यहां के लोग रोटी के साथ खाते हैं मिट्टी, बनती है सैंड से स्पेशल डिश, जानें इस जगह के अनोखे तरीके के बारे में

दुनिया में खाने-पीने की कई अजीब परंपराएं देखने को मिलती हैं, लेकिन एक ऐसी जगह भी है जहां लोग रोटी या ब्रेड के साथ मिट्टी खाते हैं. सुनने में यह बात भले ही हैरान करने वाली लगे, लेकिन यहां की लाल सैंड से एक खास डिश तैयार की जाती है, जिसे स्थानीय लोग बड़े चाव से खाते हैं.

( Image Source:  AI SORA )
Edited By :  हेमा पंत
Updated On : 14 March 2026 7:07 PM IST

सोचिए अगर कोई आपसे कहे कि कहीं लोग रोटी या ब्रेड के साथ मिट्टी खाते हैं, तो शायद आपको यह मजाक लगे. आमतौर पर हमें बचपन से सिखाया जाता है कि मिट्टी खाना सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है. लेकिन दुनिया में एक ऐसी जगह भी है, जहां की मिट्टी सिर्फ देखने में ही नहीं, बल्कि खाने में भी इस्तेमाल की जाती है.

इस अनोखी परंपरा के पीछे दिलचस्प वजह छिपी है और यही कारण है कि यह जगह आज दुनिया के सबसे अलग और रहस्यमयी टूरिस्ट स्पॉट में गिना जाता है.

कहां है ये जगह?

यह अनोखी जगह है होर्मुज द्वीप, जो फारस की खाड़ी में है. इस द्वीप को अक्सर “रेनबो आइलैंड” भी कहा जाता है, क्योंकि यहां की जमीन कई अलग-अलग रंगों में नजर आती है. लेकिन इसकी सबसे चौंकाने वाली खासियत है यहां की लाल मिट्टी, जिसे स्थानीय लोग खाने में भी इस्तेमाल करते हैं.

खाने में डाली जाती है मिट्टी

हॉर्मुज द्वीप की लाल मिट्टी को स्थानीय भाषा में गेलक कहा जाता है. इस मिट्टी का इस्तेमाल सिर्फ रंग या कॉस्मेटिक बनाने में ही नहीं, बल्कि खाने में भी किया जाता है. दक्षिणी ईरान के कुछ इलाकों में इस मिट्टी को पीसकर थोड़ा-सा खाने में मिलाया जाता है, जिससे खाने को खास रंग और स्वाद मिलता है.

रोटी और ब्रेड के साथ खाई जाती है मिट्टी

यहां के बाजारों और घरों में एक खास डिश भी मिलती है जिसे टोमशी कहा जाता है. यह अंडे और चीज से बनी पतली रोटी जैसी डिश होती है. इसके ऊपर थोड़ी-सी लाल मिट्टी छिड़की जाती है, जिससे इसका रंग और स्वाद दोनों अलग हो जाते हैं. मिट्टी खाने की इस परंपरा को जियोफैगी कहा जाता है, जो दुनिया के कुछ हिस्सों में पुराने समय से चली आ रही है. 

क्या मिट्टी खाई जा सकती है?

असल में इस मिट्टी की खास बात यह है कि इसमें काफी मात्रा में खनिज तत्व मौजूद होते हैं. कई रिपोर्टों के अनुसार यहां की मिट्टी में आयरन सहित करीब 70 तरह के मिनरल्स पाए जाते हैं, जो इसे बाकी जगहों की मिट्टी से अलग बनाते हैं.

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