खराब नींद से लेकर डाइजेशन तक, बेड पर खाने से आप हो सकते हैं बीमार! जानें इस आदत से होने वाले नुकसान

आजकल कई लोग आराम या आलस की वजह से बेड पर बैठकर खाना खाने की आदत बना लेते हैं. खासकर मोबाइल देखते हुए या टीवी के सामने बेड पर खाना अब आम बात हो गई है. लेकिन यह आदत जितनी सुविधाजनक लगती है, उतनी ही नुकसानदेह भी हो सकती है. बेड पर खाना न सिर्फ साफ-सफाई से जुड़ी परेशानियां बढ़ाता है, बल्कि पाचन, नींद और सेहत पर भी बुरा असर डाल सकता है.;

( Image Source:  AI SORA )
Edited By :  हेमा पंत
Updated On : 20 Jan 2026 12:22 PM IST

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग सहूलियत के नाम पर ऐसी आदतें अपना रहे हैं, जो धीरे-धीरे सेहत को नुकसान पहुंचा रही हैं. बेड पर बैठकर खाना भी उन्हीं आदतों में से एक है. पहली नजर में यह कंफर्टेबल लग सकता है, लेकिन इसके पीछे छिपे नुकसान अक्सर नजरअंदाज कर दिए जाते हैं.

एक्सपर्ट के मुताबिक, बिस्तर पर खाना खाने से न सिर्फ नींद की क्वालिटी पर असर पड़ता है, बल्कि डाइजेशन भी खराब होता है. यही वजह है कि बेड पर खाने की आदत को समय रहते बदलना बेहद जरूरी माना जाता है. चलिए जानते हैं क्यों बेड पर खाना नहीं खाना चाहिए. 

डाइजेशन पर पड़ता है बुरा असर

बेड पर खाना खाते समय शरीर अक्सर आधी लेटी हुई पोजिशन में होता है. इस पोजिशन में डाइजेशन सिस्टम सही तरीके से काम नहीं कर पाता. इससे पेट भारी लगना, गैस, एसिडिटी और सीने में जलन जैसी समस्याएं हो सकती हैं. खाना हमेशा सीधा बैठकर करने से डाइजेशन बेहतर रहता है और शरीर को न्यूट्रिशन सही ढंग से मिलता है.

नींद की क्वालिटी हो सकती है खराब

बेड को अगर खाने-पीने और दूसरी एक्टिविटीज से जोड़ दिया जाए, तो दिमाग उसे आराम और नींद की जगह के तौर पर पहचानना बंद कर सकता है. इससे नींद आने में दिक्कत होती है और स्लीप साइकल भी बिगड़ सकता है. अच्छी नींद के लिए जरूरी है कि बेड को सिर्फ आराम और सोने से जोड़ा जाए.

सांस लेने में तकलीफ

अगर आप बेड पर बैठकर खाना खाते हैं, तो इस आदत को बदल दें. बिस्तर पर बिखरे खाने के छोटे-छोटे पार्टिकल्स सांस के जरिए शरीर में जा सकते हैं. यह खासतौर पर एलर्जी या अस्थमा से पीड़ित लोगों के लिए नुकसानदेह हो सकता है. ऐसे कण सांस की नली में जाकर खांसी, एलर्जिक रिएक्शन या सांस लेने में तकलीफ पैदा कर सकते हैं.

साफ-सफाई और हाइजीन का सवाल

अगर बिस्तर पर रोजाना खाना खाया जाए, तो वहां बैक्टीरिया और फंगस पनपने का खतरा बढ़ जाता है. समय के साथ बेड की जगह अस्वस्थ वातावरण में बदल सकती है. बेड को केवल सोने के लिए इस्तेमाल करना और उसे साफ रखना अच्छी हाइजीन बनाए रखने में मदद करता है.

बेड पर बैठकर खाना खाने की आदत भले ही आरामदेह लगे, लेकिन यह धीरे-धीरे सेहत और नींद दोनों को नुकसान पहुंचा सकती है. बेहतर यही है कि खाने के लिए एक तय जगह और सही बैठने की आदत अपनाई जाए, ताकि बॉडी हेल्दी और लाइफस्टाइल बैलें, रहे.

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