घर पर मौजूद इन चीजों और बुरी आदतों से बढ़ने लगता है वास्तु दोष, जानिए कारगर उपाय
अक्सर हम अपने घर को सुंदर और आरामदायक बनाने पर ध्यान देते हैं, लेकिन छोटी-छोटी चीजें और रोज़मर्रा की कुछ बुरी आदतें अनजाने में घर में वास्तु दोष बढ़ा देती हैं. वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में रखी कुछ वस्तुएं, गलत दिशा में सामान रखना, गंदगी, टूटी-फूटी चीजें और नकारात्मक सोच भी घर की ऊर्जा को प्रभावित करती हैं. इसका असर पारिवारिक शांति, आर्थिक स्थिति और मानसिक सुकून पर पड़ सकता है.;
घर पर वास्तु दोष होने से व्यक्ति के जीवन में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है. किसी भी घर में वास्तु संबंधी कोई भी दोष होता है तो वहां पर रहने वाले हर एक सदस्यों को आर्थिक तंगी, बीमारी, लड़ाई-झगड़े, मानसिक तनाव और मन में तरह-तरह के नकारात्मक विचारों का सामना करना पड़ता है.
घर का अगर वास्तु ठीक नहीं है या फिर वास्तु संबंधी दोष है तो घर में कलह, धन की हानि होती है. घर के मुख्य द्वार पर वास्तु दोष, रसोई और शौचालय की गलत दिशा और घर पर मौजूद गंदगी या कबाड़ का इकत्रित होना वास्तु दोष के संकेत होते हैं. वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में मौजूद गंदगी, बुरी आदतें और अव्यवस्थाएं धीरे-धीरे वास्तु दोष का कारण बन जाती हैं. आइए जानते हैं किन-किन कारणों से घर में वास्तु दोष बढ़ने लगता है.
घर पर फैली इधर-उधर चीजें
शास्त्रों के अनुसार धन और सुख-समृद्धि की देवी मां लक्ष्मी उन्ही स्थानों पर अपना निवास करती हैं जहां पर साफ-सफाई और अच्छी व्यवस्था होती है. इसके अलावा वास्तु में साफ-सफाई का विशेष ध्यान दिया जाता है. जिन घरों में सामान अस्त व्यस्त और फैला हुआ होता है या फिर चारों तरफ गंदगी होती है वहां पर नगेटिव ऊर्जा होती है. घर के कोनों में कबाड़, टूटे-फूटे सामान और बेकार की चीजों से नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव फैलता है. वास्तु के अनुसार घर की उत्तर-पूर्व की दिशा सबसे पवित्र होती है. ऐसे में यहां गंदगी नहीं होनी चाहिए.
खराब इलेक्ट्रॉनिक आइटम और बंद घड़ियां
वास्तु में बंद घड़ियां या खराब इलेक्ट्रॉनिक चीजों को अच्छा नहीं माना जाता है. इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा के प्रवेश करने में बाधाएं आती हैं. जिन घरों में लंबे समय तक बेकार और बंद घड़ी होती है उनको जीवन में तरक्की रुक जाती है और जीवन में निराशा का भाव आता है.
रसोई और शयन कक्ष में वास्तु दोष
वास्तु शास्त्र में घर में रसोई और शयन कक्ष का विशेष महत्व होता है. यहां पर भी सबसे ज्यादा सकारात्मक ऊर्जा होनी चाहिए. ऐसे में जिन घरों में रसोई में जूठे बर्तन रातभर पड़े रहते हैं या गैस चूल्हे गंदे रहते हैं वहां का आर्थिक असंतुलन खराब हो जाता है. वहीं शयनकक्ष में फैली अव्यवस्था से दांपत्य जीवन और नींद पर नकारात्मक प्रभाव देखने को मिलता है.
घर में पर्याप्त रोशनी का अभाव
जिन घरों में अच्छी रोशनी और हवा का अभाव होता है वहां पर वास्तु संबंधी दोष पैदा होता है. अंधेरे और सीलन भरे स्थान घर के पर मन उदास रहता है और ऊर्जा स्तर कम होने लगता है.
पानी से संबंधित वास्तु दोष
जिन घरों में लगातार नल से पानी टपकता हो या फिर रसोई में किसी तरह की पानी से संबंधित लीकेज आदि हो तो यह वास्तु दोष माना जाता है. इस घर में रहने वाले सदस्यों को धन हानि होती है और मानसिक और आर्थिक अस्थिरता का बोझ रहता है.
प्रवेश द्वार
घर का मुख्य द्वार सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होता है. ऐसे में जिन घर के मुख्य द्वार के सामने जूते-चप्पलों का ढेर, कूड़ादान या भारी सामान रखा होता है वहां पर नकारात्मक ऊर्जा होती है. इससे शुभ ऊर्जा का प्रवेश नहीं होता है. इस तरह क वास्त दोष व्यक्ति के जीवन में रुकावट और कार्यों में बाधा का कारण बन सकती है.