थकान भगाने का दावा, लेकिन खतरा बड़ा! युवाओं के लिए कैसे नई 'सिगरेट' बन रही है Energy Drink?
Side Effects of Energy drink: युवाओं में एनर्जी ड्रिंक पीने का कल्चर तेज़ी से बढ़ रहा है. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या इसे पीना सेफ है और क्या इसकी लत लग सकती है? इस आर्टिकल में हम आपको इन्हीं सवालों के जवाब आसान अंदाज़ में देने वाले हैं.
Side Effects of Energy Drink: परीक्षा की तैयारी हो, देर रात तक गेमिंग करनी हो, जिम में ज्यादा एनर्जी चाहिए हो या फिर लंबे समय तक जागकर काम करना हो आज की युवा पीढ़ी के हाथ में एक चीज तेजी से आम होती जा रही है, वह है एनर्जी ड्रिंक. रंग-बिरंगे कैन, आकर्षक विज्ञापन और इंस्टेंट एनर्जी का वादा करने वाले ये पेय अब कॉलेज कैंपस से लेकर जिम और ऑफिस तक हर जगह दिखाई देते हैं.
लेकिन सवाल यह है कि क्या सच में ये पेय उतने ही सुरक्षित हैं जितना इन्हें दिखाया जाता है? दुनिया भर में कई स्वास्थ्य विशेषज्ञ और शोधकर्ता चेतावनी दे रहे हैं कि एनर्जी ड्रिंक में मौजूद अत्यधिक कैफीन, चीनी और अन्य उत्तेजक पदार्थ युवाओं के स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल सकते हैं.
एनर्जी ड्रिंक पीने के नुकसान के बारे में क्या कहती हैं स्टडीज़?
कुछ अध्ययनों में यह भी सामने आया है कि इनका अत्यधिक सेवन नींद की समस्या, दिल की धड़कन तेज होने, चिंता, ब्लड प्रेशर बढ़ने और मानसिक स्वास्थ्य पर असर से जुड़ा हो सकता है. यही वजह है कि कई डॉक्टर और सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ अब यह सवाल उठा रहे हैं कि क्या एनर्जी ड्रिंक युवाओं के लिए एक नया “सिगरेट” बनता जा रहा है?
इस मसले को लेकर हमने Dr Shrey Srivastava (Senior consultant- Internal Medicine,Sharda Hospital) से बात की उन्होंने हमें बताया कि एनर्जी ड्रिंक क्या हैं, इनमें क्या होता है, युवाओं में ये क्यों लोकप्रिय हैं, और इनके संभावित स्वास्थ्य जोखिम क्या हैं?
एनर्जी ड्रिंक क्या होते हैं?
एनर्जी ड्रिंक ऐसे पेय पदार्थ होते हैं जिन्हें खास तौर पर ऊर्जा बढ़ाने, थकान कम करने और सतर्कता (alertness) बढ़ाने के दावे के साथ बाजार में उतारा जाता है. इनमें आमतौर पर कैफीन, चीनी या ऑप्शनल स्वीटनर, टॉरिन, गुआराना, बी-विटामिन और जिनसेंग जैसे तत्व मिलते हैं. इनका उद्देश्य शरीर और दिमाग को अस्थायी रूप से ज्यादा सक्रिय महसूस कराना होता है.
युवाओं में क्यों बढ़ रही है एनर्जी ड्रिंक की लोकप्रियता?
1. मार्केटिंग और विज्ञापन
एनर्जी ड्रिंक कंपनियां अपने विज्ञापनों में अक्सर इन्हें स्पोर्ट्स, एडवेंचर और हाई परफॉर्मेंस से जोड़कर पेश करती हैं. अक्सर विज्ञापनों में यह संदेश दिया जाता है कि ये पेय थकान मिटाते हैं, फोकस बढ़ाते हैं और खेल प्रदर्शन बेहतर करते हैं. इससे युवाओं में इनकी छवि “कूल” और “पावरफुल” पेय के रूप में बनती है.
2. पढ़ाई और देर रात तक जागना
कॉलेज और स्कूल के छात्रों में देर रात तक पढ़ाई या असाइनमेंट पूरा करने के लिए एनर्जी ड्रिंक का इस्तेमाल बढ़ रहा है.कुछ सर्वे बताते हैं कि कई छात्र इन्हें नींद को दबाने और जागे रहने के लिए पीते हैं.
3. गेमिंग और डिजिटल लाइफस्टाइल
ऑनलाइन गेमिंग और ई-स्पोर्ट्स के बढ़ते चलन के साथ भी इन पेयों का इस्तेमाल बढ़ा है. कई गेमर्स मानते हैं कि इससे उन्हें लंबे समय तक सतर्क रहने में मदद मिलती है.
4. जिम और फिटनेस कल्चर
कुछ लोग जिम से पहले इन्हें प्रि-वर्कआउट ड्रिंक की तरह लेते हैं. लांकि डॉक्टरों का कहना है किज्यादा कैफीन शरीर पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है.
एक दिन में कितना कैफीन लेना चाहिए?
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और कई स्वास्थ्य एजेंसियों के अनुसार वयस्कों के लिए रोजाना गभग 400 mg तक कैफीन सुरक्षित सीमा मानी जाती है. हालांकि, ये हर इंसान के लिए अलग-अलग लेवल पर निर्भर करती है. कई लोगों को 200 mg में भी नींद न आने की समस्या और पेट खराब होने लगता है.
