'मैं फुटबॉल के खिलाफ नहीं', वायरल बयान पर मैरी कॉम ने तोड़ी चुप्पी, पुरुष समाज से मांगी माफी
Mary Kom ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रही अपनी हालिया टिप्पणियों को लेकर सार्वजनिक रूप से माफी मांगते हुए स्थिति स्पष्ट की है.;
Mary Kom
(Image Source: X/ @MangteC )भारतीय बॉक्सिंग की दिग्गज खिलाड़ी मैरी कॉम ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रही अपनी हालिया टिप्पणियों को लेकर सार्वजनिक रूप से माफी मांगते हुए स्थिति स्पष्ट की है. उन्होंने कहा कि उनके बयानों को गलत संदर्भ में पेश किया गया, जिससे कई लोग भ्रमित हुए और अनावश्यक विवाद खड़ा हो गया.
अपने भावनात्मक बयान में मैरी कॉम ने निजी जीवन से जुड़े मुद्दों, तलाक के बाद की परिस्थितियों और सोशल मीडिया पर फैली गलत धारणाओं पर खुलकर बात की. उन्होंने साफ किया कि उनका इरादा कभी किसी खेल, खिलाड़ी या समुदाय को ठेस पहुंचाने का नहीं था.
वायरल बयानों पर मैरी कॉम की सफाई
मैरी कॉम ने अपनी बात की शुरुआत माफी के साथ करते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर उनके शब्दों को जिस तरह से फैलाया गया, उसने लोगों को भ्रमित कर दिया. उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी शादी शुरू से असफल नहीं थी. कई सालों तक सब कुछ ठीक रहा, लेकिन समय के साथ परिस्थितियां बदलीं और विश्वास पूरी तरह टूट गया.
तलाक और प्रेस विज्ञप्ति पर पहली प्रतिक्रिया
अप्रैल 2025 में अपने तलाक और अपने खिलाफ जारी प्रेस विज्ञप्ति का जिक्र करते हुए मैरी कॉम ने कहा कि इन सब घटनाओं के बावजूद उन्होंने गरिमा और संयम बनाए रखा. उन्होंने जानबूझकर कोई सार्वजनिक या मीडिया बयान नहीं दिया, लेकिन अब उन्हें दुख है कि उनके शब्दों को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया और नकारात्मक रूप से वायरल किया गया.
फुटबॉल के खिलाफ नहीं हैं मैरी कॉम
बॉक्सिंग की इस महान खिलाड़ी ने इस बात पर जोर दिया कि वह युवा फुटबॉल संस्कृति या फुटबॉल जगत के खिलाफ नहीं हैं. उन्होंने कहा "मैं एक बॉक्सर हूं, लेकिन मैं दिल से फुटबॉल से प्यार करती हूं और इसे खेलने का आनंद लेती हूं." उन्होंने साफ किया कि उनकी टिप्पणियों का उद्देश्य किसी भी खेल या खिलाड़ी को निशाना बनाना नहीं था.
खिलाड़ियों को लेकर क्या बोलीं मैरी कॉम
मैरी कॉम ने आगे स्पष्ट किया कि उनकी बात जमीनी स्तर से संघर्ष कर आगे बढ़ने वाले खिलाड़ियों के खिलाफ नहीं थी. उन्होंने कहा कि सुनील छेत्री और बाइचुंग भूटिया जैसे दिग्गज वही बनते हैं, जो कड़ी मेहनत, दृढ़ संकल्प और त्याग के साथ आगे बढ़ते हैं. उन्होंने यह भी बताया कि उनकी टिप्पणियां पूरी तरह व्यक्तिगत अनुभवों और उनके पूर्व साथी के फुटबॉल करियर से जुड़े दावों के संदर्भ में थीं.
दिल से मांगी माफी
अपने बयान से आहत या निराश हुए लोगों, खासकर पुरुष समुदाय के सदस्यों से मैरी कॉम ने हार्दिक माफी मांगी. उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका बयान न तो सभी पुरुषों के लिए था और न ही किसी को अपमानित करने या नीचा दिखाने के उद्देश्य से दिया गया था.
भावनाओं में बहकर आया बयान
मैरी कॉम ने इस पूरे घटनाक्रम को भावनात्मक क्षण बताते हुए कहा कि सालों से दबा दर्द, अवसाद और विश्वासघात की भावना एक साथ बाहर आ गई. उन्होंने लोगों से अपील की कि उनके बयान को किसी उपदेश, विचारधारा या एजेंडा के रूप में न देखा जाए. उन्होंने साफ किया कि वह किसी भी नकारात्मक सोच या कथा को बढ़ावा नहीं देतीं.
देश से समर्थन और प्यार की अपील
अपने संदेश के अंत में मैरी कॉम ने कहा कि यह बयान एक ऐसे व्यक्ति की भावनात्मक अभिव्यक्ति था, जो लंबे समय से पीड़ा सह रहा था. उन्होंने भारत की जनता से लगातार मिल रहे प्यार, आशीर्वाद और समर्थन के लिए आभार जताया और कहा कि वह आगे भी मुक्केबाजी के जरिए देश के लिए योगदान देना और नई उपलब्धियां हासिल करना चाहती हैं.