सुबह पीते हैं शहद-नींबू पानी तो हो जाएं सावधान, फायदे की जगह हो सकता है नुकसान, जानें कैसे
सुबह खाली पेट गर्म पानी में नींबू और शहद मिलाकर पीना कई लोग हेल्दी आदत मानते हैं. माना जाता है कि यह ड्रिंक कई तरह की समस्याओं को कम करता है, लेकिन हर किसी के लिए यह मिश्रण फायदेमंद हो, ऐसा जरूरी नहीं.;
किसे नहीं पीना चाहिए नींबू-शहद का पानी
(Image Source: AI SORA )सुबह खाली पेट गर्म पानी में शहद और नींबू मिलाकर पीना कई लोगों की रोज़मर्रा की आदत बन चुका है. इसे डिटॉक्स, वेट लॉस और डाइजेशन सुधारने वाला हेल्दी ड्रिंक माना जाता है. लेकिन हर शरीर की जरूरतें अलग होती हैं, और यही वजह है कि यह मिश्रण कुछ लोगों के लिए फायदेमंद होने के बजाय परेशानी भी खड़ी कर सकता है.
अगर आप भी रोज़ाना यह ड्रिंक पीते हैं, तो थोड़ा सतर्क हो जाना जरूरी है. कुछ खास समस्या से जूझ रहे लोगों को ये ड्रिंक नहीं पीना चाहिए. चलिए जानते हैं इस बारे में.
किडनी स्टोन के मरीज रहें सतर्क
किडनी स्टोन से जूझ रहे लोगों के लिए यह कॉम्बिनेशन सही नहीं माना जाता है. दरअसल नींबू में पाया जाने वाला तत्व साइट्रिक एसिड शरीर में कैल्शियम ऑक्सलेट जैसे मिनरल के लेवल को बढ़ा सकता है. इसके कारण किडनी स्टोन की समस्या बढ़ सकती है.
गैस्ट्रिक अल्सर वाले न पीएं
अगर आपको गैस्ट्रिक अल्सर की परेशानी है, तो सुबह पानी में नींबू और शहद मिलाकर पीने से बचें. गैस्ट्रिक अल्सर में पेट की अंदरूनी परत पर घाव बन जाते हैं. नींबू के कारण इन छालों में जलन हो सकती है. साथ ही, शहद गर्म होता है, ऐसे में कंडीशन ज्यादा बिगड़ सकती है.
दांतों के इनेमल पर असर
सुबह यह पानी पीने से दांतों पर भी असर पड़ता है. नींबू का एसिड दांतों की ऊपरी परत, यानी इनेमल, को कमजोर कर सकता है. रोज़ाना इसे पीने से दांतों में सेंसिटिविटी ज्यादा हो जाती है.खासकर अगर पीने के बाद मुंह साफ न किया जाए.
एसिड रिफ्लक्स
एसिड रिफ्लक्स में पेट का एसिड ऊपर की ओर आने लगता है, जिससे जलन और खट्टा स्वाद महसूस होता है.नींबू में मौजूद साइट्रिक एसिड पेट की अम्लता बढ़ा सकता है, जिससे यह समस्या और तीव्र हो सकती है. ऐसे लोगों को इस ड्रिंक से सावधान रहना चाहिए. इस बात का ध्यान रखें कि हर फेमस घरेलू नुस्खा हर किसी के लिए सेफ नहीं होता. अगर आपको एसिडिटी, अल्सर, किडनी स्टोन या दांतों की समस्या है, तो गर्म पानी में नींबू और शहद लेने से पहले सावधानी बरतना जरूरी है.अपनी सेहत के अनुसार आदतें चुनना ही बेहतर रहता है.