एनर्जी ड्रिंक पीने के नुकसान क्या हैं?
दुनिया भर में कई शोधों में एनर्जी ड्रिंक के स्वास्थ्य प्रभावों का अध्ययन किया गया है.
1. नींद पर असर
कई अध्ययनों में पाया गया है कि ज्यादा कैफीन नींद की गुणवत्ता खराब कर सकता है. सकर किशोर और युवा अगर शाम या रात में एनर्जी ड्रिंक लेते हैं तो नींद में देर लग सकती है और नींद कम हो सकती है.
2. दिल की धड़कन और ब्लड प्रेशर
कुछ शोधों में पाया गया है कि एनर्जी ड्रिंक का सेवन दिल की धड़कन बढ़ा सकता है और साथ ही ब्लड प्रेशर बढ़ा सकता है. हालांकि यह असर हर व्यक्ति में अलग-अलग हो सकता है.
3. चिंता और घबराहट
अत्यधिक कैफीन लेने से कुछ लोगों में घबराहट, बेचैनी और चिंता के भी लक्षण दिख सकते हैं.
4. किशोरों पर विशेष प्रभाव
अमेरिकन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स का कहना है कि किशोरों को एनर्जी ड्रिंक से बचना चाहिए, क्योंकि उनमें कैफीन और अन्य उत्तेजक पदार्थ ज्यादा होते हैं. इसे पीने से कम उम्र के बच्चों में हार्ट संबंधी समस्या हो सकती है और इसके सात ही हार्मोनल डिसरप्शन की भी समस्या हो सकती है.
कैफीन के अलावा और कैसे नुकसान देती है एनर्जी ड्रिंक?
कई एनर्जी ड्रिंक में चीनी की मात्रा बहुत अधिक होती है. एक कैन में अक्सर 25–30 ग्राम या उससे अधिक चीनी हो सकती है. ज्यादा चीनी खाने से मोटापा, टाइप 2 डायबिटीज और दातों की समस्या हो सकती है.
क्या एनर्जी ड्रिंक सच में प्रदर्शन बढ़ाती है?
कुछ अध्ययनों में पाया गया है कि कैफीन अल्प समय के लिए सतर्कता और ध्यान बढ़ा सकता है. लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि यह लंबे समय के लिए सुरक्षित समाधान है. विशेषज्ञों के अनुसार शरीर को असली ऊर्जा आराम और संतुलित भोजन से मिलती है, ऐसे में एनर्जी ड्रिंक का इस्तेमाल उचित नहीं है.
एनर्जी ड्रिंक और शराब का मिश्रण के घातक है?
कुछ युवाओं में एनर्जी ड्रिंक को शराब के साथ मिलाकर पीने का चलन भी देखा गया है. स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार यह संयोजन जोखिम भरा हो सकता है क्योंकि कैफीन शराब के नशे का एहसास कम कर सकता है. इससे व्यक्ति ज्यादा शराब पी सकता है. इसके साथी ही शराब की वजह से शरीर में पानी की कमी होती है और यही काम कैफीन भी करता है. अधिक मात्रा में कैफीन से बार-बार पेशाब आता है.
क्या एनर्जी ड्रिंक सच में “नया सिगरेट” हैं?
कुछ सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ इस तुलना का इस्तेमाल ध्यान आकर्षित करने के लिए करते हैं, लेकिन दोनों पूरी तरह समान नहीं हैं. तुलना क्यों की जाती है? दोनों का प्रचार युवाओं को लक्ष्य बनाकर किया जाता है और दोनों के स्वास्थ्य प्रभावों पर चिंता जताई जाती है. लेकिन महत्वपूर्ण बात यह है कि एनर्जी ड्रिंक का सीमित सेवन और सिगरेट पीना एक जैसी चीज नहीं है. हालांकि इसकी लत ऐसी ही है जैसे सिगरेट पीने वाले को होती है. एक वक्त बाद आदमी इसका इतना आदी हो जाता है कि वह जब तक कैफीनेटेड ड्रिंक न पिए तब तक उसे सुकून नहीं आता है और वह लो फील करता रहता है.
दुनिया भर में एनर्जी ड्रिंक को लेकर कई तरह के नियम सेट किए गए हैं. कुछ देशों में स्कूलों में इनकी बिक्री सीमित है. कई जगह कैन पर कैफीन की चेतावनी लिखना जरूरी है और कुछ देशों में किशोरों को बिक्री पर बहस चल रही है.
एनर्जी ड्रिंक पीते वक्त क्या सावधानी बरतें?
- दिन में एक से अधिक कैन से बचें
- देर रात सेवन न करें
- बच्चों और किशोरों को न दें
- शराब के साथ न मिलाएं
- यदि दिल या ब्लड प्रेशर की समस्या हो तो डॉक्टर से सलाह लें
- इसे पीने का कोई बहाना मन में न बनाएं. मिसाल के तौर पर जब तर मैं इसे नहीं लेता हूं तब तक मुझसे एक्सरसाइज नहीं होती है या फिर पढ़ाई नहीं होती है. ऐसा करने से दिमागी तौर पर आप इसके आदी हो सकते हैं.
एनर्जी ड्रिंक के और क्या ऑप्शन्स हो सकते हैं?
- पर्याप्त नींद
- संतुलित आहार
- पानी
- नारियल पानी
- फल
- हल्की कॉफी या ग्रीन टी