रही है, वह है दिवंगत ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज शेन वार्न का वह निवेश, जो आज एक ‘मास्टरस्ट्रोक’ साबित हुआ है. वार्न का यह फैसला न केवल उनकी दूरदर्शिता को दर्शाता है, बल्कि यह भी बताता है कि क्रिकेट से परे उनकी बिजनेस समझ कितनी मजबूत थी.

राजस्थान रॉयल्स में क्या निभाई थी भूमिका?

2006-07 एशेज सीरीज के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद शेन वार्न ने 2008 में आईपीएल के पहले सीजन के साथ वापसी की. उन्होंने राजस्थान रॉयल्स के साथ खिलाड़ी, कप्तान और मेंटर के रूप में जुड़कर एक नई भूमिका निभाई. फ्रेंचाइजी ने उन्हें क्रिकेट संचालन की पूरी जिम्मेदारी सौंपी, जो उस समय बेहद दुर्लभ कदम माना जाता था. वार्न ने इस भरोसे को शानदार तरीके से निभाया. राजस्थान के लिए 4 आईपीएल सीजन खेलकर वार्न ने लगभग 9.35 करोड़ रुपये कमाए थे.

क्या था वार्न का समझौता?

वार्न ने फीस के अलावा फ्रेंचाइजी में हिस्से को लेकर समझौता किया था. रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्हें 657,000 अमेरिकी डॉलर के साथ-साथ हर सीजन के हिसाब से 0.75% हिस्सेदारी दी गई. उन्होंने इस समझौते पर कहा था कि "मेरे समझौते का एक हिस्सा यह था. उन्होंने मुझसे कप्तान, कोच बनने और अपनी इच्छानुसार क्रिकेट टीम चलाने के लिए कहा था. मैं एक संपूर्ण व्यक्ति था."

वार्न ने अपनी कप्तानी में राजस्थान रॉयल्स को पहले ही सीजन में खिताब जिताया. यह जीत आज भी आईपीएल इतिहास की सबसे बड़ी उपलब्धियों में गिनी जाती है. उन्होंने कुल चार सीजन तक टीम के साथ काम किया, जिससे उनकी कुल हिस्सेदारी 3% तक पहुंच गई. साल 2019 में वार्न ने मजाकिया अंदाज में कहा था कि "400 मिलियन अमेरिकी डॉलर का तीन प्रतिशत ठीक है." क्योंकि साल 2019 में राजस्थान रॉयल्स की वैल्यू करीब 400 मिलियन डॉलर थी.

2008 में कितनी थी कीमत?

यह सौदा भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड की मंजूरी के बाद 2026 सीजन के बाद प्रभावी होगा. गौरतलब है कि 2008 में इस टीम को महज 67 मिलियन डॉलर में खरीदा गया था. शेन वार्न का यह निवेश सिर्फ एक आर्थिक सफलता नहीं, बल्कि उनकी दूरदर्शिता का प्रतीक है. साल 2022 में उनके निधन के बाद भी यह विरासत उनके परिवार को लाभ पहुंचा रही है और उन्हें क्रिकेट इतिहास में एक अलग पहचान देती है.

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