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‘सानू नहर वाले पुल’ से ‘हम तेरे प्यार में’ गाने तक, Gen Z को क्यों पसंद आ रहे हैं पुराने सॉन्ग्स?

आज की तेज़ रफ्तार, फ़िल्टर और ट्रेंड्स से भरी डिजिटल दुनिया में एक दिलचस्प बदलाव दिख रहा है. Gen Z, जिसे अक्सर इंस्टेंट रील्स और शॉर्ट अटेंशन स्पैन से जोड़ा जाता है, वह अचानक पुराने गानों की तरफ लौट रही है. वजह सिर्फ़ नॉस्टैल्जिया नहीं है, बल्कि उन गानों में छुपी सादगी, अधूरी मोहब्बत और चुपचाप सहने वाला दर्द है-जो आज के रिश्तों से कहीं ज़्यादा मेल खाता है.

‘सानू नहर वाले पुल’ से ‘हम तेरे प्यार में’ गाने तक, Gen Z को क्यों पसंद आ रहे हैं पुराने सॉन्ग्स?
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( Image Source:  instagram-@shilparao and @jasirshahbaz )
हेमा पंत
Edited By: हेमा पंत

Updated on: 16 Jan 2026 4:31 PM IST

‘सानू नहर वाले पुल’ से लेकर ‘हम तेरे प्यार में’ जैसे गानों तक, इन दिनों सोशल मीडिया पर पुराने सॉन्ग्स की जबरदस्त वापसी देखने को मिल रही है. इंस्टाग्राम रील्स, यूट्यूब शॉर्ट्स और स्टोरीज़ में हर दूसरा यूज़र किसी न किसी क्लासिक गाने को अपनी फीलिंग्स का ज़रिया बना रहा है.

कभी इंतज़ार की खामोशी, कभी अधूरे प्यार का दर्द- आखिर ये पुराने बोल आज की Gen Z की स्टेट से इस कदर मेल खा रहे हैं कि नए गानों के बीच ये क्लासिक्स ट्रेंड करने लगे हैं. लेकिन क्यों, चलिए जानते हैं इसका जवाब.

‘सानू नहर वाले पुल’

‘सानू नहर वाले पुल’ सिर्फ़ एक लाइन नहीं, बल्कि एक एहसास है. ऊपर से यह किसी को पुल पर बुलाने की बात लगती है, लेकिन अंदर झांकें तो यह उस प्रेम की कहानी कहती है जिसमें वादे किए जाते हैं और फिर अधूरे छोड़ दिए जाते हैं. बुलाना और फिर गायब हो जाना, प्यार जताना लेकिन साथ न निभाना Gen Z को यह इसलिए छूता है क्योंकि आज के रिश्तों में यही असमंजस सबसे आम है.

‘हम तेरे प्यार में’-दीवानगी के बाद की तन्हाई

यह गाना उस मोड़ को दिखाता है, जहां एक इंसान पूरी दुनिया भुलाकर किसी एक के लिए जीने लगता है. फिर वही शख्स शांति से कह देता है- अब बात नहीं कर सकते, ज़िंदगी में परेशानियां हैं. Gen Z इस दर्द को पहचानती है, क्योंकि आज भी लोग आपको अपना सब कुछ बनाकर अचानक दूरी बना लेते हैं.

उनको भी हमसे मोहब्बत हो

हाल ही में हर रील और पोस्ट पर 'उनको भी हमसे मोहब्बत हो' गाना सुनाई दिया. उनको भी हमसे मोहब्बत हो जरूरी तो नहीं, एक सी दोनों की हालत हो, जरूरी तो नहीं. यह गाना GEN Z की पसंद बन चुका है. यह सॉन्ग एक तरफा मोहब्बत को बयां करता है.

दिल का रिश्ता

यह गाना एक ऐसे रिश्ते की बात करता है जो नाम, परिभाषा या दुनिया की मंज़ूरी से परे होता है. इसमें प्यार को किसी सौदे या समझौते की तरह नहीं, बल्कि एक स्वाभाविक एहसास की तरह दिखाया गया है. “कितना पागल ये दिल हमारा है” पंक्ति उस बेखौफ दीवानगी को बयान करती है, जिसमें इंसान न फायदे सोचता है, न नुकसान. दिल बस मान लेता है, भरोसा कर लेता है और खुद को पूरी तरह किसी और के हवाले कर देता है. यह पागलपन नासमझी नहीं, बल्कि उस सच्चे प्यार की निशानी है जो तर्क से नहीं, भावना से चलता है.

‘दिल ढूंढता है’-ठहराव की तलाश

इस गाने में भागती ज़िंदगी के बीच ठहरने की चाह है. आज जब सब कुछ फास्ट है, Gen Z उन पंक्तियों में सुकून ढूंढती है जो कहती हैं कि कभी-कभी रुकना भी ज़रूरी है, किसी के साथ, किसी एहसास के साथ.

आखिर Gen Z पुराने गानों से क्यों जुड़ रही है?

क्योंकि इन गानों में दिखावा नहीं है. यहाँ प्यार चुप है, दर्द सलीके से है और भावनाएं बिना फ़िल्टर के हैं. शायद यही वजह है कि आज की पीढ़ी, जो सब कुछ कह देने के बावजूद बहुत कुछ अधूरा महसूस करती है, पुराने गानों में अपना पूरा सच ढूंढ रही है.

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